14 सितंबर 2026
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हूती विद्रोहियों का सऊदी किंग खालिद एयरबेस पर दर्जनों मिसाइल-ड्रोन हमला, EU प्रमुख वॉन डेर लेयेन ने की निंदा

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हूती विद्रोहियों का सऊदी किंग खालिद एयरबेस पर दर्जनों मिसाइल-ड्रोन हमला, EU प्रमुख वॉन डेर लेयेन ने की निंदा

सारांश

हूती विद्रोहियों ने 14 सितंबर को सऊदी अरब के किंग खालिद एयरबेस पर दर्जनों मिसाइल और ड्रोन दागने का दावा किया — और बाब अल-मंदब स्ट्रेट पर भी पकड़ मज़बूत की। यह एक दशक पुराने यमन संघर्ष का सबसे तीखा सैन्य विस्तार है, जो वैश्विक समुद्री व्यापार मार्गों को सीधे खतरे में डालता है।

मुख्य बातें

हूती विद्रोहियों ने 14 सितंबर 2026 को खमीस मुशैत स्थित किंग खालिद एयरबेस पर दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले का दावा किया।
सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी के अनुसार हैंगर, रडार, रनवे और गोला-बारूद भंडार को निशाना बनाया गया; सऊदी अधिकारियों ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
EU अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने एक्स पर हमले की निंदा करते हुए खाड़ी साझेदारों के साथ एकजुटता जताई।
हूतियों ने 3 सितंबर से व्यापक अभियान शुरू कर मोचा बंदरगाह और मयून द्वीप पर कब्जे का दावा किया है।
हूती समूह ने 20 जुलाई से सऊदी जहाजों पर लागू समुद्री प्रतिबंध बरकरार रखा है।
यमन संघर्ष 2014 में शुरू हुआ; सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने मार्च 2015 में हस्तक्षेप किया था।

यमन के हूती विद्रोहियों ने सोमवार, 14 सितंबर 2026 को दावा किया कि उन्होंने दक्षिण-पश्चिमी सऊदी अरब के खमीस मुशैत स्थित किंग खालिद एयरबेस पर दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे। सीमा पार बढ़ते सैन्य तनाव के बीच यह हमला क्षेत्रीय टकराव में एक नई और गंभीर वृद्धि के रूप में देखा जा रहा है। सऊदी अधिकारियों की ओर से इन दावों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

हमले का ब्यौरा: हूती प्रवक्ता के दावे

हूती समूह द्वारा संचालित अल-मसीरा टीवी पर जारी बयान में सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने कहा कि इस अभियान में एयरबेस के लड़ाकू विमानों के हैंगर, रडार सिस्टम, रनवे और गोला-बारूद भंडार को निशाना बनाया गया। सरी के अनुसार, हमले 'सटीक और सीधे' थे और इनसे एयरबेस को 'भारी नुकसान' पहुँचा। हालाँकि, हताहतों या नुकसान की कोई स्वतंत्र रूप से सत्यापित जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है।

सरी ने यह भी दावा किया कि यह हमला यमन में सऊदी हवाई हमलों के जवाब में किया गया। उनके अनुसार, हाल के दिनों में सऊदी F-15 और टाइफून लड़ाकू विमानों ने यमन के कई प्रांतों में 300 से अधिक हवाई हमले किए। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक यमन पर हमले जारी रहेंगे, हूती सऊदी क्षेत्र में गहराई तक जवाबी कार्रवाई करते रहेंगे।

यूरोपीय संघ की प्रतिक्रिया

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इस हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'मैं सऊदी अरब के खिलाफ हूती हमले की निंदा करती हूँ। हम लगातार हो रहे हमलों के बीच अपने खाड़ी साझेदारों के साथ एकजुटता से खड़े हैं।' वॉन डेर लेयेन ने यह भी कहा कि यूरोपीय संघ (EU) अपने साझेदारों के साथ मिलकर होर्मुज़ स्ट्रेट में सुरक्षित नौवहन और मध्य पूर्व में स्थिरता के लिए काम करता रहेगा।

ज़मीनी स्तर पर हूती विस्तार

यह हमला ऐसे समय हुआ है जब हूती विद्रोहियों ने 3 सितंबर 2026 से व्यापक सैन्य अभियान छेड़ रखा है। समूह ने लाल सागर तटीय होदेइदाह प्रांत और सटे ताइज़ प्रांत के कई सरकार-नियंत्रित इलाकों पर कब्जे का दावा किया है। गौरतलब है कि हूतियों ने रणनीतिक बंदरगाह शहर मोचा पर कब्जे के बाद बाब अल-मंदब स्ट्रेट के समीपवर्ती क्षेत्र में प्रवेश किया और मयून द्वीप पर भी नियंत्रण का दावा किया — जो लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है।

हूती समूह ने दावा किया कि इस जलमार्ग से अंतरराष्ट्रीय नौवहन 'स्वतंत्र, सुरक्षित और सुचारू' बना हुआ है। हालाँकि, उसने 20 जुलाई को लगाए गए समुद्री प्रतिबंध के तहत सऊदी जहाजों को इस व्यवस्था से बाहर रखने की बात दोहराई।

संघर्ष की पृष्ठभूमि

यमन में यह संघर्ष 2014 के अंत में तब शुरू हुआ था जब हूती विद्रोहियों ने सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार के समर्थन में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने मार्च 2015 में सैन्य हस्तक्षेप शुरू किया। एक दशक से अधिक समय से जारी यह संघर्ष अब एक नए और अधिक खतरनाक चरण में प्रवेश करता दिख रहा है।

आगे क्या होगा

सऊदी अधिकारियों की चुप्पी और हूती चेतावनियों के बीच क्षेत्रीय कूटनीतिक हलकों में हलचल बढ़ी है। बाब अल-मंदब पर हूती पकड़ मज़बूत होने के साथ वैश्विक समुद्री व्यापार मार्गों पर असर की आशंका और गहरी हो गई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया निर्णायक साबित हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

हमलों की तीव्रता ने उसे पटरी से उतार दिया — यही पैटर्न अब फिर दोहराता दिख रहा है। EU की निंदा कूटनीतिक दबाव की दिशा में एक कदम है, लेकिन ज़मीन पर असर डालने के लिए यह पर्याप्त नहीं है। असली सवाल यह है कि क्या अंतरराष्ट्रीय समुदाय बाब अल-मंदब पर बढ़ते हूती नियंत्रण के मद्देनज़र समन्वित और ठोस कदम उठाने में सक्षम होगा, या फिर बयानों तक ही सीमित रहेगा।
RashtraPress
14 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हूतियों ने किस सऊदी एयरबेस पर हमला करने का दावा किया है?
हूती विद्रोहियों ने दक्षिण-पश्चिमी सऊदी अरब के खमीस मुशैत स्थित किंग खालिद एयरबेस पर दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन दागने का दावा किया है। सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी के अनुसार हैंगर, रडार सिस्टम, रनवे और गोला-बारूद भंडार को निशाना बनाया गया।
हूती हमले पर EU ने क्या प्रतिक्रिया दी?
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने एक्स पर हमले की कड़ी निंदा की और खाड़ी साझेदारों के साथ एकजुटता जताई। उन्होंने कहा कि EU होर्मुज़ स्ट्रेट में सुरक्षित नौवहन और मध्य पूर्व में स्थिरता के लिए काम करता रहेगा।
क्या सऊदी अरब ने हूती हमले की पुष्टि की है?
नहीं। 14 सितंबर 2026 को हमले के दावे के बाद सऊदी अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। हताहतों या नुकसान की भी कोई स्वतंत्र रूप से सत्यापित जानकारी उपलब्ध नहीं है।
बाब अल-मंदब स्ट्रेट पर हूती नियंत्रण का क्या असर पड़ सकता है?
बाब अल-मंदब स्ट्रेट लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है और वैश्विक समुद्री व्यापार का एक प्रमुख मार्ग है। मयून द्वीप पर हूती कब्जे के दावे के बाद इस जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों — विशेषकर सऊदी जहाजों, जिन पर 20 जुलाई से प्रतिबंध है — पर सीधा असर पड़ सकता है।
यमन संघर्ष कब शुरू हुआ और अभी क्या स्थिति है?
यमन में संघर्ष 2014 के अंत में शुरू हुआ जब हूतियों ने सना और उत्तरी यमन पर कब्जा किया; सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने मार्च 2015 में हस्तक्षेप किया। अभी हूतियों ने 3 सितंबर 2026 से नया व्यापक अभियान शुरू कर होदेइदाह, ताइज़, मोचा और मयून द्वीप पर कब्जे का दावा किया है।
राष्ट्र प्रेस
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