13 जुलाई 2026
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क्रांति गौड़ ने लॉर्ड्स 'ऑनर्स बोर्ड' पर नाम दर्ज किया, भारत ने महिला टेस्ट में इंग्लैंड को 270 रन से रौंदा

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क्रांति गौड़ ने लॉर्ड्स 'ऑनर्स बोर्ड' पर नाम दर्ज किया, भारत ने महिला टेस्ट में इंग्लैंड को 270 रन से रौंदा

सारांश

क्रांति गौड़ ने लॉर्ड्स के 'ऑनर्स बोर्ड' पर नाम दर्ज कर इतिहास रचा — यह सम्मान पाने वाली वे पहली महिला क्रिकेटर बनीं। 22 साल की इस तेज गेंदबाज़ के 7 विकेट की बदौलत भारत ने लॉर्ड्स में महिला टेस्ट के पहले मैच में इंग्लैंड को 270 रन से रौंद दिया।

मुख्य बातें

क्रांति गौड़ लॉर्ड्स के 'ऑनर्स बोर्ड' पर नाम दर्ज करवाने वाली पहली महिला क्रिकेटर बनीं।
पहली पारी में 37 रन देकर 5 विकेट और मैच में कुल 7 विकेट लेकर क्रांति को 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया।
भारत ने इंग्लैंड को 270 रन से हराया — लॉर्ड्स में महिला टेस्ट इतिहास का यह पहला मैच था।
भारत ने पहली पारी में 285 रन बनाए; इंग्लैंड पहली पारी में 170 और दूसरी पारी में 186 पर ऑलआउट हुई।
भारत ने दूसरी पारी 341/7 पर घोषित कर इंग्लैंड को 457 रन का लक्ष्य दिया।
22 वर्षीया क्रांति ने जीत के बाद मैच का स्टंप यादगार के रूप में अपने पास रखा।

तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने 13 जुलाई 2026 को लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर इतिहास रच दिया — पहली पारी में 37 रन देकर 5 विकेट लेकर वे लॉर्ड्स के प्रतिष्ठित 'ऑनर्स बोर्ड' पर नाम दर्ज करवाने वाली पहली महिला क्रिकेटर बनीं। इसी उपलब्धि के बल पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड के विरुद्ध लॉर्ड्स में खेले गए महिला टेस्ट इतिहास के पहले मैच में 270 रन की ऐतिहासिक जीत दर्ज की।

मैच का मुख्य घटनाक्रम

भारत ने अपनी पहली पारी में 285 रन का स्कोर खड़ा किया। जवाब में इंग्लैंड की पूरी टीम 170 रन पर सिमट गई, जिससे भारत को 115 रन की महत्वपूर्ण बढ़त मिली। दूसरी पारी में भारत ने 341/7 के स्कोर पर पारी घोषित करते हुए इंग्लैंड के सामने 457 रन का विशाल लक्ष्य रखा। इंग्लैंड की टीम इस चुनौती के सामने टिक नहीं सकी और अपनी दूसरी पारी में मात्र 186 रन पर ऑलआउट हो गई।

क्रांति गौड़ की ऐतिहासिक उपलब्धि

मैच में कुल 7 विकेट लेने वालीं 22 वर्षीया क्रांति गौड़ को 'प्लेयर ऑफ द मैच' का खिताब दिया गया। पहली पारी में उनके 'फाइव विकेट हॉल' ने उन्हें लॉर्ड्स के 'ऑनर्स बोर्ड' पर नाम दर्ज करवाने वाली पहली महिला क्रिकेटर का दर्जा दिलाया — यह सम्मान अब तक केवल पुरुष क्रिकेटरों को ही मिलता रहा था। गौरतलब है कि यह लॉर्ड्स में महिला टेस्ट क्रिकेट का पहला मैच था, जो इस उपलब्धि को और भी ऐतिहासिक बनाता है।

क्रांति गौड़ के अपने शब्दों में

'प्लेयर ऑफ द मैच' चुने जाने के बाद क्रांति ने कहा, 'मैंने बड़े होते हुए कभी नहीं सोचा था कि ऐसा कुछ होगा, लेकिन जिस दिन से यह टेस्ट मैच शुरू हुआ, मैंने खुद से कहा कि मुझे 'ऑनर्स बोर्ड' पर अपना नाम दर्ज कराना है।' अपनी गेंदबाज़ी की रणनीति के बारे में उन्होंने बताया, 'मेरा तरीका बहुत आसान है। मैं बस अपनी लाइन और लेंथ पर ध्यान देती हूं। कोच ने मुझे जो भी बताया है, मैं लगातार उसी लाइन और लेंथ पर बॉलिंग करके उसे फॉलो करने की कोशिश करती हूं। मैं हर बॉल के साथ यही सोचती थी।'

परिवार और कोचिंग स्टाफ का आभार

लॉर्ड्स के इतिहास का हिस्सा बनने पर क्रांति ने कहा, 'मुझे बहुत गर्व महसूस हो रहा है। मेरे परिवार को भी इस उपलब्धि पर फख्र है। मैं अपने कोच, अपने सीनियर्स और हर उस व्यक्ति को धन्यवाद देना चाहती हूं, जिसने इस पूरे सफर में मेरा साथ दिया।' ऐतिहासिक जीत की यादगार के तौर पर क्रांति ने मैच का स्टंप अपने पास रख लिया और बताया कि उन्होंने घर पर एक छोटा-सा म्यूजियम बनाया है, जहाँ इस स्टंप को हमेशा के लिए संजो कर रखेंगी।

आगे क्या

लॉर्ड्स में यह ऐतिहासिक जीत भारतीय महिला क्रिकेट के लिए एक नए युग की शुरुआत का संकेत है। क्रांति गौड़ जैसी युवा प्रतिभाओं के उभरने से टीम इंडिया की गेंदबाज़ी आक्रमण और भी धारदार होने की उम्मीद है, और आने वाले मैचों में यह जीत टीम के मनोबल को नई ऊँचाई पर ले जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट की बदलती हैसियत का प्रतीक है — उस खेल में, जहाँ महिलाओं को दशकों तक लॉर्ड्स जैसे मंच से दूर रखा गया। यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह किसी स्थापित नाम ने नहीं, बल्कि 22 साल की एक युवा गेंदबाज़ ने हासिल की — जो दर्शाता है कि भारतीय महिला क्रिकेट की पाइपलाइन गहरी और मज़बूत हो रही है। लेकिन असली सवाल यह है कि क्या बीसीसीआई और संबंधित संस्थाएँ इस ऐतिहासिक जीत को महिला क्रिकेट में निरंतर निवेश और अधिक टेस्ट मैचों में तब्दील करेंगी, या यह जीत सिर्फ सुर्खियों तक सिमट कर रह जाएगी।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्रांति गौड़ ने लॉर्ड्स 'ऑनर्स बोर्ड' पर नाम कैसे दर्ज किया?
क्रांति गौड़ ने इंग्लैंड के विरुद्ध लॉर्ड्स टेस्ट की पहली पारी में 37 रन देकर 5 विकेट लेकर 'फाइव विकेट हॉल' हासिल किया, जो 'ऑनर्स बोर्ड' पर नाम दर्ज होने की शर्त है। इस उपलब्धि के साथ वे लॉर्ड्स के इतिहास में 'ऑनर्स बोर्ड' पर नाम दर्ज करवाने वाली पहली महिला क्रिकेटर बन गईं।
भारत ने लॉर्ड्स महिला टेस्ट में इंग्लैंड को कितने रन से हराया?
भारत ने इंग्लैंड को 270 रन से हराया। भारत ने दूसरी पारी 341/7 पर घोषित कर इंग्लैंड को 457 रन का लक्ष्य दिया, जिसके जवाब में इंग्लैंड की टीम 186 रन पर ऑलआउट हो गई।
क्रांति गौड़ को 'प्लेयर ऑफ द मैच' क्यों चुना गया?
क्रांति गौड़ ने पूरे मैच में कुल 7 विकेट लिए — पहली पारी में 37 रन देकर 5 और दूसरी पारी में 2 विकेट। उनकी इस शानदार गेंदबाज़ी ने भारत की 270 रन की ऐतिहासिक जीत में निर्णायक भूमिका निभाई, जिसके चलते उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' का खिताब दिया गया।
लॉर्ड्स में महिला टेस्ट मैच का यह पहला आयोजन क्यों खास है?
लॉर्ड्स को क्रिकेट का 'होम' कहा जाता है और यहाँ महिला टेस्ट मैच का आयोजन पहली बार हुआ, जो अपने आप में ऐतिहासिक है। इस मैच में क्रांति गौड़ के 'ऑनर्स बोर्ड' पर नाम दर्ज होने से यह आयोजन और भी यादगार बन गया।
क्रांति गौड़ की उम्र और गेंदबाज़ी शैली क्या है?
क्रांति गौड़ 22 वर्षीया तेज गेंदबाज़ हैं। उन्होंने बताया कि वे सटीक लाइन और लेंथ पर ध्यान केंद्रित करती हैं और कोच के निर्देशों का अनुसरण करते हुए हर गेंद पर एकाग्र रहती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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