वायनाड भूस्खलन: प्रियंका-राहुल की अनुपस्थिति पर भाजपा का 'यूज एंड थ्रो' हमला, कांग्रेस ने वीआईपी दौरे को बताया बाधा
सारांश
मुख्य बातें
वायनाड भूस्खलन त्रासदी के एक सप्ताह बाद भी कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और पूर्व सांसद राहुल गांधी के प्रभावित निर्वाचन क्षेत्र का दौरा न करने पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखा हमला बोला है। 13 जुलाई को भाजपा प्रवक्ताओं ने गांधी भाई-बहनों पर 'यूज एंड थ्रो' राजनीति का आरोप लगाते हुए उन्हें 'अनुपस्थित जमींदार' करार दिया। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) ने पलटवार करते हुए कहा कि वीआईपी दौरे राहत कार्यों में बाधा बनते हैं।
भाजपा के आरोप: 'राजनीतिक मोहरा' और 'अस्थायी राजनेता'
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सी.आर. केशवन ने कहा कि वायनाड कांग्रेस के शीर्ष परिवार के लिए एक राजनीतिक मोहरा मात्र है। उन्होंने आरोप लगाया कि 'प्रियंका गांधी वाड्रा ने वायनाड की पूरी तरह से उपेक्षा की है और इस क्षेत्र को एक अनुपस्थित जमींदार की तरह छोड़ दिया है, ठीक वैसे ही जैसे राहुल गांधी ने सांसद रहते हुए किया था।'
भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने और भी कड़े शब्दों में कहा कि 'वायनाड में हुए ताज़ा भूस्खलन में कई लोगों की जान जाने और व्यापक तबाही के बाद भी न तो राहुल गांधी और न ही प्रियंका वाड्रा को प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने या पीड़ितों से मिलने का समय मिला। यही उनका यूज एंड थ्रो वाला मॉडल है।'
भाजपा प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने दोनों नेताओं को 'राजनीतिक पर्यटक' करार देते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर शोक संदेश पोस्ट करने के अलावा वे 'अस्थायी राजनीतिज्ञों' की तरह व्यवहार कर रहे हैं।
कांग्रेस का बचाव: राहत कार्यों में वीआईपी दौरा बाधा
कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार अध्यक्ष पवन खेड़ा ने भाजपा के असंवेदनशीलता के आरोप को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि 'अगर प्राकृतिक आपदा आती है, तो वीआईपी दौरा क्यों होना चाहिए? वीआईपी दौरा केवल सरकार के समक्ष कमियों को उजागर करने के लिए होना चाहिए यदि सरकार पीड़ितों की चिंताओं को दूर करने में असंवेदनशील है।'
खेड़ा ने आगे कहा कि इस समय केरल सरकार सक्रिय है, राहत कार्य जारी हैं, और इन कार्यों में बाधा डालने की कोई आवश्यकता नहीं है। उनके अनुसार, जहाँ सरकार ज़िम्मेदारी से काम कर रही हो, वहाँ विपक्षी वीआईपी दौरे की ज़रूरत नहीं पड़ती।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि प्रियंका गांधी वाड्रा ने 2024 के उपचुनाव में वायनाड लोकसभा सीट जीती थी, जब राहुल गांधी ने रायबरेली और वायनाड दोनों सीटें जीतने के बाद वायनाड छोड़ी थी। यह ऐसे समय में आया है जब वायनाड भूस्खलन की त्रासदी ने पूरे देश को झकझोर दिया है और राहत एवं पुनर्वास को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
यह पहली बार नहीं है कि किसी प्राकृतिक आपदा के बाद जन प्रतिनिधियों की उपस्थिति या अनुपस्थिति राजनीतिक विवाद का विषय बनी हो। आलोचकों का कहना है कि दोनों पक्ष पीड़ितों की पीड़ा को राजनीतिक हथियार बना रहे हैं।
आगे क्या
भाजपा के हमले जारी रहने की संभावना है, खासकर तब जब वायनाड में राहत और पुनर्निर्माण कार्यों की प्रगति सुर्खियों में बनी रहेगी। कांग्रेस के लिए यह सवाल बना रहेगा कि क्या प्रियंका गांधी वाड्रा निकट भविष्य में अपने निर्वाचन क्षेत्र का दौरा करेंगी।