29 जुलाई 2026
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चंद्रबाबू नायडू का ताइवानी निवेशकों से वादा: नीति स्थिरता, त्वरित मंजूरी और पूर्ण सहयोग

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चंद्रबाबू नायडू का ताइवानी निवेशकों से वादा: नीति स्थिरता, त्वरित मंजूरी और पूर्ण सहयोग

सारांश

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने ताइवानी उद्योग प्रतिनिधिमंडल को नीति स्थिरता और त्वरित मंजूरी का भरोसा दिया। सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और कौशल विकास में साझेदारी की नींव रखी गई — यह आंध्र प्रदेश की वैश्विक विनिर्माण मानचित्र पर जगह बनाने की बड़ी कोशिश है।

मुख्य बातें

चंद्रबाबू नायडू ने 29 जुलाई को अमरावती में ताइवान के उच्चस्तरीय उद्योग प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की।
सरकार ने निवेशकों को नीति स्थिरता , त्वरित परियोजना मंजूरी और हरसंभव सहयोग देने की प्रतिबद्धता जताई।
फोकस क्षेत्र: इलेक्ट्रॉनिक्स , सेमीकंडक्टर , आईटी , उन्नत विनिर्माण और निर्यात-उन्मुख उद्योग ।
मंत्री नारा लोकेश ने प्रतिनिधिमंडल के साथ कौशल प्रशिक्षण , मंदारिन भाषा प्रशिक्षण और शैक्षणिक सहयोग पर अलग बैठक की।
दोनों पक्षों ने संयुक्त शोध , इंटर्नशिप और छात्र-शिक्षक आदान-प्रदान कार्यक्रमों पर सहमति जताई।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार, 29 जुलाई को अमरावती में ताइवान की प्रमुख कंपनियों और उद्योग प्रतिनिधियों के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और स्पष्ट किया कि उनकी सरकार निवेशकों को नीति में स्थिरता, परियोजनाओं के लिए त्वरित मंजूरी और हरसंभव सहयोग देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह बैठक निवेश, उन्नत विनिर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में आंध्र प्रदेश-ताइवान सहयोग को नई दिशा देने के उद्देश्य से आयोजित की गई।

बैठक में क्या प्रस्तुत किया गया

आंध्र प्रदेश सरकार ने प्रतिनिधिमंडल के सामने राज्य की निवेशक-अनुकूल नीतियाँ, विश्वस्तरीय बुनियादी ढाँचा, मजबूत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और तेज़ी से विकसित होते विनिर्माण इकोसिस्टम को विस्तार से प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री नायडू ने इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), उन्नत विनिर्माण और निर्यात-उन्मुख उद्योगों को बढ़ावा देने को राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकता बताया।

आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, ताइवानी उद्योग प्रतिनिधियों ने भारत में अपने निवेश अनुभव साझा किए और आंध्र प्रदेश में निवेश विस्तार की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। दोनों पक्षों ने विनिर्माण, प्रौद्योगिकी और औद्योगिक विकास के क्षेत्रों में संस्थागत सहयोग को और मज़बूत करने पर सहमति जताई।

नारा लोकेश की कौशल विकास बैठक

मुख्यमंत्री के साथ बैठक के बाद राज्य के मानव संसाधन विकास, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार तथा आरटीजीएस मंत्री नारा लोकेश ने प्रतिनिधिमंडल के साथ एक अलग विशेष बैठक की। इस बैठक में कार्यबल विकास, कौशल प्रशिक्षण और शैक्षणिक सहयोग पर केंद्रित चर्चा हुई।

बैठक में आंध्र प्रदेश के युवाओं को ताइवान के तेज़ी से बढ़ते विनिर्माण और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में रोज़गार के लिए तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया। इसके लिए उद्योग की जरूरतों के अनुरूप कौशल विकास, तकनीकी प्रशिक्षण और उच्च शिक्षा साझेदारी को बढ़ावा देने पर सहमति बनी।

किन क्षेत्रों में सहयोग की संभावना

चर्चा के दौरान इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर विनिर्माण, प्रिसिजन इंजीनियरिंग, औद्योगिक स्वचालन, स्वास्थ्य सेवा तथा अन्य उच्च-कौशल क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। इसके अतिरिक्त मंदारिन भाषा प्रशिक्षण, उद्योग-विशिष्ट प्रमाणन, इंटर्नशिप, छात्र एवं शिक्षक आदान-प्रदान, संयुक्त शोध और कार्यस्थल-तैयारी कार्यक्रमों पर भी सहमति बनी, ताकि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी प्रतिभाओं का विकास किया जा सके।

आगे क्या होगा

आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, ये बैठकें आंध्र प्रदेश और ताइवान के उद्योग जगत के बीच बढ़ती साझेदारी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब आंध्र प्रदेश वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति शृंखला में अपनी भागीदारी बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। दोनों पक्षों ने विश्वास जताया कि निवेश, विनिर्माण, कौशल विकास और प्रतिभा निर्माण में बढ़ता सहयोग आने वाले वर्षों में उद्योगों के विस्तार और रोज़गार सृजन के नए अवसर पैदा करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

और ताइवान जैसे तकनीकी दिग्गज के साथ साझेदारी इस खाई को पाटने का अवसर है। हालाँकि, 'नीति स्थिरता' और 'त्वरित मंजूरी' के वादे तब तक अधूरे हैं जब तक ठोस निवेश आँकड़े और रोज़गार सृजन के सत्यापन-योग्य लक्ष्य सामने न आएँ।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चंद्रबाबू नायडू ने ताइवानी प्रतिनिधिमंडल को क्या आश्वासन दिया?
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने 29 जुलाई को अमरावती में ताइवानी उद्योग प्रतिनिधिमंडल को नीति में स्थिरता, परियोजनाओं के लिए त्वरित मंजूरी और हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, आईटी और उन्नत विनिर्माण को राज्य की प्राथमिकता बताया।
आंध्र प्रदेश और ताइवान के बीच किन क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा हुई?
दोनों पक्षों ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर विनिर्माण, प्रिसिजन इंजीनियरिंग, औद्योगिक स्वचालन और स्वास्थ्य सेवा में सहयोग पर विचार-विमर्श किया। इसके अलावा कौशल विकास, मंदारिन भाषा प्रशिक्षण, इंटर्नशिप और संयुक्त शोध पर भी सहमति बनी।
नारा लोकेश की बैठक में क्या तय हुआ?
मंत्री नारा लोकेश ने प्रतिनिधिमंडल के साथ कार्यबल विकास, कौशल प्रशिक्षण और शैक्षणिक सहयोग पर विशेष बैठक की। बैठक में आंध्र प्रदेश के युवाओं को ताइवान के विनिर्माण और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में रोज़गार के लिए तैयार करने पर जोर दिया गया।
इस साझेदारी से आंध्र प्रदेश को क्या फायदा होगा?
आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, यह साझेदारी राज्य में निवेश, उद्योग विस्तार और रोज़गार सृजन के नए अवसर पैदा करेगी। विशेष रूप से सेमीकंडक्टर और उन्नत विनिर्माण क्षेत्रों में ताइवान की विशेषज्ञता आंध्र प्रदेश के औद्योगिक इकोसिस्टम को मज़बूत कर सकती है।
क्या इस बैठक में कोई ठोस निवेश घोषणा हुई?
आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, बैठक में निवेश संभावनाओं और संस्थागत सहयोग पर सहमति बनी, लेकिन किसी विशेष निवेश राशि या परियोजना की घोषणा का उल्लेख नहीं किया गया। दोनों पक्षों ने सहयोग को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।
राष्ट्र प्रेस
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