क्या दावोस दौरा आंध्र प्रदेश की ब्रांडिंग को बढ़ावा देने में सहायक रहा?

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क्या दावोस दौरा आंध्र प्रदेश की ब्रांडिंग को बढ़ावा देने में सहायक रहा?

सारांश

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने दावोस यात्रा के महत्व को उजागर किया है। उन्होंने बताया कि इस यात्रा ने राज्य की विविध उपलब्धियों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने में मदद की है। जानिए इस यात्रा की खास बातें और आंध्र प्रदेश के भविष्य की संभावनाएँ।

Key Takeaways

  • दावोस यात्रा ने आंध्र प्रदेश की ब्रांडिंग को वैश्विक मंच पर बढ़ावा दिया।
  • मुख्यमंत्री ने विभिन्न सेक्टरों में राज्य की उपलब्धियों को पेश किया।
  • ग्लोबल कॉर्पोरेट दिग्गजों में भारत के प्रति रुचि बढ़ रही है।
  • युवाओं की शक्ति और इन्वेस्टर-फ्रेंडली नीतियों से बढ़ते अवसर।
  • यात्रा के दौरान तेलुगु समुदाय के साथ संवाद स्थापित किया गया।

अमरावती, 22 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने यह स्पष्ट किया है कि उनकी दावोस यात्रा ने आंध्र प्रदेश की ब्रांडिंग को ग्लोबल मंच पर बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

गुरुवार को अपनी यात्रा समाप्त करते हुए, उन्होंने कहा कि वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम का मंच वैश्विक औद्योगिक क्षेत्र में बदलते रुझानों और दुनिया भर के औद्योगिक नेताओं की सोच को समझने में सहायता करता है।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि पिछले तीन दिनों में हुई विविध मीटिंग्स के माध्यम से, ग्रीन एनर्जी, टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कृषि और पर्यटन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में राज्य की उपलब्धियों को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया गया।

मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के अनुसार, उन्होंने बताया कि अब ग्लोबल कॉर्पोरेट दिग्गज भारत में अधिक रुचि दिखा रहे हैं। उनका मानना है कि युवा शक्ति, प्रभावी नेतृत्व और निवेशक-फ्रेंडली नीतियों के कारण, भारत में सभी क्षेत्रों में कंपनियों के लिए अवसर काफी बढ़ गए हैं।

विशाखापत्तनम में टीसीएस डेवलपमेंट सेंटर, अमरावती में प्रस्तावित क्वांटम वैली और कुरनूल में प्रस्तावित सोलर पावर प्रोजेक्ट्स की प्रगति पर चर्चा की गई।

चार दिवसीय दावोस यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने 36 से अधिक मीटिंग्स में भाग लिया। उन्होंने इजरायल, यूएई और स्विट्जरलैंड के प्रतिनिधियों के साथ तीन मीटिंग्स में भी भाग लिया।

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के मंच पर, मुख्यमंत्री ने 16 वैश्विक औद्योगिक नेताओं से मुलाकात की। उन्होंने नौ से अधिक सत्रों और मीटिंग्स में भी हिस्सा लिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आंध्र प्रदेश ब्रांड को विश्व स्तर पर और बढ़ावा देने के लिए राज्य में लागू की जा रही विभिन्न नीतियों की प्रभावशीलता का आकलन करने में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

अपनी यात्रा के दौरान, मुख्यमंत्री ने यूरोप में रहने वाले तेलुगु लोगों के साथ निकटता से बातचीत की और तेलुगु डायस्पोरा कार्यक्रमों के माध्यम से उनका आत्मविश्वास बढ़ाया। दावोस शिखर सम्मेलन के मौके पर, उन्होंने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मीडिया संगठनों को विशेष इंटरव्यू भी दिए।

Point of View

यह स्पष्ट है कि आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री का दावोस दौरा न केवल राज्य के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण है। यह यात्रा भारत की युवा शक्ति और विकास की संभावनाओं को उजागर करती है। जब बड़े वैश्विक नेता भारत में निवेश करने की ओर बढ़ रहे हैं, तो यह देश के विकास की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।
NationPress
22/01/2026

Frequently Asked Questions

दावोस यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्या था?
मुख्य उद्देश्य आंध्र प्रदेश की ब्रांडिंग को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देना और राज्य की विभिन्न उपलब्धियों को प्रस्तुत करना था।
मुख्यमंत्री ने कितनी मीटिंग्स में भाग लिया?
मुख्यमंत्री ने चार दिवसीय दौरे के दौरान 36 से अधिक मीटिंग्स में भाग लिया।
इस यात्रा का आंध्र प्रदेश पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
इस यात्रा से निवेशकों की रुचि बढ़ने की संभावना है, जो राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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