केंद्र में भी लागू होगी यूसीसी, यह संवैधानिक दायित्व है: भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने 13 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में समान नागरिक संहिता (UCC), राम मंदिर विवाद और कांग्रेस की राजनीति पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि UCC केवल राज्यों तक सीमित नहीं रहेगी — उचित समय पर केंद्र सरकार भी इसे लागू करेगी, क्योंकि यह सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है। उनके इस बयान ने राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस को हवा दे दी है।
यूसीसी पर नकवी का रुख
नकवी ने कहा कि कांग्रेस दशकों से केंद्र में UCC लागू करने की वकालत करती रही, परंतु जब सत्ता उसके हाथ में थी, तब न तो राज्यों में और न ही केंद्र में इस दिशा में कोई ठोस कदम उठाया गया। उन्होंने कहा कि अब जब विभिन्न राज्यों में UCC को अमलीजामा पहनाया जा रहा है, तो कांग्रेस को इसका स्वागत करना चाहिए, न कि विरोध।
उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार भी सही समय पर इस दिशा में आगे बढ़ेगी। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड सहित कई भाजपा-शासित राज्य UCC के क्रियान्वयन की प्रक्रिया में हैं।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर प्रतिक्रिया
राम मंदिर चढ़ावे से जुड़े विवाद पर नकवी ने कहा कि जो लोग वास्तव में राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे हैं और मंदिर के प्रति संवेदनशील हैं, वे पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), राम मंदिर प्रशासन और उत्तर प्रदेश सरकार — तीनों ने स्पष्ट किया है कि जांच निष्पक्ष होगी और जिम्मेदार व्यक्तियों पर कार्रवाई की जाएगी। नकवी ने आरोप लगाया कि जिन लोगों का राम मंदिर आंदोलन में कोई योगदान नहीं रहा, वही अब अनावश्यक सवाल खड़े कर राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं।
कांग्रेस पर तीखा हमला
नकवी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी का पुराना रवैया हमेशा राष्ट्रवादियों के प्रति कठोर और राष्ट्र-विरोधी तत्वों के प्रति नरम रहा है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि कांग्रेस भले ही एक 'ग्रैंड ओल्ड पार्टी' हो, लेकिन उसकी 'एक्सपायरी डेट' बीत चुकी है।
उनके अनुसार, कांग्रेस नई पैकेजिंग और नए राजनीतिक प्रयोगों के जरिए खुद को प्रासंगिक बनाने की कोशिश करती है, लेकिन अंततः अपनी ही रणनीतियों में उलझ जाती है।
मनमोहन सिंह और सामंती मानसिकता के आरोप
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह से जुड़े कुछ पुस्तकीय दावों का उल्लेख करते हुए नकवी ने कहा कि ऐसे दावों की सत्यता की जांच अब संभव नहीं है, क्योंकि उनसे इस विषय पर प्रश्न नहीं किया जा सकता। उन्होंने इन दावों पर आश्चर्य और व्यंग्य दोनों व्यक्त किए।
वायनाड, रायबरेली और अमेठी का जिक्र करते हुए नकवी ने कांग्रेस पर सामंती मानसिकता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने इन पारंपरिक निर्वाचन क्षेत्रों को हमेशा अपनी जागीर की तरह देखा और वहां के मतदाताओं को सम्मानजनक भागीदार की बजाय अपनी प्रजा समझा। उनके अनुसार, यही सामंती अहंकार आज भी कांग्रेस की राजनीति में स्पष्ट दिखता है।
गौरतलब है कि नकवी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब UCC को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक तापमान बढ़ा हुआ है और आगामी चुनावों को देखते हुए दोनों प्रमुख दलों के बीच वैचारिक टकराव तेज हो रहा है।