ऑस्ट्रेलिया में H5N1 बर्ड फ्लू का पहला पुष्ट मामला, पर्यावरण मंत्री बोले — देश पूरी तरह तैयार
सारांश
मुख्य बातें
ऑस्ट्रेलिया के पर्यावरण मंत्री मुर्रे वाट ने सोमवार, 22 जून को कहा कि देश घातक H5N1 एवियन इन्फ्लूएंजा (बर्ड फ्लू) के संभावित प्रकोप से निपटने के लिए 'जितनी संभव हो सके उतनी तैयारी' कर चुका है। यह बयान तब आया जब मुख्यभूमि ऑस्ट्रेलिया में इस अत्यधिक रोगजनक वायरस स्ट्रेन का पहला पुष्ट मामला सामने आया — और इसके साथ ही ऑस्ट्रेलिया इस वायरस से प्रभावित होने वाला अंतिम महाद्वीप बन गया।
पहला पुष्ट मामला: क्या हुआ
संघीय सरकार ने शनिवार को पुष्टि की कि 14 जून को दक्षिण-पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में मिला एक प्रवासी ब्राउन स्कुआ पक्षी H5N1 एवियन इन्फ्लूएंजा से मर गया था। इसके बाद उसी क्षेत्र में गुरुवार को एक दूसरा प्रवासी पक्षी — जायंट पेट्रेल — बीमार अवस्था में पाया गया। उसके नमूनों की H5N1 स्ट्रेन के लिए जाँच की गई है, हालाँकि परिणाम अभी आने बाकी हैं।
गौरतलब है कि यह मामला 'अप्रत्याशित नहीं था', जैसा कि मंत्री वाट ने ऑस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन (ABC) रेडियो से बातचीत में स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने पिछले दो वर्षों से इस स्ट्रेन के स्थानीय प्रकोप की संभावना को ध्यान में रखते हुए गहन तैयारी की है।
अब तक की स्थिति: पोल्ट्री तक नहीं फैला वायरस
वाट ने सोमवार को स्पष्ट किया कि अब तक किसी व्यापक प्रकोप या इस वायरस के पोल्ट्री (मुर्गीपालन) तक फैलने के कोई संकेत नहीं मिले हैं। उन्होंने कहा, 'यदि इस घातक स्ट्रेन का व्यापक प्रकोप होता है, तो इसका ऑस्ट्रेलिया के वन्यजीवों पर बहुत गंभीर प्रभाव पड़ेगा।'
सप्ताहांत के दौरान पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में मृत पक्षियों के कई मामलों की सूचना आम नागरिकों ने अधिकारियों को दी। वाट ने ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों से ऐसी घटनाओं की जानकारी आगे भी देते रहने की अपील की।
H5N1 वायरस: पृष्ठभूमि और वैश्विक प्रसार
एवियन इन्फ्लूएंजा A (H5N1) इन्फ्लूएंजा वायरस का एक उपप्रकार है, जो पक्षियों और स्तनधारियों को संक्रमित करता है तथा दुर्लभ मामलों में मनुष्यों को भी प्रभावित कर सकता है। इसकी गूस/गुआंगडोंग वंशावली पहली बार 1996 में सामने आई थी।
2020 के बाद से H5 क्लेड 2.3.4.4b से संबंधित इस वायरस के एक प्रकार ने अफ्रीका, एशिया और यूरोप में जंगली पक्षियों और पोल्ट्री की अभूतपूर्व संख्या में मौतों का कारण बना। 2021 में यह वायरस उत्तरी अमेरिका और 2022 में दक्षिण व मध्य अमेरिका तक पहुँच गया। ऑस्ट्रेलिया में इसकी पुष्टि के साथ अब यह वायरस वैश्विक स्तर पर हर प्रमुख क्षेत्र में दर्ज हो चुका है।
आगे क्या होगा
अधिकारी दूसरे बीमार पक्षी — जायंट पेट्रेल — की जाँच रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्वास्थ्य विशेषज्ञ H5N1 के पशुओं से मनुष्यों में संचरण की संभावना को लेकर सतर्क हैं। ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों ने नागरिकों को मृत या बीमार पक्षियों को न छूने और तत्काल सूचना देने की सलाह दी है।