यूसीसी आस्था पर नहीं, व्यवस्था में सुधार की कोशिश है: मुख्तार अब्बास नकवी का अमित शाह के बयान को समर्थन
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने 14 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में स्पष्ट किया कि समान नागरिक संहिता (UCC) किसी भी धर्म की आस्था पर आघात नहीं है, बल्कि यह सामाजिक व्यवस्था में सुधार का एक संवैधानिक प्रयास है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के यूसीसी संबंधी बयान का पूरी तरह समर्थन किया और कहा कि शाह ने संवैधानिक प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित किया है।
यूसीसी और संवैधानिक आधार
नकवी ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 44 में संविधान निर्माताओं ने सरकार को समान नागरिक संहिता की दिशा में आगे बढ़ने का स्पष्ट निर्देश दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा, 'इसमें आस्था पर किसी भी तरह का वार या प्रहार नहीं है, लेकिन हाँ, व्यवस्था में सुधार ज़रूर है।' उनके अनुसार, यूसीसी को लेकर सांप्रदायिकता का भ्रम फैलाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।
नकवी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को इस दिशा में तैयार किया गया है और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की राज्य सरकारें भी यूसीसी को लागू करने की दिशा में सक्रिय रूप से आगे बढ़ रही हैं।
ब्रिक्स सम्मेलन और विपक्ष पर कटाक्ष
ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान पर नकवी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर जारी तनाव और चुनौतियों के बीच ब्रिक्स से जो समाधान सामने आए हैं, वे भारत और दुनिया के लिए गर्व की बात हैं। विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की उस टिप्पणी का हवाला दिया कि 'नाराज फूफा कभी खुश नहीं होते।'
महिला क्रिकेट टीम का ट्रॉफी लेने से इनकार
भारतीय महिला क्रिकेट टीम द्वारा एशिया कप ट्रॉफी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख मोहसिन नकवी से लेने से इनकार करने के सवाल पर मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, 'ट्रॉफी चोरी करने और सीनाजोरी करने वालों से कौन ट्रॉफी लेगा।' उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को मैदान के अंदर खेलना चाहिए और मैदान के बाहर से बाउंसर मारने की कोशिश नहीं करनी चाहिए — ऐसी परिस्थितियों में अपमान का घूंट पीना पड़ता है।
वंदे मातरम और राष्ट्रवाद
वंदे मातरम के मुद्दे पर नकवी ने कहा कि दशकों तक इसे लेकर असहिष्णुता का दौर रहा और लोगों के बीच भ्रम एवं भय का माहौल बनाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि आज अलग-अलग जगहों पर वंदे मातरम के साथ राष्ट्रवाद का संदेश गूंज रहा है, जो एक सकारात्मक बदलाव है।
अवैध मदरसों पर मुख्यधारा की शिक्षा की वकालत
अवैध मदरसों के मुद्दे पर नकवी ने कहा कि जहाँ मदरसे नियमों के दायरे से बाहर संचालित हो रहे हैं, वहाँ वैध स्कूल और कॉलेज खोले जाने चाहिए। उनके अनुसार, कई मदरसों में मुख्यधारा की शिक्षा का अभाव है और वहाँ विभिन्न प्रकार की अनियमितताएँ देखी जाती हैं। उन्होंने जोर दिया कि बच्चों को ऐसी शिक्षा व्यवस्था मिलनी चाहिए जिससे वे मुख्यधारा से जुड़ सकें और उनके भविष्य के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध हों।
यूसीसी पर यह बयान ऐसे समय में आया है जब देशभर में इस मुद्दे पर राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज़ है और कई NDA-शासित राज्य इस संबंध में कानूनी ढाँचा तैयार करने की दिशा में काम कर रहे हैं।