दिल्ली दंगे 2020: जस्टिस अमित शर्मा ने ताहिर हुसैन की जमानत याचिका से खुद को अलग किया, 10 जून को नई पीठ करेगी सुनवाई
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली उच्च न्यायालय के जस्टिस अमित शर्मा ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की कथित बड़ी साजिश से जुड़े मामले में आरोपी ताहिर हुसैन की नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई से स्वयं को अलग कर लिया है। अब इस याचिका पर 10 जून को एक अलग पीठ सुनवाई करेगी।
मामले का पृष्ठभूमि
ताहिर हुसैन ने निचली अदालत द्वारा उनकी जमानत याचिका खारिज किए जाने के फैसले को दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी है। गौरतलब है कि जनवरी 2026 में भी उनकी नियमित जमानत याचिका अदालत द्वारा खारिज की जा चुकी है, जो दर्शाता है कि अदालत इस मामले में पहले भी सख्त रुख अपना चुकी है।
चिकित्सकीय आधार पर अंतरिम राहत
जमानत याचिका खारिज होने के बाद ताहिर हुसैन ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अंतरिम जमानत की अर्जी दाखिल की थी। उन्होंने दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट में याचिका दायर कर बताया था कि वे इनगुइनल हर्निया से पीड़ित हैं और उन्हें शीघ्र सर्जरी की आवश्यकता है।
याचिका में यह भी कहा गया था कि सर्जरी से पहले विभिन्न चिकित्सकीय जाँचें और सर्जरी के बाद विशेष देखभाल की ज़रूरत होगी। साथ ही यह तर्क दिया गया था कि सर्जरी के बाद संक्रमण से बचाव, उचित आहार और बेहतर रिकवरी के लिए जेल के बाहर रहना आवश्यक है।
अदालत का निर्देश
अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने 20 मार्च को ताहिर हुसैन को चिकित्सकीय आधार पर अंतरिम जमानत दी थी। साथ ही दिल्ली सरकार को निर्देश दिया गया था कि हर्निया सर्जरी 15 दिनों के भीतर कराई जाए। अदालत ने यह भी सुनिश्चित करने का आदेश दिया था कि सर्जरी के बाद अस्पताल और जेल — दोनों स्थानों पर आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल उपलब्ध कराई जाए।
दिल्ली दंगे 2020: संदर्भ
फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़की हिंसा में 53 लोगों की मौत हुई थी और सैकड़ों लोग घायल हुए थे। यह हिंसा नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के विरोध में चल रहे प्रदर्शनों के दौरान भड़की थी। जाँच एजेंसियों ने इसे एक सुनियोजित साजिश बताया है और कई लोगों को आरोपी बनाया गया है। ताहिर हुसैन को जाँच एजेंसियों द्वारा इस मामले के प्रमुख कथित साजिशकर्ताओं में से एक माना जाता है।
आगे क्या होगा
अब नियमित जमानत याचिका पर 10 जून को नई पीठ सुनवाई करेगी। यह मामला न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ रहा है और अगली सुनवाई की तारीख पर सभी की निगाहें टिकी हैं।