चीन के 60 विश्व विरासत स्थल: 10वें विरासत दिवस पर संरक्षण में बड़ी उपलब्धि
सारांश
मुख्य बातें
चीन ने अपने 10वें सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक विरासत दिवस (13 जून 2025) पर विश्व विरासत संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, हाल के वर्षों में चीन ने अपनी विरासत धरोहरों के वैज्ञानिक, व्यवस्थित और समग्र संरक्षण को सुदृढ़ किया है, जिसके परिणामस्वरूप संरक्षण की स्थिति में निरंतर सुधार देखा गया है।
चीन की विश्व विरासत स्थलों की स्थिति
वर्तमान में चीन में कुल 60 विश्व विरासत स्थल हैं। इनमें 41 विश्व सांस्कृतिक विरासत स्थल, 15 विश्व प्राकृतिक विरासत स्थल और 4 मिश्रित सांस्कृतिक-प्राकृतिक विरासत स्थल सम्मिलित हैं। रिपोर्टों के अनुसार, विश्व विरासत स्थलों के संरक्षण और प्रबंधन के मामले में चीन का स्थान वैश्विक स्तर पर अग्रणी देशों में है।
संग्रहालय और शैक्षिक गतिविधियाँ
2025 तक देशभर के संग्रहालयों में 45,000 प्रदर्शनियाँ और प्रदर्शन आयोजित किए गए। इसके साथ ही 5 लाख 83 हजार शैक्षिक गतिविधियाँ संचालित की गईं। इस अवधि में संग्रहालयों में आने वाले पर्यटकों की कुल संख्या 1 अरब 56 करोड़ तक पहुँच गई — जो विरासत स्थलों के प्रति जन-जागरूकता और रुचि का व्यापक संकेत है।
चौथी राष्ट्रीय सांस्कृतिक विरासत जनगणना
चीन में चल रही चौथी राष्ट्रीय सांस्कृतिक विरासत जनगणना में निरंतर प्रगति हो रही है। अब तक इस जनगणना में 1 लाख 30 हजार से अधिक नई सांस्कृतिक धरोहरें खोजी जा चुकी हैं। यह खोज चीन के सांस्कृतिक विरासत संसाधनों को और अधिक समृद्ध बना रही है।
क्यों मायने रखता है यह संरक्षण प्रयास
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर जलवायु परिवर्तन और शहरीकरण के कारण प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक धरोहरें खतरे में हैं। चीन का यह व्यापक संरक्षण मॉडल — जिसमें वैज्ञानिक पद्धति, जन-भागीदारी और डिजिटल दस्तावेज़ीकरण शामिल है — अन्य देशों के लिए एक संदर्भ बिंदु बन सकता है। गौरतलब है कि UNESCO की विश्व विरासत सूची में सर्वाधिक स्थलों वाले देशों में चीन शीर्ष पर बना हुआ है।