मदरसों को आतंकवाद से जोड़ना स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान: अबू आसिम आजमी का BJP पर पलटवार
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष अबू आसिम आजमी ने 14 सितंबर 2026 को मुंबई में गणेशोत्सव की बधाई देते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता दिलीप घोष के मदरसों पर दिए बयान पर कड़ा पलटवार किया। आजमी ने कहा कि मदरसों को आतंकवाद से जोड़ना उन स्वतंत्रता सेनानियों का सीधा अपमान है, जिन्होंने महात्मा गांधी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी।
गणेशोत्सव पर एकता का संदेश
आजमी ने गणपति उत्सव को ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में रखते हुए कहा, 'इस खुशी के त्योहार पर सभी भाइयों को बहुत-बहुत बधाई देता हूँ और इसका किसी को विरोध नहीं करना चाहिए।' उन्होंने याद दिलाया कि अंग्रेजी शासन के दौरान सार्वजनिक जमावड़े पर प्रतिबंध था, और गणपति उत्सव के माध्यम से ही लोगों को एकजुट कर स्वतंत्रता संग्राम में भागीदारी कराई गई थी।
मदरसों और आजादी की लड़ाई का ऐतिहासिक संदर्भ
दिलीप घोष के बयान पर सीधा जवाब देते हुए आजमी ने कहा कि अंग्रेजों ने हुकूमत मुसलमानों से छीनी थी, इसलिए मदरसों ने उस दौर में मजबूती से प्रतिरोध किया — जिसे तब अंग्रेज 'आतंकवाद' कहते थे। उन्होंने कहा कि इतिहास के पन्ने पलट कर देखा जाए तो उलेमा-ए-किराम ने महात्मा गांधी से लेकर सभी बड़े नेताओं के साथ मिलकर स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लिया था। घबराई हुई अंग्रेज सरकार उन्हें उस समय 'आतंकवादी' करार देती थी।
आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया
आजमी ने स्पष्ट किया कि उलेमा और मदरसा-मस्जिद से जुड़े लोग देशभक्त हैं और उनका आतंकवाद से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा, 'जिनका लिंक है उन्हें पकड़िए।' उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि जो लोग अंग्रेजों के तलवे चाटते थे और जिनका आजादी की लड़ाई में कोई योगदान नहीं था, उन्हें उनकी यह बात जरूर चुभेगी — लेकिन इतिहास इसका प्रमाण है।
BJP पर राजनीतिक ध्रुवीकरण का आरोप
सपा नेता ने आरोप लगाया कि BJP के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है, इसलिए वे ध्यान भटकाने के लिए धर्म को बीच में लाते हैं। उन्होंने कहा कि अगर घोष 2029 तक भुखमरी खत्म करने, आपसी भाईचारा बढ़ाने, पेपर लीक रोकने और शिक्षा व्यवस्था सुधारने की बात करते, तो वे तालियाँ बजाते। आजमी ने कहा कि धर्म के नाम पर झूठ बोलकर राजनीति करने वालों के दिन अब गिने-चुने ही बचे हैं, क्योंकि 'अब जेन-जी जाग चुका है।'
BRICS शिखर सम्मेलन पर भी टिप्पणी
BRICS शिखर सम्मेलन में शाकाहारी भोजन को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की पोस्ट के संदर्भ में आजमी ने कहा कि जो मेहमान आए थे, उन्हें उनकी पसंद का खाना खिलाना चाहिए था। उन्होंने यह भी जोड़ा कि BRICS समिट में जो बातें हुई हैं, उन्हें लागू कर देश की तरक्की सुनिश्चित की जानी चाहिए।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब मदरसों पर राष्ट्रीय बहस तेज है और चुनावी राज्यों में धार्मिक ध्रुवीकरण की राजनीति पर सभी दलों की नजर टिकी है।