ऑस्ट्रेलिया के पूर्वी तट पर H5N1 बर्ड फ्लू का पहला संदिग्ध मामला, NSW सरकार अलर्ट
सारांश
मुख्य बातें
ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स (NSW) राज्य में अधिकारियों ने 3 जुलाई 2026 को देश के पूर्वी तट पर अत्यधिक रोगजनक H5N1 एवियन इन्फ्लूएंजा के पहले संदिग्ध मामले की जानकारी दी। सिडनी से लगभग 165 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित तटीय कस्बे हॉक्स नेस्ट के पास एक बीमार प्रवासी जायंट पेट्रेल पक्षी में यह संदिग्ध संक्रमण पाया गया है। प्रारंभिक जांच में H5N1 स्ट्रेन की पुष्टि के संकेत मिले हैं, जबकि अंतिम परिणाम की प्रतीक्षा अभी भी है।
मुख्य घटनाक्रम
NSW की कृषि मंत्री तारा मोरियार्टी ने बताया कि हॉक्स नेस्ट के निकट मिले बीमार जायंट पेट्रेल पक्षी से लिए गए नमूनों की प्रारंभिक जांच में अत्यधिक रोगजनक H5N1 एवियन इन्फ्लूएंजा स्ट्रेन की मौजूदगी के संकेत मिले हैं। अंतिम पुष्टि के लिए नमूने राष्ट्रीय विज्ञान एजेंसी को भेजे गए हैं। यदि संक्रमण की पुष्टि होती है, तो यह ऑस्ट्रेलियाई मुख्यभूमि पर H5N1 का छठा और पूर्वी तट पर पहला मामला होगा।
इससे पहले के सभी पाँच मामले जून 2026 में प्रवासी पक्षियों में सामने आए थे — जिनमें से चार पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में और एक दक्षिणी ऑस्ट्रेलिया में था। यह ऐसे समय में आया है जब ऑस्ट्रेलियाई मुख्यभूमि को वर्षों तक दुनिया का एकमात्र महाद्वीप माना जाता था जहाँ H5N1 नहीं पहुँचा था।
पोल्ट्री उद्योग पर असर
मंत्री मोरियार्टी ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ने पोल्ट्री उद्योग को इस संदिग्ध मामले की जानकारी दे दी है। उन्होंने कहा, "हमें पोल्ट्री इंडस्ट्री पर असर पड़ने की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। घबराने की कोई जरूरत नहीं है — अंडे खरीदते रहें, चिकन खरीदते रहें।" फिलहाल पोल्ट्री उत्पादों की बिक्री या खपत पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
NSW की मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी जो कूम्ब ने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई अधिकारी H5N1 के संभावित खतरे से पूरी तरह वाकिफ हैं और किसी भी स्थानीय प्रकोप से निपटने की तैयारी पिछले कई वर्षों से की जा रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि निगरानी तंत्र सक्रिय है और स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है।
H5N1 वायरस की वैश्विक पृष्ठभूमि
एवियन इन्फ्लूएंजा A(H5N1) इन्फ्लूएंजा वायरस का एक सबटाइप है जो पक्षियों और स्तनधारियों को संक्रमित करता है; बहुत कम मामलों में इंसान भी इसकी चपेट में आए हैं। H5N1 वायरस का गूज/गुआंगडोंग-लाइनेज पहली बार 1996 में सामने आया था।
गौरतलब है कि 2020 से H5 क्लैड 2.3.4.4b से जुड़े वायरस के एक वेरिएंट ने अफ्रीका, एशिया और यूरोप में जंगली पक्षियों और पोल्ट्री में बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। 2021 में यह वायरस उत्तरी अमेरिका और 2022 में मध्य व दक्षिणी अमेरिका तक फैल गया। वर्ष 2020 से अब तक इस वायरस के कारण दुनिया भर में लाखों पक्षियों और अन्य वन्यजीवों की मौत हो चुकी है।
आगे क्या होगा
राष्ट्रीय विज्ञान एजेंसी के अंतिम परिणाम आने के बाद ही संक्रमण की औपचारिक पुष्टि होगी। अधिकारी स्थानीय पक्षी आबादी और पोल्ट्री फार्मों पर निगरानी बढ़ा रहे हैं। यह मामला ऑस्ट्रेलिया की जैव सुरक्षा व्यवस्था की एक नई परीक्षा है, और आने वाले दिनों में केंद्रीय व राज्य स्तर पर समन्वित प्रतिक्रिया की उम्मीद है।