13 जुलाई 2026
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दिल्ली दंगा: आईबी अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में ताहिर हुसैन समेत 5 दोषी करार, कड़कड़डूमा कोर्ट का बड़ा फैसला

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दिल्ली दंगा: आईबी अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में ताहिर हुसैन समेत 5 दोषी करार, कड़कड़डूमा कोर्ट का बड़ा फैसला

सारांश

2020 दिल्ली दंगों का एक सबसे संवेदनशील मामला अब दोषसिद्धि तक पहुँचा — आईबी अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में कड़कड़डूमा कोर्ट ने पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत 5 को दोषी ठहराया। फैसला सुनते ही ताहिर हुसैन कोर्ट परिसर में रो पड़े। अब सजा पर सुनवाई का इंतजार है।

मुख्य बातें

कड़कड़डूमा कोर्ट ने आईबी अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत 5 आरोपियों को दोषी करार दिया।
दोषी ठहराए गए अन्य आरोपी हैं — नाजिम , जावेद , कासिम और अनस ; शेष 6 आरोपी बरी ।
दोषसिद्धि आईपीसी धारा 302, 365, 188, 153ए, 147, 148 और 149 के तहत; धारा 120बी (आपराधिक साजिश) से सभी बरी।
अंकित शर्मा का शव फरवरी 2020 में चांद बाग के नाले से बरामद हुआ था।
सजा पर बहस की तारीख लिखित आदेश आने के बाद तय होगी।

कड़कड़डूमा कोर्ट ने 14 जुलाई 2025 को इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए पूर्व एमसीडी पार्षद ताहिर हुसैन समेत 5 आरोपियों को दोषी करार दिया। यह मामला फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़की सांप्रदायिक हिंसा के दौरान हुई हत्या से जुड़ा है, जिसे 2020 दिल्ली दंगों के सबसे चर्चित और संवेदनशील मामलों में गिना जाता है।

मुख्य घटनाक्रम

इस मामले में कुल 11 आरोपी ट्रायल का सामना कर रहे थे। कोर्ट ने ताहिर हुसैन के अलावा नाजिम, जावेद, कासिम और अनस को भी दोषी ठहराया, जबकि शेष 6 आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। अदालत ने सभी दोषियों को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 (हत्या), 365, 188, 153ए, 147, 148 और 149 के तहत दोषी माना। हालाँकि, आपराधिक साजिश की धारा 120बी के आरोप से सभी को बरी किया गया।

फैसले के बाद कोर्ट परिसर का दृश्य

फैसला सुनाए जाने के तुरंत बाद कोर्ट परिसर में ताहिर हुसैन रो पड़े। दोषसिद्धि की घोषणा होते ही उनके समर्थकों में सन्नाटा छा गया। अदालत ने सजा पर बहस की तारीख अभी तय नहीं की है — लिखित आदेश आने के बाद, जो मंगलवार को अपेक्षित है, सजा पर जिरह की तारीख निर्धारित होगी।

अंकित शर्मा हत्याकांड की पृष्ठभूमि

अंकित शर्मा की हत्या फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली के चांद बाग इलाके में दंगों के दौरान हुई थी। उनका शव उसी क्षेत्र के एक नाले से बरामद किया गया था। इस घटना के बाद अंकित शर्मा के पिता की शिकायत पर दयालपुर पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। गौरतलब है कि ताहिर हुसैन उस समय आम आदमी पार्टी (AAP) के पार्षद थे और उनका घर चांद बाग इलाके में ही स्थित था।

अभियोजन पक्ष की दलीलें और साक्ष्य

दिल्ली पुलिस की जाँच में ताहिर हुसैन समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया था। अभियोजन पक्ष ने गवाहों की गवाही, दस्तावेज़ों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर दलीलें रखीं। जाँच एजेंसी ने आरोप लगाया था कि दंगों के दौरान हिंसा को अंजाम देने में आरोपियों की सक्रिय भूमिका रही। बचाव पक्ष ने सभी आरोपों को खारिज किया था, परंतु अदालत ने अभियोजन पक्ष के तर्कों और साक्ष्यों को विश्वसनीय पाया।

आगे क्या होगा

दोषसिद्धि के बाद अब अदालत सजा की मात्रा तय करने के लिए सुनवाई करेगी। आईपीसी धारा 302 के तहत दोषसिद्धि में अधिकतम सजा मृत्युदंड या आजीवन कारावास हो सकती है। यह फैसला 2020 दिल्ली दंगों से जुड़े मामलों में अदालती प्रक्रिया का एक निर्णायक पड़ाव है और आने वाले दिनों में सजा पर सुनवाई इस मामले की अगली अहम कड़ी होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह भी उतना ही महत्वपूर्ण है कि 11 में से 6 आरोपी बरी हो गए — जो अभियोजन पक्ष की जाँच की सीमाओं को रेखांकित करता है। आपराधिक साजिश की धारा 120बी से सभी की बरी होना यह संकेत देता है कि अदालत ने व्यापक षड्यंत्र के तर्क को साक्ष्य के अभाव में स्वीकार नहीं किया। अब असली परीक्षा सजा के चरण में होगी — जहाँ धारा 302 के तहत दोषसिद्धि का मतलब मृत्युदंड तक हो सकता है। यह मामला इस बात का भी प्रमाण है कि दंगों के मामलों में न्याय की राह कितनी लंबी और जटिल होती है।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अंकित शर्मा हत्याकांड में कोर्ट ने क्या फैसला सुनाया?
कड़कड़डूमा कोर्ट ने पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत 5 आरोपियों को आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या का दोषी करार दिया। 11 में से 6 आरोपियों को बरी कर दिया गया।
ताहिर हुसैन पर कौन-सी धाराएँ लगाई गई हैं?
अदालत ने ताहिर हुसैन और अन्य 4 दोषियों को आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 365, 188, 153ए, 147, 148 और 149 के तहत दोषी ठहराया। हालाँकि आपराधिक साजिश की धारा 120बी से सभी को बरी किया गया।
अंकित शर्मा की हत्या कब और कहाँ हुई थी?
अंकित शर्मा की हत्या फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली के चांद बाग इलाके में दंगों के दौरान हुई थी। उनका शव उसी क्षेत्र के एक नाले से बरामद किया गया था।
अब आगे की कानूनी प्रक्रिया क्या होगी?
लिखित आदेश आने के बाद अदालत सजा पर जिरह की तारीख तय करेगी। आईपीसी धारा 302 के तहत दोषसिद्धि में अधिकतम सजा आजीवन कारावास या मृत्युदंड हो सकती है।
इस मामले में कितने आरोपी थे और कितने बरी हुए?
इस मामले में कुल 11 आरोपी ट्रायल का सामना कर रहे थे। कोर्ट ने 5 को दोषी करार दिया और 6 को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया।
राष्ट्र प्रेस
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