चीन में पारिस्थितिक पर्यावरण सुधार: PM 2.5 घनत्व 6.2% घटा, कार्बन बाजार 93 करोड़ टन पार
सारांश
मुख्य बातें
चीन की राज्य परिषद के न्यूज कार्यालय ने 14 अगस्त 2025 को एक विशेष न्यूज ब्रीफिंग आयोजित की, जिसमें 'सुंदर चीन' निर्माण अभियान के तहत देश की पारिस्थितिक पर्यावरण गुणवत्ता में हो रहे सुधारों का विस्तृत लेखा-जोखा प्रस्तुत किया गया। आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, जनवरी से जुलाई 2025 के बीच देशभर में PM 2.5 का औसत घनत्व पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में प्रति घन मीटर 1.8 माइक्रोग्राम कम हुआ, जो 6.2 प्रतिशत की गिरावट दर्शाता है।
वायु गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार
ब्रीफिंग में बताया गया कि PM 2.5 घनत्व में कमी के साथ-साथ अच्छे मौसम वाले दिनों का अनुपात भी साल-दर-साल 3.9 प्रतिशत बढ़ा है। यह आँकड़ा चीन के प्रमुख शहरी क्षेत्रों में वायु प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का प्रत्यक्ष परिणाम बताया जा रहा है। गौरतलब है कि चीन ने पिछले एक दशक में कोयला आधारित बिजली संयंत्रों पर नियंत्रण और औद्योगिक उत्सर्जन मानकों को कड़ा करने की दिशा में व्यापक कदम उठाए हैं।
राष्ट्रीय कार्बन बाजार का विस्तार
आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, जुलाई 2025 के अंत तक देश के राष्ट्रीय कार्बन उत्सर्जन व्यापार बाजार में कुल लेन-देन की मात्रा 93 करोड़ टन से अधिक हो गई है। यह बाजार कम लागत पर कार्बन उत्सर्जन में कटौती को प्रोत्साहित करने और हरित व कम कार्बन वाले आर्थिक बदलाव को गति देने के उद्देश्य से संचालित है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर कार्बन बाजारों की विश्वसनीयता और पारदर्शिता को लेकर बहस तेज है।
15वीं पंचवर्षीय योजना और जलवायु लक्ष्य
15वीं पंचवर्षीय योजना की अवधि को कार्बन उत्सर्जन के चरम स्तर तक पहुँचने के लिए निर्णायक चरण माना जा रहा है। चीनी पारिस्थितिक पर्यावरण मंत्रालय ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए पाँच प्रमुख क्षेत्रों में अपने प्रयास बढ़ाने की घोषणा की है। इनमें प्रमुख क्षेत्रों में हरित और कम कार्बन वाला बदलाव, राष्ट्रीय कार्बन बाजार का विकास, कार्बन उत्सर्जन सांख्यिकीय लेखा प्रणाली में सुधार, जलवायु के प्रति लचीलापन बढ़ाना और जलवायु परिवर्तन के मुकाबले में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करना शामिल है।
वैश्विक संदर्भ और आलोचना
आलोचकों का कहना है कि चीन के कार्बन उत्सर्जन आँकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना कठिन है, और देश अभी भी दुनिया का सबसे बड़ा कार्बन उत्सर्जक बना हुआ है। हालाँकि, नवीकरणीय ऊर्जा में चीन के निवेश और सौर-पवन क्षमता विस्तार को अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसियाँ महत्वपूर्ण मानती हैं। आगामी महीनों में मंत्रालय के पाँच-सूत्रीय कार्यक्रम की प्रगति वैश्विक जलवायु वार्ताओं में चीन की स्थिति को प्रभावित करेगी।