आंध्र प्रदेश में 15 प्रतिशत विकास दर के लिए सीएम चंद्रबाबू नायडू ने दिए ठोस निर्देश
सारांश
Key Takeaways
- मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू का 15 प्रतिशत विकास दर का लक्ष्य।
- राज्य के जीएसडीपी लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए योजनाएं।
- अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक योजनाओं की आवश्यकता।
- 269 अन्ना कैंटीनों के माध्यम से गरीबों को भोजन उपलब्ध कराना।
- केंद्र सरकार के सहयोग से प्रमुख परियोजनाओं का तेजी से कार्यान्वयन।
अमरावती, 16 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने बृहस्पतिवार को राज्य में 15 प्रतिशत विकास दर हासिल करने के लिए अधिकारियों को ठोस प्रयासों के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों से राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सूक्ष्म (माइक्रो) और व्यापक (मैक्रो) स्तर की योजना विकसित करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर उत्पादकता सुनिश्चित करने के लिए अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक योजनाओं की आवश्यकता पर बल दिया।
फाइनेंस डिपार्टमेंट की समीक्षा बैठक के दौरान, मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 प्रतिशत विकास दर के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जमीनी स्तर पर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन अत्यंत आवश्यक है। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के अनुसार, उन्होंने गांव स्तर तक योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया।
सीएम ने बताया कि राज्य पहले से ही कृषि और उद्योग क्षेत्रों को पानी और बिजली जैसी आवश्यक सुविधाएं प्रदान कर रहा है, लेकिन उत्पादकता बढ़ाने के लिए और अधिक केंद्रित प्रयासों की आवश्यकता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वित्तीय दबाव के बावजूद, सरकार ने बिजली दरों में वृद्धि नहीं की है और पूर्व सरकार के फैसलों के कारण 4,600 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ भी वहन कर रही है।
मुख्यमंत्री ने राजस्व बढ़ाने वाले विभागों को बिना जनता पर अतिरिक्त बोझ डाले अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अमरावती और पोलावरम जैसी प्रमुख परियोजनाओं के पूरा होने से राज्य में संपत्ति सृजन को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने आश्वासन दिया कि प्राथमिकता वाली परियोजनाओं के लिए धन की कोई कमी नहीं है और केंद्र सरकार के सहयोग से इन परियोजनाओं को जल्दी पूरा कर विकास को गति दी जाएगी। साथ ही, उन्होंने अधिकारियों से ‘पूर्वोदय’ और ‘एसएएससीआई’ जैसी केंद्र सरकार की योजनाओं का बेहतर उपयोग करने का भी आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने यह भी दोहराया कि कल्याणकारी योजनाएं वेलफेयर कैलेंडर के अनुसार लागू की जाएंगी। उन्होंने अधिकारियों को आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम के तहत राज्य को मिलने वाले फंड की सुनिश्चितता पर ध्यान देने का निर्देश दिया।
पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए, उन्होंने अन्ना कैंटीन बंद करने के निर्णय की आलोचना की और कहा कि वर्तमान सरकार चुनौतियों के बावजूद राज्यभर में 269 अन्ना कैंटीनों के माध्यम से गरीबों को भोजन उपलब्ध करा रही है।
उन्होंने निवेश को आकर्षित करने और राजस्व को बढ़ाने के लिए सरकारी विभागों में कार्यकुशलता बढ़ाने और प्रक्रियाओं को सरल बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
इस समीक्षा बैठक में वित्त मंत्री पय्यावुला केशव, मुख्य सचिव जी साई प्रसाद, वित्त विभाग के प्रमुख सचिव पीयूष कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।