चंद्रबाबू नायडू और सुनील भारती मित्तल की मुलाकात, आंध्र प्रदेश के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर हुई अहम चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने रविवार, 28 जून को अमरावती स्थित मुख्यमंत्री आवास पर भारती एंटरप्राइजेज के संस्थापक एवं चेयरमैन सुनील भारती मित्तल से मुलाकात की। इस बैठक में राज्य की डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने और आम नागरिकों तक बेहतर कनेक्टिविटी पहुँचाने के उपायों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।
बैठक में क्या हुई चर्चा
मुख्यमंत्री नायडू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस बैठक की जानकारी साझा करते हुए बताया कि दोनों के बीच 'सार्थक और सकारात्मक' बातचीत हुई। उन्होंने लिखा, 'हमने आंध्र प्रदेश की डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और लोगों तक बेहतर कनेक्टिविटी पहुँचाने पर चर्चा की।'
बातचीत में मुख्य रूप से चार बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया — अंतिम छोर तक इंटरनेट और मोबाइल टावर कनेक्टिविटी का विस्तार, डेटा सेंटर में निवेश को प्रोत्साहन, समुद्र के नीचे इंटरनेट केबल लैंडिंग स्टेशन की स्थापना, और मोबाइल सेवा प्रदाताओं के लिए कारोबार सुगमता में सुधार। हालाँकि, दोनों के बीच हुई बातचीत का विस्तृत ब्यौरा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है और राज्य सरकार की ओर से आधिकारिक बयान बाद में जारी किए जाने की संभावना है।
विशाखापत्तनम में गूगल एआई डेटा सेंटर से जुड़ाव
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारती एयरटेल की डेटा सेंटर इकाई एयरटेल एनएक्स्ट्रा, विशाखापत्तनम में निर्माणाधीन गूगल एआई डेटा सेंटर परियोजना की साझेदार कंपनियों में शामिल है। करीब 15 अरब डॉलर के निवेश वाली इस परियोजना में स्वच्छ ऊर्जा से संचालित 1 गीगावाट क्षमता के डेटा सेंटर विकसित किए जाएंगे, जिन्हें एक मजबूत समुद्री केबल नेटवर्क का भी समर्थन मिलेगा।
इस परियोजना की आधारशिला 28 अप्रैल को रखी गई थी, जब मुख्यमंत्री नायडू ने केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ मिलकर गूगल क्लाउड इंडिया एआई हब का शिलान्यास किया था। यह परियोजना लगभग 600 एकड़ भूमि पर विकसित की जाएगी।
सितंबर 2028 का लक्ष्य
मुख्यमंत्री नायडू ने गूगल और उसकी साझेदार कंपनियों से इस परियोजना को सितंबर 2028 तक पूरा करने का आग्रह किया है, ताकि समय पर इसका उद्घाटन किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया था कि राज्य सरकार इस डेटा सेंटर का उपयोग शासन की कार्यक्षमता और 'स्पीड ऑफ गवर्नेंस' को बढ़ाने के लिए करेगी, जिससे नागरिकों को तेज और बेहतर सरकारी सेवाएँ मिल सकें।
आम जनता पर असर
गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश के ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में अभी भी इंटरनेट और मोबाइल कनेक्टिविटी की कमी एक बड़ी चुनौती है। अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी विस्तार की योजना यदि क्रियान्वित होती है, तो इससे डिजिटल सेवाओं, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुँच में उल्लेखनीय सुधार आ सकता है। आने वाले हफ्तों में राज्य सरकार और भारती एंटरप्राइजेज के बीच इस दिशा में ठोस समझौतों की घोषणा संभव है।