चीन का 2025 पर्यावरण बुलेटिन: PM2.5 में 20% गिरावट, 91.4% सतही जल उत्कृष्ट श्रेणी में
सारांश
मुख्य बातें
विश्व पर्यावरण दिवस पर चीन के पारिस्थितिकी और पर्यावरण मंत्रालय ने 5 जून 2026 को '2025 चीन पारिस्थितिक पर्यावरण स्थिति बुलेटिन' जारी किया, जिसमें देश की पारिस्थितिकीय गुणवत्ता में निरंतर सुधार के आँकड़े प्रस्तुत किए गए हैं। यह चीन का 37वाँ वार्षिक पारिस्थितिक पर्यावरण बुलेटिन है और इस बार पहली बार हांगकांग तथा मकाऊ के पर्यावरण विभागों ने भी इसके संकलन में भागीदारी की।
वायु गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार
बुलेटिन के अनुसार, वर्ष 2025 में चीन के 339 शहरों में PM2.5 का औसत स्तर 29.3 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया, जो वर्ष 2026 में घटकर 28 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर हो गया। चीनी पर्यावरण मंत्रालय के अधिकारी चांग तावेई ने बताया कि '14वीं पंचवर्षीय योजना' (2021–2025) के दौरान देशभर में PM2.5 स्तर में 20 प्रतिशत की कमी आई है।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2016 की तुलना में PM2.5 स्तर 33.3 प्रतिशत कम हुआ है। इसी अवधि में भारी प्रदूषण वाले दिनों की संख्या में लगभग एक चौथाई की कमी दर्ज की गई।
सतही जल और समुद्री गुणवत्ता
बुलेटिन के अनुसार, पिछले वर्ष देश के सतही जल में उत्कृष्ट श्रेणी यानी ग्रेड I-III जल का अनुपात 91.4 प्रतिशत रहा — यह लगातार दूसरा वर्ष है जब यह अनुपात 90 प्रतिशत से ऊपर रहा। यांग्त्ज़ी और पीली नदी दोनों की मुख्य धाराओं का जल स्तर स्थिर रूप से ग्रेड II बना हुआ है।
वर्ष 2016 की तुलना में सतही जल में उत्कृष्ट गुणवत्ता का अनुपात 23.6 प्रतिशत बढ़ा है। तटीय जल क्षेत्रों में उत्कृष्ट गुणवत्ता वाले समुद्री क्षेत्रों का अनुपात लगभग 85 प्रतिशत रहा।
मृदा, वन और ग्रामीण पर्यावरण
कृषि भूमि की मिट्टी की गुणवत्ता स्थिर बनी रही और दूषित कृषि भूमि के सुरक्षित उपयोग की दर 93 प्रतिशत तक पहुँच गई। ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू सीवेज उपचार दर 55 प्रतिशत दर्ज की गई।
देश का वन आवरण 25.09 प्रतिशत और घास-वन आवरण 56 प्रतिशत से अधिक रहा। पूरे देश में मृदा संरक्षण दर 73.09 प्रतिशत रही, जो वर्ष 2024 की तुलना में अधिक है।
बुलेटिन का महत्व और विशेषज्ञ दृष्टिकोण
अधिकारी चांग तावेई के अनुसार, ये आँकड़े चीन की पारिस्थितिकीय सभ्यता निर्माण में हुई ठोस प्रगति को दर्शाते हैं। गौरतलब है कि यह बुलेटिन वायु, समुद्र और ध्वनि प्रदूषण से जुड़े व्यापक आँकड़ों को एक साथ प्रस्तुत करता है, जो नीति-निर्माण और अंतरराष्ट्रीय तुलना के लिए महत्वपूर्ण है।
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर जलवायु परिवर्तन और वायु प्रदूषण को लेकर दबाव बढ़ रहा है। हांगकांग और मकाऊ की पहली बार भागीदारी इस बुलेटिन को पहले से अधिक व्यापक और प्रतिनिधित्वपूर्ण बनाती है।