ऑस्ट्रेलिया में H5N1 बर्ड फ्लू: 1,500 वैक्सीन शीशियाँ तैयार, सबसे संवेदनशील पक्षियों को पहले मिलेगा टीका
सारांश
मुख्य बातें
ऑस्ट्रेलिया में H5N1 बर्ड फ्लू के तेज़ी से बढ़ते मामलों के बीच सरकार ने 11 अगस्त 2026 को घोषणा की कि वह कैद में रखे दुर्लभ और संकटग्रस्त पक्षियों के लिए टीकाकरण अभियान शुरू करेगी। सोमवार तक देश में H5N1 के 231 पुष्ट मामले सामने आ चुके थे, और अगस्त की शुरुआत से मामलों में 300 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।
वैक्सीनेशन की रणनीति
कृषि, मत्स्य और वानिकी मंत्री जूली कॉलिन्स ने कैनबरा में बताया कि सरकार ने H5N1 वैक्सीन की 1,500 शुरुआती शीशियाँ हासिल कर ली हैं। इनका उपयोग सर्वप्रथम उन पक्षियों पर किया जाएगा जो कैद में हैं और जिन पर इस अत्यधिक संक्रामक वायरस का सबसे अधिक खतरा है।
कॉलिन्स ने कहा, 'हम बहुत साफ कह चुके हैं कि हम H5 बर्ड फ्लू को जंगली पक्षियों में फैलने से नहीं रोक सकते, लेकिन हम उन प्रजातियों को बचाने के लिए ज़रूरी कदम उठा सकते हैं जिन्हें सबसे ज़्यादा जोखिम है, और वैक्सीनेशन अब उसी रणनीति का हिस्सा है।'
मुख्य घटनाक्रम
यह वायरस पहली बार जून 2026 में ऑस्ट्रेलिया में पाया गया था। 3 अगस्त 2026 को संघीय सरकार ने दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के तट से दूर एक द्वीप पर ग्रेटर क्रेस्टेड टर्न पक्षियों के झुंड में H5N1 से ऑस्ट्रेलियाई महाद्वीप की पहली सामूहिक मृत्यु की पुष्टि की। पर्यावरण एवं जल मंत्री मरे वॉट ने 4 अगस्त को एबीसी रेडियो से बातचीत में आशंका जताई थी कि आने वाले समय में और बड़े पैमाने पर पक्षियों की सामूहिक मौत की घटनाएँ सामने आ सकती हैं।
जंगली पक्षियों और वन्यजीवों पर असर
वॉट ने स्पष्ट किया कि जहाँ संभव होगा, वहाँ जंगली पक्षियों के टीकाकरण पर भी विचार किया जाएगा, लेकिन फिलहाल कैद में रखे पक्षियों को प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार ने चिड़ियाघरों में दुर्लभ और संकटग्रस्त पक्षियों के संरक्षण के लिए कैप्टिव ब्रीडिंग कार्यक्रमों को भी मज़बूत किया है, ताकि बड़े पैमाने पर मौत की स्थिति में भी इन प्रजातियों की आबादी बनी रहे।
H5N1 का प्रभाव केवल पक्षियों तक सीमित नहीं है। 2022 में इस वायरस ने दक्षिण अमेरिका में अनुमानित 30,000 सी लायन की जान ले ली थी। इसके अलावा, अगस्त 2025 से जनवरी 2026 के बीच ऑस्ट्रेलिया के हर्ड द्वीप पर करीब 13,359 साउथ एलिफेंट सील के शिशुओं की मौत भी H5N1 से होने की आशंका है।
सरकार की चेतावनी
कॉलिन्स ने ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों को आगाह किया कि आने वाले समय में देश के अलग-अलग हिस्सों में H5N1 का और अधिक प्रसार देखने को मिल सकता है, साथ ही बड़ी संख्या में पक्षियों की सामूहिक मृत्यु की घटनाएँ भी सामने आ सकती हैं।
आगे की राह
तेज़ी से बढ़ते मामलों और वन्यजीवों पर गंभीर प्रभाव को देखते हुए ऑस्ट्रेलिया का यह टीकाकरण अभियान दुर्लभ और संवेदनशील प्रजातियों के संरक्षण की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, वायरस के व्यापक भौगोलिक प्रसार को देखते हुए यह अभियान और विस्तृत हो सकता है।