ऑस्ट्रेलिया में H5N1 बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद न्यूजीलैंड ने निगरानी और तैयारी तेज की
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में एक जंगली प्रवासी समुद्री पक्षी में एच5एन1 (H5N1) बर्ड फ्लू वायरस की पुष्टि होने के बाद न्यूजीलैंड ने अपनी जैव सुरक्षा तैयारियों को व्यापक स्तर पर मजबूत कर लिया है। 20 जून को जैव सुरक्षा और खाद्य सुरक्षा मंत्री एंड्रयू होगार्ड ने बताया कि कई सरकारी विभागों ने निगरानी और आपातकालीन तैयारियाँ और तेज कर दी हैं। यह ऑस्ट्रेलियाई मुख्यभूमि पर अत्यधिक रोगजनक एच5एन1 स्ट्रेन का पहला कंफर्म मामला है।
ऑस्ट्रेलिया में क्या पाया गया
ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों ने पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में एक प्रवासी समुद्री पक्षी में एच5एन1 2.3.4.4बी स्ट्रेन की पुष्टि की है। इसके अतिरिक्त, उसी क्षेत्र के पास एक जायंट पेट्रेल (विशाल समुद्री पक्षी) में भी संक्रमण की आशंका जताई गई है, जिसे गुरुवार को बीमार अवस्था में पाए जाने के बाद एहतियातन क्वारंटीन में रखा गया है। अब तक पोल्ट्री फार्मों में संक्रमण फैलने या पक्षियों की सामूहिक मौत की कोई घटना सामने नहीं आई है।
गौरतलब है कि इससे पहले ऑस्ट्रेलिया एकमात्र ऐसा महाद्वीप था जहाँ एच5एन1 स्ट्रेन की मुख्यभूमि पर पुष्टि नहीं हुई थी। पिछले वर्ष अक्टूबर में इस वायरस का पता ऑस्ट्रेलिया के दूरस्थ हर्ड और मैकडोनाल्ड द्वीपसमूह में लगाया गया था, जो दक्षिणी हिंद महासागर में स्थित हैं।
न्यूजीलैंड की प्रतिक्रिया और तैयारी
मंत्री होगार्ड ने कहा, 'एच5एन1 बर्ड फ्लू का यह स्ट्रेन दुनिया भर में फैल रहा है, लेकिन न्यूजीलैंड के भौगोलिक अलगाव की स्थिति ने हमें सुरक्षा प्रदान की है और तैयारी के लिए पर्याप्त समय दिया है।' उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि न्यूजीलैंड जंगली पक्षियों के माध्यम से वायरस के आगमन को पूरी तरह नहीं रोक सकता। यदि यह वायरस देशी पक्षियों की आबादी में स्थायी रूप से स्थापित हो जाता है, तो इसे समाप्त करना बेहद मुश्किल होगा।
होगार्ड ने यह भी कहा, 'हम स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए हैं और ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों के साथ संपर्क में हैं।' उन्होंने किसानों, घरों में मुर्गी पालन करने वालों और भ्रमण पर जाने वाले लोगों से जैव सुरक्षा उपायों को मजबूत करने तथा बीमार या मृत पक्षियों के समूह दिखाई देने पर तुरंत सूचित करने की अपील की।
खाद्य और मानव स्वास्थ्य पर असर
मंत्री ने स्पष्ट किया कि फिलहाल खाद्य सुरक्षा को कोई खतरा नहीं है और मानव स्वास्थ्य के लिए जोखिम भी कम बना हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार यह वायरस पोल्ट्री और जंगली पक्षियों के बीच तेजी से फैल सकता है, हालाँकि इंसानों में इसके मामले अभी भी अपेक्षाकृत दुर्लभ हैं। थ्रेटेंड स्पीशीज कमिश्नर फियोना फ्रेजर ने कहा कि कुछ ही दिनों में यह स्पष्ट हो जाएगा कि वायरस ऑस्ट्रेलिया की किसी पक्षी आबादी में स्थायी रूप से स्थापित हुआ है या नहीं।
वैश्विक संदर्भ
यह वायरस 2020 से दुनिया के कई हिस्सों में फैल चुका है और लाखों पक्षियों तथा अन्य जानवरों की मौत का कारण बन चुका है। ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने पहले ही एच5एन1 के संभावित प्रकोप से निपटने की तैयारी के लिए 11.3 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (करीब 7.92 करोड़ अमेरिकी डॉलर) की धनराशि आवंटित की थी। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर एवियन इन्फ्लुएंज़ा की निगरानी को लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसियाँ पहले से ही सतर्क हैं।
आगे क्या होगा
न्यूजीलैंड की जैव सुरक्षा एजेंसियाँ आने वाले दिनों में ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों के साथ समन्वय जारी रखेंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रवासी पक्षियों के मार्गों की निगरानी इस समय सर्वोच्च प्राथमिकता है, क्योंकि ये पक्षी दोनों देशों के बीच वायरस के संभावित वाहक बन सकते हैं।