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चंद्रबाबू नायडू ने सिंगापुर PM लॉरेंस वोंग से की मुलाकात, सेमीकंडक्टर-AI साझेदारी पर चर्चा

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चंद्रबाबू नायडू ने सिंगापुर PM लॉरेंस वोंग से की मुलाकात, सेमीकंडक्टर-AI साझेदारी पर चर्चा

सारांश

चंद्रबाबू नायडू की सिंगापुर यात्रा महज शिष्टाचार भेंट नहीं थी — यह अमरावती को वैश्विक मानचित्र पर लाने की रणनीतिक कोशिश थी। सेमीकंडक्टर से लेकर ग्रीन हाइड्रोजन तक, इस 30 मिनट की बैठक में आंध्र प्रदेश ने सिंगापुर के सामने एक व्यापक साझेदारी का खाका रखा।

मुख्य बातें

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन.
चंद्रबाबू नायडू ने 15 जून को सिंगापुर में PM लॉरेंस वोंग से 30 मिनट की बैठक की।
बैठक में सेमीकंडक्टर, AI, क्वांटम कंप्यूटिंग, R&D और विश्वविद्यालय साझेदारी पर सहयोग के अवसर तलाशे गए।
अमरावती को विश्व स्तरीय राजधानी के रूप में विकसित करने की प्रगति से PM वोंग को अवगत कराया गया; उन्होंने सराहना की।
प्राकृतिक खेती, मत्स्य पालन, ग्रीन हाइड्रोजन, हरित अमोनिया और स्वास्थ्य सेवा में भी सहयोग पर चर्चा हुई।
नायडू ने सिंगापुर को बंदरगाह और हवाई अड्डे विकास में साझेदारी और अमरावती में निवेश का न्योता दिया।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने सोमवार, 15 जून को सिंगापुर में प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग से उनके आधिकारिक आवास पर 30 मिनट की बैठक की। इस मुलाकात में सेमीकंडक्टर विनिर्माण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग और विश्वविद्यालय अनुसंधान सहित कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग के अवसरों पर विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक में क्या-क्या हुआ

मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, नायडू ने सिंगापुर से सेमीकंडक्टर विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र के विकास और क्षमता निर्माण में सहयोग का अनुरोध किया। इसके अलावा, अमरावती और राज्य के अन्य शहरी क्षेत्रों के लिए शहरी प्रशासन में भी सिंगापुर की विशेषज्ञता साझा करने का प्रस्ताव रखा गया।

नायडू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि उन्होंने सिंगापुर और आंध्र प्रदेश के बीच साझेदारी के नए अवसरों पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने बताया कि चर्चाओं में सेमीकंडक्टर, AI, क्वांटम प्रौद्योगिकी, अनुसंधान एवं विकास (R&D), विश्वविद्यालय साझेदारी, शहरी प्रशासन, नेतृत्व विकास, रसद और उन्नत विनिर्माण जैसे विषय शामिल थे।

अमरावती के विकास पर जानकारी साझा की

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री वोंग को अमरावती को विश्व स्तरीय बुनियादी ढाँचे और संस्थानों के साथ एक वैश्विक मानक राजधानी के रूप में विकसित करने में हुई प्रगति से अवगत कराया। नायडू के अनुसार, प्रधानमंत्री वोंग ने इस दृष्टिकोण और प्रगति की सराहना की तथा इसकी भविष्य की संभावनाओं पर विश्वास व्यक्त किया।

कृषि, खाद्य और हरित ऊर्जा पर भी फोकस

बैठक में केवल प्रौद्योगिकी तक सीमित नहीं रही — दोनों नेताओं ने प्राकृतिक खेती, मत्स्य पालन, खाद्य निर्यात, स्वास्थ्य सेवा, स्वच्छ ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन और हरित अमोनिया में सहयोग की संभावनाओं पर भी विचार किया। नायडू ने सिंगापुर को आंध्र प्रदेश से बागवानी और मत्स्य पालन उत्पादों के आयात की समीक्षा करने का अनुरोध किया और बताया कि प्राकृतिक खेती से उगाए गए उत्पादों के प्रमाणीकरण और ट्रेसेबिलिटी सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं।

बंदरगाह और हवाई अड्डे विकास में साझेदारी का प्रस्ताव

नायडू ने सुझाया कि आंध्र प्रदेश और सिंगापुर बंदरगाहों और हवाई अड्डों के विकास सहित विभिन्न अवसरों का लाभ उठाने के लिए मिलकर काम करें। उन्होंने सिंगापुर की सरकारी कंपनियों और उद्योग जगत के नेताओं को अमरावती के विकास में आंध्र प्रदेश के साथ साझेदारी करने और नवाचार, स्थिरता एवं आर्थिक अवसरों से प्रेरित भविष्य में योगदान देने का न्योता दिया।

आगे की राह

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब आंध्र प्रदेश सरकार अमरावती को एक वैश्विक निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में तेज़ी से काम कर रही है। गौरतलब है कि सिंगापुर पहले से ही भारत के सेमीकंडक्टर और टेक इकोसिस्टम में एक प्रमुख साझेदार रहा है। दोनों पक्षों के बीच आगामी सहयोग की रूपरेखा जल्द ही तय होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक वैश्विक निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करना चाहती है। सेमीकंडक्टर और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे उच्च-प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में सिंगापुर से सहयोग माँगना दूरदर्शी है, लेकिन असली कसौटी यह होगी कि ये चर्चाएँ ठोस निवेश और परियोजनाओं में कब और कैसे तब्दील होती हैं। गौरतलब है कि अमरावती का विकास वर्षों की राजनीतिक उथल-पुथल के बाद अभी पटरी पर लौटा है — ऐसे में अंतरराष्ट्रीय साझेदारियाँ राज्य की विश्वसनीयता के लिए उतनी ही ज़रूरी हैं जितनी कि बुनियादी ढाँचे के लिए।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चंद्रबाबू नायडू ने सिंगापुर में किससे और क्यों मुलाकात की?
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने 15 जून को सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग से उनके आधिकारिक आवास पर मुलाकात की। इस बैठक का उद्देश्य सेमीकंडक्टर, AI, क्वांटम प्रौद्योगिकी और अमरावती के विकास में सिंगापुर की भागीदारी सुनिश्चित करना था।
इस बैठक में किन-किन क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा हुई?
बैठक में सेमीकंडक्टर विनिर्माण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, विश्वविद्यालय अनुसंधान, शहरी प्रशासन, रसद, उन्नत विनिर्माण, प्राकृतिक खेती, मत्स्य पालन, ग्रीन हाइड्रोजन, हरित अमोनिया और बंदरगाह-हवाई अड्डे विकास पर चर्चा हुई।
अमरावती के विकास में सिंगापुर की क्या भूमिका हो सकती है?
नायडू ने सिंगापुर की सरकारी कंपनियों और उद्योग जगत के नेताओं को अमरावती के विकास में निवेश और साझेदारी का न्योता दिया है। शहरी प्रशासन में सिंगापुर की विशेषज्ञता को अमरावती और अन्य शहरी क्षेत्रों में लागू करने का प्रस्ताव भी रखा गया।
सिंगापुर के PM लॉरेंस वोंग ने बैठक पर क्या प्रतिक्रिया दी?
मुख्यमंत्री नायडू के अनुसार, प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग ने अमरावती को वैश्विक मानक राजधानी बनाने के दृष्टिकोण और प्रगति की सराहना की तथा इसकी भविष्य की संभावनाओं पर विश्वास व्यक्त किया।
आंध्र प्रदेश सिंगापुर को कृषि उत्पाद निर्यात कैसे करना चाहता है?
नायडू ने सिंगापुर को आंध्र प्रदेश से बागवानी और मत्स्य पालन उत्पादों के आयात की समीक्षा करने का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती से उगाए गए उत्पादों के प्रमाणीकरण और ट्रेसेबिलिटी सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं।
राष्ट्र प्रेस
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