आंध्र प्रदेश बनेगा सेमीकंडक्टर हब: चंद्रबाबू नायडू ने सिंगापुर निवेशकों को 30 दिनों में दौरे का न्योता दिया
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने मंगलवार, 16 जून को सिंगापुर में आयोजित 'सेमिकॉन इकोसिस्टम' गोलमेज सम्मेलन में घोषणा की कि आंध्र प्रदेश सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग के लिए एक आदर्श गंतव्य है। उन्होंने सिंगापुर के उद्यमियों और निवेशकों को अगले 30 दिनों के भीतर राज्य का दौरा कर वहाँ की नीतियों और निवेश संभावनाओं को प्रत्यक्ष रूप से समझने का आमंत्रण दिया। यह दौरा उनकी दो दिवसीय सिंगापुर यात्रा के दूसरे दिन का हिस्सा था।
सम्मेलन में मुख्य घोषणाएँ
मुख्यमंत्री नायडू ने गोलमेज सम्मेलन में 'स्पीड ऑफ डूइंग बिजनेस' — यानी व्यापार करने की गति — के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक निवेश के लिए एक सुरक्षित और स्थिर क्षेत्र है, और आंध्र प्रदेश इस दृष्टि से विशेष रूप से अनुकूल राज्य है। उनके अनुसार, निवेश के लिए यह सबसे उपयुक्त समय है।
आधिकारिक बयान के अनुसार, नायडू ने यह भी घोषणा की कि शीघ्र ही रायलसीमा क्षेत्र में एक सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित किया जाएगा। सिंगापुर की विभिन्न सेमीकंडक्टर कंपनियों के प्रतिनिधि इस गोलमेज सम्मेलन में उपस्थित रहे।
रायलसीमा की औद्योगिक क्षमता
मुख्यमंत्री ने रायलसीमा को केवल सेमीकंडक्टर तक सीमित नहीं देखा। उन्होंने इस क्षेत्र की डिफेंस, एयरोस्पेस, इलेक्ट्रॉनिक्स, फाइटर जेट प्रोडक्शन और ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग के एक बड़े केंद्र के रूप में उभरने की संभावना को उजागर किया। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार भी 'मेक इन इंडिया' के तहत रक्षा और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में घरेलू उत्पादन को प्राथमिकता दे रही है।
'सीबीएन@361 डिग्रीज: पॉलीमैथ' पुस्तक का विमोचन
इसी यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री नायडू ने सिंगापुर में 'सीबीएन@361 डिग्रीज: पॉलीमैथ' नामक पुस्तक का अनावरण किया। काकतीय सांस्कृतिक संघ द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में इस पुस्तक का विमोचन हुआ। पुस्तक के लेखक 'रेपाटीकोसम' दैनिक के मुख्य संपादक सखामुरु श्रीनिवास प्रसाद हैं, जबकि इसका अंग्रेजी अनुवाद सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी केवी सत्यनारायण ने किया है।
यह पुस्तक एक दूरदर्शी नेता के रूप में चंद्रबाबू नायडू द्वारा विभिन्न अवसरों पर लिए गए निर्णयों का विश्लेषण करती है। लेखक के अनुसार, नायडू की निर्णय-शैली सिंगापुर के पूर्व प्रधानमंत्री ली कुआन यू और न्यूज़ीलैंड की पूर्व प्रधानमंत्री जैसिंडा अर्डर्न जैसे वैश्विक नेताओं से तुलनीय है। पुस्तक की पहली प्रतियाँ सिंगापुर में भारत के उच्चायुक्त शिल्पाक अंबुले, मंत्री पी. नारायण और काकतीय सांस्कृतिक संघ के प्रतिनिधियों को भेंट की गईं।
आगे की राह
गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश पहले से ही राजधानी अमरावती के निर्माण और वैश्विक निवेश आकर्षण के लिए सक्रिय है। रायलसीमा में प्रस्तावित सेमीकंडक्टर प्लांट और सिंगापुर के निवेशकों को दिया गया न्योता इस रणनीति का अगला चरण है। यदि सिंगापुर की कंपनियाँ 30 दिनों के भीतर राज्य का दौरा करती हैं, तो निकट भविष्य में ठोस निवेश समझौतों की संभावना बन सकती है।