14 सितंबर 2026
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यूसीसी आस्था पर नहीं, व्यवस्था में सुधार की कोशिश है: मुख्तार अब्बास नकवी का अमित शाह के बयान को समर्थन

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यूसीसी आस्था पर नहीं, व्यवस्था में सुधार की कोशिश है: मुख्तार अब्बास नकवी का अमित शाह के बयान को समर्थन

सारांश

BJP के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने यूसीसी को आस्था पर प्रहार बताने वाली धारणा को खारिज किया और इसे संविधान के अनुच्छेद 44 की भावना के अनुरूप सामाजिक सुधार का प्रयास करार दिया। साथ ही उन्होंने ब्रिक्स पर विपक्ष की आलोचना को 'नाराज फूफा' वाले तंज से नकारा और महिला क्रिकेट टीम के रुख का बचाव किया।

मुख्य बातें

मुख्तार अब्बास नकवी ने 14 सितंबर 2026 को कहा कि यूसीसी आस्था पर नहीं, सामाजिक व्यवस्था में सुधार की कोशिश है।
उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 44 का हवाला देते हुए यूसीसी को संवैधानिक प्रतिबद्धता बताया।
गृह मंत्री अमित शाह के यूसीसी बयान का नकवी ने पूरा समर्थन किया।
ब्रिक्स पर राहुल गांधी की आलोचना को नकवी ने खारिज करते हुए 'नाराज फूफा' वाले PM मोदी के तंज का ज़िक्र किया।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम द्वारा मोहसिन नकवी से एशिया कप ट्रॉफी लेने से इनकार का नकवी ने समर्थन किया।
अवैध मदरसों के स्थान पर मुख्यधारा के स्कूल-कॉलेज खोलने की वकालत की।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने 14 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में स्पष्ट किया कि समान नागरिक संहिता (UCC) किसी भी धर्म की आस्था पर आघात नहीं है, बल्कि यह सामाजिक व्यवस्था में सुधार का एक संवैधानिक प्रयास है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के यूसीसी संबंधी बयान का पूरी तरह समर्थन किया और कहा कि शाह ने संवैधानिक प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित किया है।

यूसीसी और संवैधानिक आधार

नकवी ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 44 में संविधान निर्माताओं ने सरकार को समान नागरिक संहिता की दिशा में आगे बढ़ने का स्पष्ट निर्देश दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा, 'इसमें आस्था पर किसी भी तरह का वार या प्रहार नहीं है, लेकिन हाँ, व्यवस्था में सुधार ज़रूर है।' उनके अनुसार, यूसीसी को लेकर सांप्रदायिकता का भ्रम फैलाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।

नकवी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को इस दिशा में तैयार किया गया है और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की राज्य सरकारें भी यूसीसी को लागू करने की दिशा में सक्रिय रूप से आगे बढ़ रही हैं।

ब्रिक्स सम्मेलन और विपक्ष पर कटाक्ष

ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान पर नकवी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर जारी तनाव और चुनौतियों के बीच ब्रिक्स से जो समाधान सामने आए हैं, वे भारत और दुनिया के लिए गर्व की बात हैं। विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की उस टिप्पणी का हवाला दिया कि 'नाराज फूफा कभी खुश नहीं होते।'

महिला क्रिकेट टीम का ट्रॉफी लेने से इनकार

भारतीय महिला क्रिकेट टीम द्वारा एशिया कप ट्रॉफी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख मोहसिन नकवी से लेने से इनकार करने के सवाल पर मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, 'ट्रॉफी चोरी करने और सीनाजोरी करने वालों से कौन ट्रॉफी लेगा।' उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को मैदान के अंदर खेलना चाहिए और मैदान के बाहर से बाउंसर मारने की कोशिश नहीं करनी चाहिए — ऐसी परिस्थितियों में अपमान का घूंट पीना पड़ता है।

वंदे मातरम और राष्ट्रवाद

वंदे मातरम के मुद्दे पर नकवी ने कहा कि दशकों तक इसे लेकर असहिष्णुता का दौर रहा और लोगों के बीच भ्रम एवं भय का माहौल बनाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि आज अलग-अलग जगहों पर वंदे मातरम के साथ राष्ट्रवाद का संदेश गूंज रहा है, जो एक सकारात्मक बदलाव है।

अवैध मदरसों पर मुख्यधारा की शिक्षा की वकालत

अवैध मदरसों के मुद्दे पर नकवी ने कहा कि जहाँ मदरसे नियमों के दायरे से बाहर संचालित हो रहे हैं, वहाँ वैध स्कूल और कॉलेज खोले जाने चाहिए। उनके अनुसार, कई मदरसों में मुख्यधारा की शिक्षा का अभाव है और वहाँ विभिन्न प्रकार की अनियमितताएँ देखी जाती हैं। उन्होंने जोर दिया कि बच्चों को ऐसी शिक्षा व्यवस्था मिलनी चाहिए जिससे वे मुख्यधारा से जुड़ सकें और उनके भविष्य के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध हों।

यूसीसी पर यह बयान ऐसे समय में आया है जब देशभर में इस मुद्दे पर राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज़ है और कई NDA-शासित राज्य इस संबंध में कानूनी ढाँचा तैयार करने की दिशा में काम कर रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि संवैधानिक-प्रगतिशील ढाँचे में पेश करना चाहती है — और इसके लिए पार्टी के एक वरिष्ठ मुस्लिम चेहरे का इस्तेमाल सोची-समझी राजनीतिक चाल है। हालाँकि, आलोचक यह सवाल उठाते हैं कि अनुच्छेद 44 एक निदेशक सिद्धांत है, बाध्यकारी प्रावधान नहीं — और यूसीसी का क्रियान्वयन किन धर्मों के किन व्यक्तिगत कानूनों को कितना बदलेगा, यह अभी भी अस्पष्ट है। ब्रिक्स और महिला क्रिकेट जैसे असंबद्ध मुद्दों पर एक साथ बयानबाजी यह संकेत देती है कि यह बैठक एक बहु-मोर्चे वाला मीडिया ब्रीफिंग था, जिसका मकसद एक साथ कई विपक्षी आख्यानों का काउंटर करना था।
RashtraPress
14 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुख्तार अब्बास नकवी ने यूसीसी को लेकर क्या कहा?
नकवी ने कहा कि यूसीसी किसी धर्म की आस्था पर प्रहार नहीं है, बल्कि यह सामाजिक व्यवस्था में सुधार की संवैधानिक कोशिश है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 44 का हवाला देते हुए इसे संविधान निर्माताओं की मंशा के अनुरूप बताया।
अमित शाह के यूसीसी बयान पर नकवी की क्या प्रतिक्रिया थी?
नकवी ने गृह मंत्री अमित शाह के बयान का पूर्ण समर्थन किया और कहा कि शाह ने केवल संवैधानिक प्रतिबद्धता को दोहराया है। उन्होंने यह भी कहा कि यूसीसी को लेकर सांप्रदायिकता का भ्रम फैलाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।
ब्रिक्स सम्मेलन पर नकवी ने विपक्ष को क्या जवाब दिया?
नकवी ने राहुल गांधी की आलोचना को खारिज करते हुए कहा कि ब्रिक्स से जो समाधान सामने आए वे भारत और दुनिया के लिए गर्व की बात हैं। उन्होंने PM मोदी की 'नाराज फूफा कभी खुश नहीं होते' वाली टिप्पणी का हवाला दिया।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम के ट्रॉफी लेने से इनकार पर नकवी का क्या रुख है?
नकवी ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम के रुख का समर्थन किया। उन्होंने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख मोहसिन नकवी से ट्रॉफी न लेने के फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि 'सीनाजोरी करने वालों से कौन ट्रॉफी लेगा।'
अवैध मदरसों के मुद्दे पर नकवी का क्या कहना है?
नकवी ने कहा कि नियमों के दायरे से बाहर संचालित मदरसों के स्थान पर वैध स्कूल और कॉलेज खोले जाने चाहिए। उनका मानना है कि बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा मिलनी चाहिए ताकि उनके भविष्य के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध हों।
राष्ट्र प्रेस
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