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उत्तर प्रदेश की 8 सहकारी चीनी मिलों को राष्ट्रीय दक्षता पुरस्कार, किसान मिल नजीबाबाद को सर्वश्रेष्ठ का खिताब

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उत्तर प्रदेश की 8 सहकारी चीनी मिलों को राष्ट्रीय दक्षता पुरस्कार, किसान मिल नजीबाबाद को सर्वश्रेष्ठ का खिताब

सारांश

उत्तर प्रदेश की 8 सहकारी चीनी मिलों ने राष्ट्रीय दक्षता पुरस्कार जीते — नजीबाबाद की किसान मिल को सर्वश्रेष्ठ का ताज। गन्ना विकास से लेकर वित्तीय प्रबंधन तक, यूपी की मिलों ने देशभर में परचम लहराया और मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में राज्य के चीनी उद्योग की बढ़ती साख को रेखांकित किया।

मुख्य बातें

अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित एनएफसीएसएफ के राष्ट्रीय दक्षता पुरस्कार समारोह में उत्तर प्रदेश की 8 सहकारी चीनी मिलों को सम्मानित किया गया।
दि किसान सहकारी चीनी मिल, नजीबाबाद (बिजनौर) को वर्ष 2024-25 में समग्र सर्वश्रेष्ठ सहकारी चीनी मिल का प्रतिष्ठित पुरस्कार मिला।
वर्ष 2024-25 में सरजू मिल (लखीमपुर खीरी) , किसान मिल गजरौला (अमरोहा) और बागपत को-ऑप मिल को क्रमशः गन्ना विकास, शुगर रिकवरी और वित्तीय प्रबंधन में पुरस्कार।
वर्ष 2025-26 में गंगा किसान मिल (मुजफ्फरनगर) , रमाला मिल (बागपत) , किसान मिल सठियांव (आजमगढ़) और किसान मिल पुवायां (शाहजहांपुर) पुरस्कृत।
चीनी मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने पुरस्कृत मिलों को बधाई दी।

उत्तर प्रदेश की 8 सहकारी चीनी मिलों को 25 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित राष्ट्रीय दक्षता पुरस्कार समारोह में सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ लिमिटेड (एनएफसीएसएफ) द्वारा प्रदान किए गए ये पुरस्कार गन्ना विकास, तकनीकी दक्षता, वित्तीय प्रबंधन और समग्र प्रदर्शन जैसे मानकों पर उत्कृष्टता को मान्यता देते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश के गन्ना व चीनी उद्योग ने यह राष्ट्रीय पहचान हासिल की है।

मुख्य पुरस्कार विजेता मिलें

वर्ष 2024-25 के लिए घोषित पुरस्कारों में दि किसान सहकारी चीनी मिल, स्नेह रोड, नजीबाबाद (बिजनौर) ने सभी मानकों पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करके समग्र रूप से सर्वश्रेष्ठ सहकारी चीनी मिल का प्रतिष्ठित पुरस्कार अपने नाम किया।

सरजू सहकारी चीनी मिल, बेलरायां (लखीमपुर खीरी) को गन्ना विकास के क्षेत्र में, दि किसान सहकारी चीनी मिल, गजरौला (अमरोहा) को चीनी परता (शुगर रिकवरी) में सुधार के लिए, तथा बागपत को-ऑपरेटिव शुगर मिल्स लिमिटेड, बागपत को वित्तीय प्रबंधन में उत्कृष्ट कार्य के लिए पुरस्कृत किया गया।

वर्ष 2025-26 के विजेता

वर्ष 2025-26 के लिए घोषित पुरस्कारों में भी प्रदेश की चार अन्य चीनी मिलों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। दि गंगा किसान सहकारी चीनी मिल, मोरना (मुजफ्फरनगर) को गन्ना विकास, तथा रमाला सहकारी चीनी मिल, रमाला (बागपत) एवं दि किसान सहकारी चीनी मिल, सठियांव (आजमगढ़) को उत्कृष्ट तकनीकी दक्षता के लिए सम्मानित किया गया।

पूर्वी उत्तर प्रदेश से दि किसान सहकारी चीनी मिल, पुवायां (शाहजहांपुर) को उत्कृष्ट वित्तीय प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय दक्षता पुरस्कार प्रदान किया गया।

पुरस्कार समारोह का महत्त्व

गौरतलब है कि एनएफसीएसएफ प्रतिवर्ष देशभर की सहकारी चीनी मिलों को उनके बहुआयामी प्रदर्शन के आधार पर यह पुरस्कार देता है, जिससे सहकारी क्षेत्र में प्रतिस्पर्धी भावना और कार्यकुशलता को प्रोत्साहन मिले। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश लगातार देश के सबसे बड़े गन्ना उत्पादक राज्य के रूप में अपनी स्थिति मजबूत बनाए हुए है।

सरकार की प्रतिक्रिया

इस उपलब्धि पर चीनी उद्योग व गन्ना विकास मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण, राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार, अपर मुख्य सचिव वीना कुमारी मीना, गन्ना आयुक्त मिनिस्ती एस., सहकारी चीनी मिल्स संघ के प्रबंध निदेशक मंगला प्रसाद सिंह एवं संयुक्त प्रबंध निदेशक अमृत पाल कौर ने पुरस्कृत मिलों के प्रबंध तंत्र और कार्मिकों को बधाई दी है।

आने वाले पेराई सत्र में इन मिलों के प्रदर्शन से अन्य सहकारी मिलों को भी बेहतर कार्यक्षमता की दिशा में प्रेरणा मिलने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

आलोचकों का कहना है कि पुरस्कृत मिलों की संख्या के मुकाबले प्रदेश में सहकारी मिलों की बड़ी तादाद अभी भी तकनीकी और वित्तीय चुनौतियों से जूझ रही है। असली कसौटी यह होगी कि क्या ये उत्कृष्टता के मानदंड पूरे सहकारी क्षेत्र में फैलाए जा सकते हैं — क्योंकि देश के गन्ना किसानों की आर्थिक सेहत काफी हद तक मिलों की दक्षता पर निर्भर करती है।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रीय दक्षता पुरस्कार समारोह में उत्तर प्रदेश की कितनी चीनी मिलों को सम्मानित किया गया?
एनएफसीएसएफ के राष्ट्रीय दक्षता पुरस्कार समारोह में उत्तर प्रदेश की कुल 8 सहकारी चीनी मिलों को सम्मानित किया गया — चार वर्ष 2024-25 के लिए और चार वर्ष 2025-26 के लिए।
सर्वश्रेष्ठ सहकारी चीनी मिल का पुरस्कार किसे मिला?
दि किसान सहकारी चीनी मिल, स्नेह रोड, नजीबाबाद (बिजनौर) को वर्ष 2024-25 के लिए समग्र रूप से सर्वश्रेष्ठ सहकारी चीनी मिल का प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया गया। इस मिल ने सभी निर्धारित मानकों पर सर्वोच्च प्रदर्शन किया।
एनएफसीएसएफ का राष्ट्रीय दक्षता पुरस्कार किन क्षेत्रों में दिया जाता है?
राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ लिमिटेड (एनएफसीएसएफ) द्वारा ये पुरस्कार गन्ना विकास, तकनीकी दक्षता, चीनी परता (शुगर रिकवरी) में सुधार, वित्तीय प्रबंधन और समग्र प्रदर्शन जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्टता के लिए प्रतिवर्ष दिए जाते हैं।
वर्ष 2025-26 के पुरस्कार विजेता यूपी की कौन-सी मिलें हैं?
वर्ष 2025-26 में दि गंगा किसान सहकारी चीनी मिल मोरना (मुजफ्फरनगर) को गन्ना विकास, रमाला सहकारी चीनी मिल (बागपत) और दि किसान सहकारी चीनी मिल सठियांव (आजमगढ़) को तकनीकी दक्षता, तथा दि किसान सहकारी चीनी मिल पुवायां (शाहजहांपुर) को वित्तीय प्रबंधन के लिए पुरस्कृत किया गया।
इस पुरस्कार का उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों पर क्या असर होगा?
राष्ट्रीय दक्षता पुरस्कार सहकारी मिलों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करते हैं, जिससे गन्ने की पेराई दर, शुगर रिकवरी और समय पर भुगतान में सुधार होता है। इससे अंततः किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलने की संभावना बढ़ती है।
राष्ट्र प्रेस
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