सिडनी में एच5एन1 बर्ड फ्लू का पहला मामला, ऑस्ट्रेलिया में अब तक 468 कन्फर्म केस
सारांश
मुख्य बातें
ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में एच5एन1 बर्ड फ्लू का पहला पुष्ट मामला सामने आया है। न्यू साउथ वेल्स (NSW) की कृषि मंत्री तारा मोरियार्टी ने पत्रकारों को बताया कि अगस्त के अंत में सिडनी के नॉर्दर्न बीच इलाके में मिले एक 'ग्रेटर क्रेस्टेड टर्न' (समुद्री पक्षी) की जाँच में यह खतरनाक स्ट्रेन पाया गया। यह जून में एच5एन1 के ऑस्ट्रेलियाई मुख्य भूमि पर पहुँचने के बाद सिडनी में दर्ज पहला कन्फर्म केस है।
मुख्य घटनाक्रम
संघीय सरकार के ताज़ा आँकड़ों के अनुसार, 4 सितंबर 2026 तक पूरे ऑस्ट्रेलिया में एच5एन1 के 468 कन्फर्म मामले दर्ज हो चुके हैं, जिनमें से 20 मामले अकेले NSW में हैं। NSW सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य में अभी तक किसी व्यावसायिक पोल्ट्री झुंड, कैद में रखे पक्षी या मवेशी में इस वायरस का कोई मामला नहीं मिला है।
नॉर्दर्न बीचेस काउंसिल की मेयर सू हीन्स ने चेतावनी दी कि यह संभवतः आने वाले कई मामलों में से पहला है। उन्होंने कहा कि इस इलाके को इस वायरस के संभावित विनाशकारी असर के लिए पहले से तैयार रहना होगा, क्योंकि यह स्ट्रेन दुनिया भर में लाखों पक्षियों की मौत का कारण बन चुका है।
सरकार की सलाह और एहतियाती उपाय
कृषि मंत्री मोरियार्टी ने सिडनी निवासियों को सतर्क रहने की अपील की है। जिन लोगों के घर में पालतू पक्षी या मुर्गियाँ हैं, उन्हें जंगली पक्षियों के संपर्क से बचाने के निर्देश दिए गए हैं। कुत्ते पालने वाले मालिकों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि उनके पालतू जानवर मृत पशुओं के शव न खाएँ और जंगली पक्षियों का पीछा न करें।
एच5एन1 वायरस: विशेषज्ञ क्या कहते हैं
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, एच5एन1 एक इन्फ्लूएंजा वायरस है जो पक्षियों में तेज़ी से फैलने वाली सांस की बीमारी — एवियन इन्फ्लूएंजा — का कारण बनता है। इंसानों सहित अन्य स्तनधारी जीवों में भी इसके संक्रमण के मामले दर्ज किए गए हैं। मनुष्यों में यह वायरस हल्के से लेकर अत्यंत गंभीर लक्षण पैदा कर सकता है और कुछ मामलों में जानलेवा भी साबित हो सकता है। इसके मुख्य लक्षण श्वसन तंत्र से जुड़े हैं, हालाँकि कंजंक्टिवाइटिस जैसे अन्य लक्षण भी देखे गए हैं।
गौरतलब है कि संक्रमित जानवरों या उनके वातावरण के संपर्क में आए कुछ लोगों में वायरस का पता चला, भले ही उनमें कोई लक्षण नहीं थे।
वैश्विक प्रसार और ऐतिहासिक संदर्भ
एच5एन1 का 'गूज/ग्वांगडोंग-लीनिएज' वंश सबसे पहले 1996 में सामने आया था। 2020 के बाद से इसके एक वैरिएंट ने कई देशों में जंगली पक्षियों और पोल्ट्री में भारी तबाही मचाई है। यह वायरस पहले अफ्रीका, एशिया और यूरोप में फैला, फिर 2021 में उत्तरी अमेरिका और 2022 में मध्य व दक्षिण अमेरिका तक पहुँचा। 2021-22 के बीच यूरोप और उत्तरी अमेरिका में एवियन इन्फ्लूएंजा का अब तक का सबसे बड़ा और दीर्घकालिक प्रकोप दर्ज किया गया।
2022 से, इन्फ्लूएंजा ए(एच5एन1) के कारण स्तनधारी जीवों में भी जानलेवा प्रकोप की खबरें बढ़ रही हैं। प्रभावित जीवों में फर के लिए पाले जाने वाले जानवर, सील, सी लायन, लोमड़ी, भालू, ऊदबिलाव, रैकून, बिल्ली, कुत्ते, गाय, बकरी और अन्य जंगली व पालतू जानवर शामिल हैं।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब ऑस्ट्रेलिया पहले से ही देशभर में एच5एन1 के बढ़ते मामलों से जूझ रहा है। NSW अधिकारी स्थिति पर कड़ी नज़र बनाए हुए हैं और पोल्ट्री व पशुपालन क्षेत्र में किसी भी नए मामले की सूचना तुरंत देने के निर्देश जारी किए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले हफ्तों में नॉर्दर्न बीच क्षेत्र में और मामले सामने आ सकते हैं।