ऑस्ट्रेलिया के सभी राज्यों में फैला H5N1 बर्ड फ्लू, तस्मानिया में प्रवासी पक्षी में हुई पुष्टि
सारांश
मुख्य बातें
ऑस्ट्रेलिया के द्वीपीय राज्य तस्मानिया में 14 अगस्त 2026 को अत्यधिक संक्रामक एच5एन1 एवियन इन्फ्लूएंजा (बर्ड फ्लू) का पहला पुष्ट मामला सामने आया, जिससे यह वायरस अब ऑस्ट्रेलिया के सभी छह राज्यों में फैल चुका है। राज्य के उत्तर-पश्चिमी तट पर मृत पाए गए एक प्रवासी ब्राउन स्कुआ पक्षी की जाँच में इस खतरनाक वायरस की पुष्टि हुई है।
कैसे सामने आया मामला
तस्मानिया के प्राथमिक उद्योग और जल मंत्री गेविन पियर्स ने पत्रकारों को बताया कि पार्क्स एंड वाइल्डलाइफ सर्विस के कर्मचारी तटीय इलाकों में नियमित निगरानी के दौरान इस मृत पक्षी को खोजा। प्रयोगशाला परीक्षण में अत्यधिक संक्रामक एच5एन1 की पुष्टि हुई। तस्मानिया इस प्रकार छठा और अंतिम ऑस्ट्रेलियाई राज्य बन गया है जहाँ इस वायरस का मामला दर्ज हुआ है। उल्लेखनीय है कि ऑस्ट्रेलिया में एच5एन1 का पहला मामला जून 2026 में वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया में सामने आया था।
सरकार की प्रतिक्रिया और तैयारी
पियर्स ने कहा, 'मैं तस्मानिया के लोगों को भरोसा दिलाना चाहता हूँ कि हम एच5 बर्ड फ्लू से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और जैसे-जैसे नई जानकारी मिलेगी, हम लगातार अपडेट देते रहेंगे।' राज्य की एजेंसियाँ उद्योग जगत, वन्यजीव विशेषज्ञों और जैव सुरक्षा विशेषज्ञों के साथ मिलकर निगरानी एवं प्रतिक्रिया व्यवस्थाओं को मज़बूत करने पर काम कर रही हैं।
संघीय स्तर पर, ऑस्ट्रेलिया की कृषि मंत्री जूली कॉलिन्स ने घोषणा की थी कि केंद्र सरकार ने एच5एन1 वैक्सीन की शुरुआती 1,500 शीशियाँ (वायल) खरीदी हैं। इनका उपयोग कैद में रखे गए उच्च जोखिम वाले पक्षियों के टीकाकरण के लिए किया जाएगा।
संकटग्रस्त प्रजातियों पर खतरा
तस्मानिया के पर्यावरण मंत्री गाय बार्नेट ने कहा कि आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद राज्य कैद में रखे गए अत्यंत संकटग्रस्त ऑरेंज-बेलीड पैरट प्रजाति के लगभग 350 पक्षियों का टीकाकरण शुरू करेगा। यह प्रजाति पहले से ही विलुप्ति के कगार पर है, और एच5एन1 का प्रसार इसके संरक्षण प्रयासों के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है।
एच5एन1 वायरस की वैश्विक पृष्ठभूमि
एवियन इन्फ्लूएंजा ए(एच5एन1) मुख्य रूप से पक्षियों को संक्रमित करता है, लेकिन दुर्लभ मामलों में यह स्तनधारियों और मनुष्यों को भी प्रभावित कर सकता है। इस वायरस की गूज/ग्वांगडोंग वंश पहली बार 1996 में सामने आई थी। 2020 के बाद एच5 क्लेड 2.3.4.4बी नामक नए स्वरूप ने अफ्रीका, एशिया और यूरोप में जंगली पक्षियों और पोल्ट्री में अभूतपूर्व मौतें दर्ज कराईं। यह वायरस 2021 में उत्तरी अमेरिका और 2022 में मध्य तथा दक्षिण अमेरिका तक फैल गया। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसियाँ एच5एन1 के मानव संचरण की संभावना पर कड़ी नज़र रख रही हैं।
आगे क्या होगा
ऑस्ट्रेलिया में वायरस के सभी राज्यों तक पहुँचने के बाद अब राष्ट्रीय स्तर पर समन्वित जैव सुरक्षा प्रतिक्रिया की माँग तेज़ हो गई है। विशेषज्ञों के अनुसार पोल्ट्री उद्योग और वन्यजीव संरक्षण दोनों मोर्चों पर सतर्कता बढ़ाना अनिवार्य होगा। टीकाकरण कार्यक्रम की सफलता और वायरस के आगे प्रसार पर आने वाले हफ्तों में स्थिति स्पष्ट होगी।