चीन में 2025 में A-स्तरीय पर्यटन स्थलों पर 7.51 अरब सैलानी, ₹554.49 अरब युआन का राजस्व
सारांश
मुख्य बातें
चीनी संस्कृति एवं पर्यटन मंत्रालय ने मंगलवार को 2025 की सांस्कृतिक एवं पर्यटन विकास सांख्यिकी विज्ञप्ति जारी की, जिसके अनुसार वर्ष के अंत तक देश भर में 16,994 A-स्तरीय दर्शनीय स्थल सक्रिय रहे और इन स्थलों पर पूरे वर्ष में 7.51 अरब पर्यटक पहुँचे। इन यात्राओं से कुल 554.49 अरब युआन का पर्यटन राजस्व अर्जित हुआ, जबकि इन क्षेत्रों ने 17.39 लाख लोगों को प्रत्यक्ष रोज़गार प्रदान किया।
मुख्य आँकड़े एक नज़र में
विज्ञप्ति के अनुसार 2025 के अंत तक चीन में संस्कृति एवं पर्यटन विभागों से संबद्ध 1,879 कला प्रदर्शन समूह सक्रिय थे। वर्षभर में कुल 3,92,000 प्रदर्शन आयोजित किए गए, जो 2024 की तुलना में 1.8 प्रतिशत अधिक हैं। घरेलू दर्शकों की संख्या 31 करोड़ तक पहुँची, जो पिछले वर्ष से 2.4 प्रतिशत ज़्यादा है।
संग्रहालयों और पुस्तकालयों में बढ़ती आवाजाही
देश भर में 740 सार्वजनिक कला संग्रहालय मौजूद हैं, जहाँ पूरे वर्ष में 11,000 प्रदर्शनियाँ लगीं — पिछले वर्ष की तुलना में 2.7 प्रतिशत अधिक। इन संग्रहालयों ने 7.886 करोड़ आगंतुकों को आकर्षित किया, जो 2024 के मुकाबले 9.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। साथ ही, चीन में 3,253 सार्वजनिक पुस्तकालय और 44,000 जन सांस्कृतिक संस्थान कार्यरत हैं।
अमूर्त सांस्कृतिक विरासत पर ज़ोर
राष्ट्रीय स्तर पर 1,557 प्रतिनिधि अमूर्त सांस्कृतिक विरासत वस्तुएँ और 3,994 राष्ट्रीय स्तर के प्रतिनिधि उत्तराधिकारी दर्ज हैं। देश में 2,388 अमूर्त सांस्कृतिक विरासत संरक्षण संस्थानों में 17,000 कर्मचारी कार्यरत हैं। इन संस्थानों ने वर्षभर में 82,000 प्रदर्शन (3 प्रतिशत वृद्धि), 21,000 लोक गतिविधियाँ (0.2 प्रतिशत वृद्धि) और 23,000 प्रदर्शनियाँ (4.8 प्रतिशत वृद्धि) आयोजित कीं।
‘14वीं पंचवर्षीय योजना’ की समाप्ति पर मूल्यांकन
विज्ञप्ति में कहा गया कि 2025 में सांस्कृतिक गतिविधियाँ अधिक समृद्ध हुईं, सांस्कृतिक उद्योग में निरंतर वृद्धि देखी गई और संस्कृति एवं पर्यटन का एकीकरण और गहरा हुआ। मंत्रालय के अनुसार, ‘14वीं पंचवर्षीय योजना’ (2021-2025) के लक्ष्य कुशलता से प्राप्त किए गए, जिससे आर्थिक एवं सामाजिक विकास को बल मिला।
आगे की दिशा
‘14वीं पंचवर्षीय योजना’ के समापन के साथ ही ये आँकड़े अगली पंचवर्षीय अवधि के लिए नीतिगत आधार तैयार करेंगे, जिसमें ग्रामीण पर्यटन, डिजिटल संग्रहालय और सांस्कृतिक निर्यात पर विशेष ज़ोर देने की संभावना जताई जा रही है।