ताहिर हुसैन ने स्वास्थ्य आधार पर कड़कड़डूमा कोर्ट में अंतरिम जमानत की याचिका दायर की
सारांश
Key Takeaways
- ताहिर हुसैन ने स्वास्थ्य कारणों से अंतरिम जमानत मांगी है।
- दिल्ली दंगों में गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं।
- कोर्ट ने स्वास्थ्य स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
- 53 लोग दंगों में प्रभावित हुए थे।
- मामला सख्त कानूनी प्रक्रिया के तहत चल रहा है।
नई दिल्ली, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। 2020 में हुए उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के मामले में आरोपी पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन ने कड़कड़डूमा कोर्ट में अंतरिम जमानत के लिए याचिका प्रस्तुत की है। उन्होंने अपनी स्वास्थ्य स्थिति का हवाला देते हुए राहत की मांग की है।
ताहिर हुसैन ने अदालत से 20 मार्च से एक महीने के लिए अंतरिम जमानत की मांग की है, यह कहते हुए कि उन्हें ऑपरेशन की आवश्यकता है। इस याचिका पर सुनवाई के दौरान, कड़कड़डूमा कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है और उनसे जवाब मांगा है। साथ ही, कोर्ट ने जेल प्रशासन से ताहिर हुसैन की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति पर एक विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी है। मामले की अगली सुनवाई जल्द होने की संभावना है।
यह ध्यान देने योग्य है कि ताहिर हुसैन की नियमित जमानत याचिका पहले ही अदालत द्वारा खारिज की जा चुकी है। अदालत ने कहा था कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप गंभीर हैं और यूएपीए की धाराओं के कारण जमानत का प्रावधान लागू नहीं होता। इस मामले में ताहिर हुसैन पर दंगों की साजिश रचने, हिंसा भड़काने और अन्य गंभीर अपराधों के आरोप हैं। उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं के साथ-साथ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत भी मामला दर्ज है।
फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों में 53 लोगों की मृत्यु हुई थी और सैकड़ों घायल हुए थे। यह हिंसा नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में होने वाले सीएए-एनआरसी प्रदर्शनों के दौरान भड़की थी। जांच एजेंसियों ने इसे एक सुनियोजित साजिश के रूप में देखा है, जिसमें कई लोग आरोपी हैं। ताहिर हुसैन को मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक माना जा रहा है।
कोर्ट इस मामले में सख्त रुख अपनाए हुए है और हाल ही में जनवरी 2026 में भी उनकी नियमित जमानत खारिज की गई थी। अब मेडिकल आधार पर अंतरिम राहत की यह नई याचिका है, जिसका निर्णय पुलिस की रिपोर्ट और स्वास्थ्य जांच के बाद होगा।