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यूसीसी से आदिवासी परंपराओं को खतरा नहीं, ओपी चौधरी बोले — विपक्ष फैला रहा भ्रम

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यूसीसी से आदिवासी परंपराओं को खतरा नहीं, ओपी चौधरी बोले — विपक्ष फैला रहा भ्रम

सारांश

छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने यूसीसी पर आदिवासी समाज की आशंकाओं को निराधार बताया और विपक्ष पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। साथ ही अमित शाह के 2029 के लक्ष्य का समर्थन करते हुए ब्रिक्स अनुपस्थिति और भारत-चीन संबंधों पर भी बात की।

मुख्य बातें

छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि यूसीसी से आदिवासी परंपराओं और संस्कृति को कोई नुकसान नहीं होगा।
उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह के 2029 तक भाजपा शासित राज्यों में यूसीसी लागू करने के बयान का समर्थन किया।
संविधान के अनुच्छेद 44 का हवाला देते हुए यूसीसी को नीति निर्देशक तत्वों और BJP के घोषणापत्र का हिस्सा बताया।
कांग्रेस पर तुष्टिकरण और विपक्ष पर 'कुर्सी फर्स्ट' की राजनीति का आरोप लगाया।
एलएसी पर PLA की तैनाती में कमी को लेकर केंद्र की कूटनीति की सराहना की; भारत-चीन संबंधों में सतर्कता बनाए रखने की ज़रूरत बताई।

छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने 14 सितंबर 2026 को रायपुर में स्पष्ट किया कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) से आदिवासी समाज की परंपराओं और संस्कृति को कोई नुकसान नहीं होगा, और विपक्षी दल इस मुद्दे पर जानबूझकर भ्रम फैला रहे हैं। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान का पुरज़ोर समर्थन किया जिसमें 2029 तक भाजपा शासित राज्यों में यूसीसी लागू करने की बात कही गई है।

यूसीसी और संविधान का आधार

चौधरी ने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 में राज्य को समान नागरिक संहिता की दिशा में प्रयास करने का निर्देश दिया गया है, और यह भारतीय जनता पार्टी (BJP) के चुनावी घोषणापत्र में भी शामिल है। उनके अनुसार, गृह मंत्री शाह अपने संकल्पों को दृढ़ता से लागू करने के लिए जाने जाते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा इसे एक प्रगतिशील और समान अधिकारों वाले समाज की दिशा में आवश्यक कदम मानती है।

आदिवासी समाज की आशंकाएँ और विपक्ष पर आरोप

यूसीसी को लेकर आदिवासी समुदाय में जताई जा रही चिंताओं पर चौधरी ने कहा कि यह आशंकाएँ निराधार हैं और विपक्षी ताकतें जानबूझकर अफवाहें फैला रही हैं। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यूसीसी नहीं होने के कारण मुस्लिम समाज की महिलाओं को संपत्ति में अधिकार, तीन तलाक और बहुविवाह जैसे मुद्दों पर लंबे समय से कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। उनके अनुसार, किसी भी वर्ग की महिलाओं को समान अधिकार मिलना संवैधानिक ज़िम्मेदारी है।

ब्रिक्स सम्मेलन और विपक्ष पर 'कुर्सी फर्स्ट' का आरोप

ब्रिक्स सम्मेलन में विपक्षी दलों के कुछ मुख्यमंत्रियों के शामिल न होने पर चौधरी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भाजपा का सिद्धांत 'नेशन फर्स्ट' है, जबकि विपक्ष 'कुर्सी फर्स्ट' की राजनीति करता है। उन्होंने ज़ोर दिया कि जब भारत किसी अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी भूमिका निभा रहा हो, तब देश के भीतर राजनीतिक मतभेदों को उस मंच से जोड़ना राष्ट्रहित में नहीं है। बदलते वैश्विक परिदृश्य में, जहाँ वैश्विक दक्षिण यानी चीन, रूस, ब्राज़ील और भारत जैसे देशों की भूमिका बढ़ रही है, ब्रिक्स की प्रासंगिकता और भी महत्वपूर्ण हो गई है।

भारत-चीन संबंध और एलएसी पर स्थिति

रक्षा मंत्रालय की रिपोर्टों में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीनी सेना PLA की तैनाती में कमी और द्विपक्षीय संबंधों में सुधार के संकेतों के बारे में पूछे जाने पर चौधरी ने केंद्र सरकार की कूटनीति को सराहा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी विभिन्न देशों के साथ भारत के राजनीतिक और कूटनीतिक संबंधों को नई दिशा देने का प्रयास कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने आगाह किया कि चीन के साथ संबंधों में सकारात्मक और नकारात्मक दोनों परिस्थितियाँ उत्पन्न हो सकती हैं, इसलिए भारत को हर स्थिति के लिए तैयार रहना होगा।

विकसित भारत 2047 का लक्ष्य

चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार की विदेश नीति में भारत के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। आर्थिक, सामरिक और रक्षा क्षेत्र में देश को मजबूत बनाते हुए 2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य सरकार के हर कदम में परिलक्षित होता है। यूसीसी पर आगे की कार्रवाई भाजपा शासित राज्यों में अगले कुछ वर्षों में किस रूप में सामने आती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन उन वास्तविक संवैधानिक सवालों को नज़रअंदाज़ करता है जो छठी अनुसूची और आदिवासी प्रथागत कानूनों की रक्षा को लेकर कानूनी विशेषज्ञ उठाते रहे हैं। ब्रिक्स अनुपस्थिति पर 'नेशन फर्स्ट बनाम कुर्सी फर्स्ट' की भाषा चतुर राजनीतिक फ्रेमिंग है, पर यह सवाल अनुत्तरित छोड़ती है कि क्या सत्ता पक्ष ने विपक्षी मुख्यमंत्रियों को समुचित रूप से शामिल किया था। एलएसी पर कूटनीतिक प्रगति की सराहना के साथ-साथ 'हर परिस्थिति के लिए तैयार रहने' की चेतावनी यह दर्शाती है कि सरकार के भीतर भी चीन को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
RashtraPress
14 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओपी चौधरी ने यूसीसी और आदिवासी परंपराओं पर क्या कहा?
छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने 14 सितंबर 2026 को स्पष्ट किया कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) से आदिवासी समाज की परंपराओं और संस्कृति को कोई नुकसान नहीं होगा। उनके अनुसार विपक्षी दल इस मुद्दे पर जानबूझकर भ्रम और अफवाहें फैला रहे हैं।
अमित शाह ने यूसीसी को लेकर क्या बयान दिया है?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि यूसीसी को 2029 तक भाजपा शासित राज्यों में लागू किया जाएगा। ओपी चौधरी ने इस बयान का समर्थन करते हुए कहा कि शाह अपने संकल्पों को दृढ़ता से पूरा करने के लिए जाने जाते हैं।
यूसीसी का संवैधानिक आधार क्या है?
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 में राज्य को नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता सुनिश्चित करने का प्रयास करने का निर्देश दिया गया है। यह राज्य के नीति निर्देशक तत्वों का हिस्सा है और भाजपा के चुनावी घोषणापत्र में भी शामिल रहा है।
ब्रिक्स सम्मेलन में विपक्षी मुख्यमंत्रियों की अनुपस्थिति पर चौधरी का क्या कहना था?
चौधरी ने विपक्षी मुख्यमंत्रियों की ब्रिक्स सम्मेलन से अनुपस्थिति को 'कुर्सी फर्स्ट' की राजनीति बताया। उन्होंने कहा कि जब भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी भूमिका निभा रहा हो, तब देश की राजनीतिक एकता ज़रूरी है।
एलएसी पर PLA की तैनाती में कमी पर भाजपा का क्या रुख है?
ओपी चौधरी ने रक्षा मंत्रालय की रिपोर्टों में एलएसी पर चीनी सेना PLA की तैनाती में कमी को केंद्र की कूटनीतिक सफलता बताया। हालाँकि उन्होंने यह भी कहा कि चीन के साथ संबंधों में सकारात्मक और नकारात्मक दोनों परिस्थितियाँ आ सकती हैं, इसलिए भारत को हर स्थिति के लिए तैयार रहना होगा।
राष्ट्र प्रेस
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