सोना ₹4,694 और चांदी ₹8,436 सस्ती हुई इस हफ्ते; अंतरराष्ट्रीय तनाव से धातुओं में दबाव
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में 4 सितंबर को जारी आँकड़ों के अनुसार, इस सप्ताह सोने और चांदी दोनों की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 24 कैरेट सोने का भाव ₹4,694 घटकर ₹1,54,884 प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जबकि चांदी का दाम ₹8,436 की गिरावट के साथ ₹2,35,456 प्रति किलो रह गया। विशेषज्ञों के अनुसार इस गिरावट की मुख्य वजह अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ा भू-राजनीतिक तनाव रही।
सोने की कीमतों का साप्ताहिक विवरण
IBJA के आँकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोना पिछले सप्ताह के ₹1,59,578 प्रति 10 ग्राम से घटकर ₹1,54,884 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। 22 कैरेट सोने की कीमत ₹1,46,173 से गिरकर ₹1,41,874 प्रति 10 ग्राम हो गई। 18 कैरेट सोना अब ₹1,16,163 प्रति 10 ग्राम पर है, जो पहले ₹1,19,684 था।
इस हफ्ते 24 कैरेट सोने का सबसे ऊँचा भाव 31 अगस्त को शाम के सत्र में ₹1,55,835 प्रति 10 ग्राम रहा, जबकि सबसे कम भाव 2 सितंबर को शाम के सत्र में ₹1,51,184 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया।
चांदी में भी बड़ी गिरावट
चांदी का भाव इस सप्ताह ₹8,436 टूटकर ₹2,35,456 प्रति किलो पर आ गया, जो पहले ₹2,43,892 प्रति किलो था। इस हफ्ते चांदी का उच्चतम स्तर 31 अगस्त को शाम के सत्र में ₹2,37,199 प्रति किलो रहा, जबकि न्यूनतम स्तर 3 सितंबर को सुबह के सत्र में ₹2,28,360 प्रति किलो देखा गया।
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार की स्थिति
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने का भाव करीब 4,500 डॉलर प्रति औंस और चांदी का दाम 66 डॉलर प्रति औंस के आसपास रहा। गौरतलब है कि IBJA प्रतिदिन सुबह और शाम — दो सत्रों में सोने-चांदी के दाम जारी करता है, जो घरेलू बाज़ार के लिए संदर्भ कीमतें मानी जाती हैं।
गिरावट की वजह: अमेरिका-ईरान तनाव
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस सप्ताह सोने और चांदी में दबाव का प्रमुख कारण अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ा सैन्य तनाव रहा। अमेरिका की ओर से ईरान पर लगातार हमले किए जाने और ईरान द्वारा मध्य पूर्व में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने से बॉन्ड यील्ड, डॉलर और कच्चे तेल की कीमतों में मज़बूती आई — जिसने कीमती धातुओं पर बिकवाली का दबाव बनाया। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक निवेशक जोखिम-आधारित परिसंपत्तियों की ओर रुख कर रहे हैं।
आगे क्या
बाज़ार विश्लेषकों का कहना है कि मध्य पूर्व में तनाव की दिशा और डॉलर इंडेक्स की चाल अगले सप्ताह सोने-चांदी की कीमतों का रुख तय करेगी। यदि भू-राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ती है, तो सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की माँग फिर से लौट सकती है।