13 जुलाई 2026
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बांकीपुर उपचुनाव: प्रशांत किशोर ने दाखिल किया नामांकन, बोले — 'बिहार के बेहतर भविष्य का नॉमिनेशन है यह'

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बांकीपुर उपचुनाव: प्रशांत किशोर ने दाखिल किया नामांकन, बोले — 'बिहार के बेहतर भविष्य का नॉमिनेशन है यह'

सारांश

प्रशांत किशोर ने बांकीपुर उपचुनाव में नामांकन दाखिल कर साफ संदेश दिया — यह लड़ाई सिर्फ एक सीट की नहीं, बिहार की राजनीतिक तस्वीर बदलने की है। जन सुराज की यह पहली बड़ी चुनावी अग्निपरीक्षा है।

मुख्य बातें

प्रशांत किशोर ने 13 जुलाई को बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया।
नामांकन से पूर्व स्काउट एवं गाइड मैदान से समाहरणालय तक विशाल पदयात्रा निकाली गई।
किशोर ने कहा — 'यह बिहार के बेहतर भविष्य का नामांकन है और अपराधी लोगों को कुर्सी छोड़ने का आह्वान है।' उन्होंने इस उपचुनाव को BJP के 'अहंकार पर अंकुश' और नेतृत्व परिवर्तन का अवसर बताया।
जन सुराज के लिए यह पहली बड़ी चुनावी परीक्षा है; सभी प्रमुख दलों ने अपने उम्मीदवार मैदान में उतारे।

जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने सोमवार, 13 जुलाई को पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। नामांकन से पूर्व उन्होंने एक विशाल पदयात्रा का नेतृत्व किया, जिसमें बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, समर्थक और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। किशोर ने कहा कि यह चुनाव बिहार में बदलाव की शुरुआत है — न कि किसी एक नेता की व्यक्तिगत लड़ाई।

पदयात्रा का मार्ग और माहौल

पदयात्रा स्काउट एवं गाइड मैदान से शुरू होकर कोतवाली थाना, डाकबंगला चौराहा, एसपी वर्मा रोड, जेपी गोलंबर और गांधी मैदान होते हुए समाहरणालय पहुँची, जहाँ नामांकन दाखिल किया गया। रास्ते भर समर्थकों ने 'लड़ेंगे बांकीपुर, जीतेंगे बांकीपुर' के नारे लगाए। जगह-जगह स्थानीय लोगों ने किशोर का स्वागत किया। सुरक्षा की दृष्टि से मार्ग पर पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती की गई थी।

प्रशांत किशोर का बयान

नामांकन के बाद मीडिया से बातचीत में प्रशांत किशोर ने कहा, 'यह मेरा नामांकन नहीं है, बिहार में बदलती हुई तस्वीर का नामांकन है। यह बिहार के बेहतर भविष्य का नामांकन है और बिहार में अपराधी लोगों को कुर्सी छोड़ने का आह्वान है। यह बदलाव की शुरुआत है।' उन्होंने जोर देकर कहा कि बांकीपुर किसी पार्टी या नेता का गढ़ नहीं, बल्कि यहाँ की जनता का गढ़ है और जनता ही तय करेगी कि इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कौन करेगा।

चुनाव का राजनीतिक संदेश

किशोर के अनुसार यह उपचुनाव महज एक विधायक चुनने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि बिहार में नेतृत्व परिवर्तन का अवसर है। उन्होंने कहा कि यह चुनाव भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 'अहंकार पर अंकुश' लगाने और चुने हुए जनप्रतिनिधियों को जनता के प्रति जवाबदेह बनाने की लड़ाई भी है। उन्होंने दावा किया कि बिहार की जनता अब विकास, शिक्षा, रोजगार और बेहतर शासन के मुद्दों पर आधारित राजनीति चाहती है।

बांकीपुर सीट का राजनीतिक महत्व

यह ऐसे समय में आया है जब बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपने-अपने उम्मीदवार मैदान में उतार दिए हैं और चुनाव प्रचार भी गति पकड़ चुका है। गौरतलब है कि यह सीट पटना के केंद्र में स्थित है और राज्य की राजनीति में इसका प्रतीकात्मक महत्व है। जन सुराज की यह पहली बड़ी चुनावी परीक्षा है, जो यह तय करेगी कि किशोर की राजनीतिक पारी कितनी मजबूत जमीन पर खड़ी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उनकी राजनीतिक विश्वसनीयता की असली परीक्षा है — वे वर्षों से दूसरों की चुनावी रणनीति बनाते रहे हैं, अब खुद मतदाताओं के सामने हैं। 'बदलाव' और 'जवाबदेही' के नारे बिहार में नए नहीं हैं; हर चुनाव में इन्हें दोहराया जाता है। असली सवाल यह है कि जन सुराज के पास संगठनात्मक ढाँचा और ज़मीनी पकड़ कितनी है, जो नारों को वोट में बदल सके। यदि बांकीपुर में परिणाम उम्मीद के अनुरूप नहीं रहा, तो किशोर की 'नई राजनीति' की कथा को गंभीर धक्का लग सकता है।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रशांत किशोर ने बांकीपुर उपचुनाव में नामांकन कब दाखिल किया?
प्रशांत किशोर ने 13 जुलाई, सोमवार को बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया। नामांकन से पहले उन्होंने पटना में स्काउट एवं गाइड मैदान से समाहरणालय तक पदयात्रा निकाली।
प्रशांत किशोर किस पार्टी से बांकीपुर उपचुनाव लड़ रहे हैं?
प्रशांत किशोर अपनी पार्टी जन सुराज की ओर से बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में उम्मीदवार हैं। जन सुराज के लिए यह पहली बड़ी विधानसभा चुनावी परीक्षा मानी जा रही है।
प्रशांत किशोर ने बांकीपुर उपचुनाव को लेकर क्या कहा?
किशोर ने कहा कि यह उनका व्यक्तिगत नामांकन नहीं, बल्कि बिहार के बेहतर भविष्य का नामांकन है। उन्होंने इसे BJP के 'अहंकार पर अंकुश' लगाने और जनप्रतिनिधियों को जनता के प्रति जवाबदेह बनाने की लड़ाई भी बताया।
बांकीपुर विधानसभा सीट का राजनीतिक महत्व क्या है?
बांकीपुर सीट पटना के केंद्र में स्थित है और राज्य की राजनीति में इसका प्रतीकात्मक महत्व है। इस उपचुनाव में सभी प्रमुख दलों ने उम्मीदवार उतारे हैं, जिससे यह मुकाबला बिहार की राजनीतिक दिशा के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
प्रशांत किशोर की पदयात्रा का मार्ग क्या था?
पदयात्रा स्काउट एवं गाइड मैदान से शुरू होकर कोतवाली थाना, डाकबंगला चौराहा, एसपी वर्मा रोड, जेपी गोलंबर और गांधी मैदान होते हुए समाहरणालय पहुँची। मार्ग में समर्थकों ने 'लड़ेंगे बांकीपुर, जीतेंगे बांकीपुर' के नारे लगाए।
राष्ट्र प्रेस
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