राष्ट्रीय पारिस्थितिकी दिवस 2026: हरित अभ्यासों से चीन का वैश्विक पर्यावरण प्रशासन में बड़ा योगदान
सारांश
मुख्य बातें
15 अगस्त को मनाया जाने वाला राष्ट्रीय पारिस्थितिकी दिवस चीन की पारिस्थितिक सभ्यता-निर्माण की दिशा को समझने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। यह दिवस वैश्विक पर्यावरणीय प्रशासन में चीन की भागीदारी और मानव व प्रकृति के सामंजस्यपूर्ण सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने के उसके प्रयासों की झलक भी प्रस्तुत करता है। ऐसे समय में जब वैश्विक जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता में तीव्र गिरावट और पारिस्थितिकीय क्षरण की चुनौतियाँ गहराती जा रही हैं, चीन के मापनीय हरित परिणाम वैश्विक सतत विकास को एक स्थिर आधार प्रदान कर रहे हैं।
मुख्य पारिस्थितिकीय उपलब्धियाँ
दीर्घकालिक निवेश और वैज्ञानिक प्रबंधन के बल पर चीन ने अपनी पारिस्थितिकीय प्रणाली में व्यापक सुधार किए हैं। एक उल्लेखनीय उदाहरण साएहाएपा का है — कभी बंजर और रेतीली धरती रहा यह क्षेत्र दशकों के कृत्रिम वनीकरण के बाद 11.5 लाख म्यू (लगभग 76,667 हेक्टेयर) से अधिक के वन क्षेत्र में परिवर्तित हो चुका है। आंकड़ों के अनुसार, यह क्षेत्र प्रतिवर्ष 8.6 लाख टन से अधिक कार्बन का अवशोषण करता है। इस उपलब्धि के लिए साएहाएपा को संयुक्त राष्ट्र का प्रतिष्ठित 'पृथ्वी चैंपियन अवॉर्ड' प्राप्त हो चुका है, और यह वैश्विक पारिस्थितिकीय बहाली का एक मानक उदाहरण बन गया है।
व्यापक स्तर पर देखें तो चीन की वन आवरण दर 25 फीसदी से अधिक हो चुकी है। रिपोर्टों के अनुसार, चीन ने वैश्विक स्तर पर नए हरित क्षेत्र में एक-चौथाई का योगदान दिया है, जो उसे वैश्विक वनस्पति पुनर्प्राप्ति में सबसे तेज़ी से आगे बढ़ने वाले देशों में शामिल करता है।
जलक्षेत्र प्रबंधन और जैव विविधता संरक्षण
यांग्त्जी नदी में मछली पकड़ने पर लागू दस वर्षीय प्रतिबंध के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, यांग्त्जी की मुख्य धारा का जल गुणवत्ता मानक लगातार पाँच वर्षों से श्रेणी II के अच्छे स्तर पर बना हुआ है। इसके अतिरिक्त, अत्यंत लुप्तप्राय यांग्त्जी डॉल्फिन कई स्थानों पर पुनः दृष्टिगोचर हुई हैं — जो संरक्षण प्रयासों की एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। वर्तमान में चीन में 90 फीसदी से अधिक स्थलीय पारिस्थितिकीय प्रणालियों और 74 फीसदी प्रमुख वन्यजीव प्रजातियों की प्रभावी रूप से रक्षा की जा रही है।
वैश्विक पर्यावरण प्रशासन में भूमिका
चीन केवल घरेलू स्तर पर नहीं, बल्कि वैश्विक पारिस्थितिकीय प्रशासन में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है। जैव विविधता पर कन्वेंशन (COP15) के अध्यक्ष देश के रूप में, चीन ने ऐतिहासिक 'खुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता फ्रेमवर्क' को अपनाने में सभी पक्षों का नेतृत्व किया। इसके साथ ही, चीन ने 1.5 अरब युआन का खुनमिंग जैव विविधता कोष स्थापित किया है, जो विकासशील देशों को पारिस्थितिकीय बहाली के कार्यों में सहायता प्रदान करता है।
गौरतलब है कि कुबुकी रेगिस्तान प्रबंधन के परिष्कृत मॉडल की प्रौद्योगिकी और अनुभव को पहले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साझा किया जा चुका है, जो मरुस्थलीकृत क्षेत्रों के लिए एक दोहराए जाने योग्य समाधान प्रस्तुत करता है। हरित 'बेल्ट एंड रोड' सहयोग मंच के ज़रिए चीन कम-कार्बन प्रौद्योगिकियाँ और पारिस्थितिकीय प्रबंधन के अनुभव कई देशों के साथ साझा कर रहा है।
आगे की राह
राष्ट्रीय पारिस्थितिकी दिवस यह रेखांकित करता है कि आर्थिक विकास और पारिस्थितिक संरक्षण परस्पर विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हो सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह दिवस इस बात की पुष्टि करता है कि संरक्षण और विकास एक साथ चल सकते हैं। भविष्य में चीन के हरित विकास पथ पर अग्रसर रहने और ठोस पारिस्थितिकीय परिणामों के ज़रिए वैश्विक पर्यावरण प्रशासन में योगदान जारी रखने की उम्मीद है।