क्या ज्यूरिख में चंद्रबाबू नायडू ने सिंगापुर के राष्ट्रपति से मुलाकात की?

Click to start listening
क्या ज्यूरिख में चंद्रबाबू नायडू ने सिंगापुर के राष्ट्रपति से मुलाकात की?

सारांश

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने ज्यूरिख में सिंगापुर के राष्ट्रपति से मुलाकात की। इस महत्वपूर्ण बैठक का उद्देश्य आंध्र प्रदेश के लिए निवेश आकर्षित करना है। जानिए इस दौरे से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण जानकारी।

Key Takeaways

  • चंद्रबाबू नायडू ने ज्यूरिख में सिंगापुर के राष्ट्रपति से मुलाकात की।
  • मुख्यमंत्री का उद्देश्य आंध्र प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देना है।
  • सम्मेलन में 130 देशों के प्रतिनिधियों की भागीदारी होगी।
  • राज्य सरकार ने निवेश के अवसरों के लिए पावरपॉइंट प्रस्तुतियां तैयार की हैं।
  • मुख्यमंत्री ने ग्रीन अमोनिया संयंत्र का भी उल्लेख किया।

अमरावती, 19 जनवरी (आईएनएस)। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने विश्व आर्थिक मंच (वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम) की वार्षिक बैठक में भाग लेने के लिए ज्यूरिख पहुंचने पर सिंगापुर के राष्ट्रपति थर्मन शनमुगरत्नम से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने इस मुलाकात को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी खुशी व्यक्त की और इसे एक सम्मानजनक अनुभव बताया।

ज्यूरिख में अपने प्रवास के दौरान, मुख्यमंत्री नायडू ने वर्ल्ड बैंक के ग्रुप अध्यक्ष अजय बंगा से भी मुलाकात की। उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के साथ भी बातचीत की।

मुख्यमंत्री ने 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए लिखा कि असम के मुख्यमंत्री सरमा ने दावोस में होने वाली इस वार्षिक बैठक में भाग लेकर इतिहास रचा है। उन्होंने सरमा को बधाई दी और उनके सफल दौरे की कामना की।

इससे पहले, स्विट्जरलैंड में भारत के राजदूत मृदुल कुमार ने ज्यूरिख एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू भी उनके साथ मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने 'एक्स' पर लिखा, "मैं दावोस-क्लोस्टर्स में होने वाली वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की वार्षिक बैठक के लिए ज्यूरिख पहुंचा हूं। ‘ए स्पिरिट ऑफ डायलॉग’ थीम के तहत यह बैठक व्यापार, सरकार, अंतरराष्ट्रीय संगठनों, नागरिक समाज और शिक्षा जगत के नेताओं को एक मंच पर लाती है। यह मेरे राज्य आंध्र प्रदेश और वहां के लोगों का प्रतिनिधित्व करने का गर्व का अवसर है।"

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, 20 से अधिक यूरोपीय देशों से आए बड़ी संख्या में तेलुगु समुदाय के लोगों, एनआरआई और तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

मुख्यमंत्री नायडू और उनके साथ आए राज्य मंत्री चार दिवसीय वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य आंध्र प्रदेश में निवेश आकर्षित करना है।

इस सम्मेलन में करीब 130 देशों के लगभग 3,000 प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। भारत से सात मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं।

राज्य सरकार ने बड़े उद्योगपतियों और निवेशकों के सामने आंध्र प्रदेश में मौजूद निवेश के अवसरों को समझाने के लिए विस्तृत पावरपॉइंट प्रस्तुतियां तैयार की हैं। सरकार का फोकस हरित ऊर्जा, ग्रीन अमोनिया, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), क्वांटम कंप्यूटिंग और बायोटेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में निवेश लाने पर है।

इसके साथ ही पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में भी निवेश को बढ़ावा देने की योजना है। मुख्यमंत्री की टीम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को राज्य सरकार की नीतियों और उठाए गए कदमों की जानकारी देगी।

सरकार यह भी बताएगी कि अमरावती में 'क्वांटम वैली' स्थापित की जा रही है और एआई विशेषज्ञों को प्रशिक्षित करने के लिए विशेष कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री उद्योगपतियों को यह जानकारी देंगे कि एक लाख क्वांटम विशेषज्ञों को प्रशिक्षित करने के लिए उन्नत क्वांटम स्किलिंग कोर्स शुरू किया गया है, जिसमें अब तक 50,000 लोग पंजीकरण करा चुके हैं।

इसके अलावा, काकीनाडा में स्थापित ग्रीन अमोनिया-ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन संयंत्र का भी विशेष रूप से उल्लेख किया जाएगा। राज्य सरकार ने पिछले वर्ष के वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में हुए समझौतों और चर्चाओं के जरिए करीब 2.36 लाख करोड़ रुपए के निवेश आकर्षित किए थे।

Point of View

बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति को भी मजबूत करेगा।
NationPress
19/01/2026

Frequently Asked Questions

चंद्रबाबू नायडू ने किससे मुलाकात की?
चंद्रबाबू नायडू ने सिंगापुर के राष्ट्रपति थर्मन शनमुगरत्नम से मुलाकात की।
इस दौरे का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस दौरे का मुख्य उद्देश्य आंध्र प्रदेश में निवेश आकर्षित करना है।
कितने देशों के प्रतिनिधि इस सम्मेलन में शामिल होंगे?
इस सम्मेलन में करीब 130 देशों के लगभग 3,000 प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है।
Nation Press