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चीन के 19 विश्व विरासत स्थल: 80,000 वर्ग किमी में फैली प्राकृतिक धरोहर की सुरक्षा में सुधार

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चीन के 19 विश्व विरासत स्थल: 80,000 वर्ग किमी में फैली प्राकृतिक धरोहर की सुरक्षा में सुधार

सारांश

चीन के पास दुनिया में सबसे अधिक — 19 — विश्व प्राकृतिक एवं दोहरे विरासत स्थल हैं, जो 80,000 वर्ग किमी में फैले हैं। 90% स्थलों का मूल्यांकन उत्कृष्ट है। अब इन्हें राष्ट्रीय निगरानी प्रणाली से जोड़ने की तैयारी है।

मुख्य बातें

चीन के पास 15 विश्व प्राकृतिक विरासत स्थल और 4 प्राकृतिक-सांस्कृतिक दोहरे विरासत स्थल हैं — कुल संख्या में विश्व में प्रथम।
इन स्थलों का कुल क्षेत्रफल 80,000 वर्ग किलोमीटर से अधिक है।
90% से अधिक विरासत स्थलों का मूल्यांकन 'उत्कृष्ट' श्रेणी में — वैश्विक औसत से ऊपर।
कानूनी गारंटी, प्रकृति-अनुकूल पुनर्स्थापना और सामुदायिक सह-प्रबंधन से पारिस्थितिक प्रामाणिकता बनाए रखी गई।
अगले चरण में विरासत स्थलों को संरक्षित क्षेत्र निगरानी प्रणाली में शामिल करने की योजना।

चीन के पास वर्तमान में 15 विश्व प्राकृतिक विरासत स्थल और 4 प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक दोहरे विरासत स्थल हैं, जिनकी संयुक्त संख्या विश्व में सर्वाधिक है। चीनी राष्ट्रीय वानिकी और घासस्थल प्रशासन के अनुसार, इन स्थलों का कुल क्षेत्रफल 80,000 वर्ग किलोमीटर से अधिक है और ये अनेक विविध पारिस्थितिक तंत्रों को अपने भीतर समेटे हुए हैं। 13 जून को मनाए जाने वाले सांस्कृतिक व प्राकृतिक विरासत दिवस के अवसर पर यह जानकारी सामने आई है।

मूल्यांकन में उत्कृष्ट प्रदर्शन

हाल के वर्षों में चीन ने अपने विरासत स्थलों के व्यवस्थित संरक्षण को और अधिक सुदृढ़ किया है। प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, 90 प्रतिशत से अधिक विरासत स्थलों का मूल्यांकन 'उत्कृष्ट' श्रेणी में किया गया है, जो वैश्विक औसत से ऊपर है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि चीन की संरक्षण नीतियाँ अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरी उतर रही हैं।

संरक्षण के प्रमुख उपाय

इन विरासत स्थलों की पारिस्थितिक प्रामाणिकता बनाए रखने के लिए कानूनी गारंटी, प्रकृति-अनुकूल पुनर्स्थापना और सामुदायिक सह-प्रबंधन जैसे बहुआयामी उपायों को अपनाया गया है। गौरतलब है कि इन प्रयासों के साथ-साथ पर्यावरण-पर्यटन जैसे हरित उद्योगों को भी प्रोत्साहन दिया गया है, जिससे स्थानीय समुदायों को आर्थिक लाभ मिल रहा है।

आम जनता और स्थानीय समुदायों पर असर

विरासत स्थलों के इर्द-गिर्द बसे समुदायों को सह-प्रबंधन में शामिल कर उन्हें संरक्षण प्रक्रिया का हिस्सा बनाया गया है। इससे न केवल पारिस्थितिक संतुलन बना रहा है, बल्कि पर्यावरण-पर्यटन के ज़रिए स्थानीय रोज़गार और आजीविका के नए अवसर भी पैदा हुए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर जैव विविधता संरक्षण को लेकर दबाव बढ़ रहा है।

आगे की योजना

संबंधित विभागों की योजना है कि इन विरासत स्थलों को संरक्षित क्षेत्र निगरानी प्रणाली में समेकित किया जाए। इसके तहत समन्वित प्रबंधन को और आगे बढ़ाया जाएगा तथा संसाधनों के तर्कसंगत उपयोग को प्रोत्साहित कर विशिष्ट उद्योगों के विकास की राह खोली जाएगी। आने वाले वर्षों में यह ढाँचा चीन के प्राकृतिक विरासत प्रबंधन की दिशा तय करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन '90% उत्कृष्ट मूल्यांकन' का दावा तब तक अधूरा है जब तक स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय ऑडिट की पुष्टि न हो — क्योंकि यह आँकड़ा स्वयं चीनी प्रशासन का है। पर्यावरण-पर्यटन से स्थानीय समुदायों को लाभ मिलने का दावा सकारात्मक है, परंतु विकास और संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना दीर्घकालिक चुनौती बनी रहती है। निगरानी प्रणाली में एकीकरण की योजना सही दिशा में कदम है, बशर्ते उसमें पारदर्शिता और सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित हो।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चीन के पास कितने विश्व प्राकृतिक विरासत स्थल हैं?
चीनी राष्ट्रीय वानिकी और घासस्थल प्रशासन के अनुसार, चीन के पास 15 विश्व प्राकृतिक विरासत स्थल और 4 प्राकृतिक-सांस्कृतिक दोहरे विरासत स्थल हैं, जिनकी कुल संख्या विश्व में सर्वाधिक है। ये सभी स्थल मिलकर 80,000 वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र को कवर करते हैं।
चीन में विरासत स्थलों के संरक्षण के लिए कौन-से उपाय अपनाए गए हैं?
चीन ने कानूनी गारंटी, प्रकृति-अनुकूल पुनर्स्थापना और सामुदायिक सह-प्रबंधन जैसे उपाय अपनाए हैं। इसके साथ ही पर्यावरण-पर्यटन जैसे हरित उद्योगों को बढ़ावा देकर स्थानीय समुदायों की आजीविका भी सुनिश्चित की जा रही है।
चीन के विरासत स्थलों का मूल्यांकन कैसा रहा है?
प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, 90 प्रतिशत से अधिक विरासत स्थलों का मूल्यांकन 'उत्कृष्ट' श्रेणी में किया गया है, जो वैश्विक औसत से ऊपर है। यह चीन की व्यवस्थित संरक्षण नीतियों की सफलता को दर्शाता है।
सांस्कृतिक व प्राकृतिक विरासत दिवस कब मनाया जाता है?
सांस्कृतिक व प्राकृतिक विरासत दिवस प्रतिवर्ष 13 जून को मनाया जाता है। इस अवसर पर चीन अपने विरासत संरक्षण प्रयासों की समीक्षा और भविष्य की योजनाओं की घोषणा करता है।
चीन आगे विरासत संरक्षण में क्या कदम उठाएगा?
अगले चरण में संबंधित विभाग विरासत स्थलों को संरक्षित क्षेत्र निगरानी प्रणाली में शामिल करेगा। साथ ही समन्वित प्रबंधन को आगे बढ़ाया जाएगा और संसाधनों के तर्कसंगत उपयोग से विशिष्ट उद्योगों के विकास को प्रोत्साहन दिया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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