22 अगस्त 2026
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यूपी में चीनी की कोई कमी नहीं: CM योगी ने कहा, 179.38 लाख क्विंटल स्टॉक उपलब्ध

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यूपी में चीनी की कोई कमी नहीं: CM योगी ने कहा, 179.38 लाख क्विंटल स्टॉक उपलब्ध

सारांश

यूपी में चीनी की कोई कमी नहीं — CM योगी ने 179.38 लाख क्विंटल के भंडार की पुष्टि की और भ्रम फैलाने व जमाखोरी करने वालों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। अगले पेराई सत्र में 90 लाख टन उत्पादन का अनुमान है।

मुख्य बातें

CM योगी आदित्यनाथ ने 22 अगस्त 2026 को पुष्टि की कि यूपी में 179.38 लाख क्विंटल चीनी का भंडार उपलब्ध है।
सहकारी मिलों में 23.60 लाख क्विंटल , निगम मिलों में 5.28 लाख क्विंटल और निजी मिलों में 150.50 लाख क्विंटल चीनी मौजूद।
जून-जुलाई में मिलों ने 235 लाख क्विंटल चीनी बेची; अधिकांश खुले बाज़ार में उपलब्ध।
डीलरों पर 400 टन से अधिक और 30 दिन से ज़्यादा स्टॉक रखने पर प्रतिबंध; जमाखोरी पर कठोर कार्रवाई के आदेश।
पेराई सत्र 2026-27 में 28.14 लाख हेक्टेयर गन्ना क्षेत्र से 90 लाख टन उत्पादन का अनुमान।
पेराई सत्र 2025-26 में 48 लाख किसानों को ₹32,554 करोड़ से अधिक का भुगतान।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 22 अगस्त 2026 को स्पष्ट किया कि प्रदेश में चीनी की कोई कमी नहीं है और आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। मुख्यमंत्री ने एक समीक्षा बैठक में बताया कि राज्य की चीनी मिलों में वर्तमान में 179.38 लाख क्विंटल चीनी का भंडार मौजूद है, जो प्रदेश की माँग को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। इसके अतिरिक्त, जून-जुलाई के दो महीनों में मिलों ने 235 लाख क्विंटल चीनी की बिक्री की है, जिसका अधिकांश हिस्सा अभी भी खुले बाज़ार में उपलब्ध है।

स्टॉक का विवरण

मुख्यमंत्री को बैठक में अवगत कराया गया कि 179.38 लाख क्विंटल के कुल भंडार में सहकारी चीनी मिलों में 23.60 लाख क्विंटल, निगम की चीनी मिलों में 5.28 लाख क्विंटल और निजी चीनी मिलों में 150.50 लाख क्विंटल चीनी शामिल है। योगी ने निर्देश दिया कि आवश्यकता पड़ने पर चीनी मिलों को 15 अक्टूबर से पुनः संचालित किया जाए।

जमाखोरी पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश

मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि चीनी की कालाबाज़ारी और भ्रम फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कदम उठाए जाएँ। भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप यह तय किया गया है कि कोई भी डीलर 30 दिन से अधिक का चीनी स्टॉक नहीं रख सकता और एक समय में 400 टन से अधिक भंडारण भी प्रतिबंधित है। बल्क कंज्यूमर्स — जिनकी मासिक खपत 10 मीट्रिक टन या अधिक है — 15 दिन से ज़्यादा का स्टॉक नहीं रख सकते। चीनी मिलें भी अपने मासिक कोटे के अंतर्गत बेची गई चीनी को विक्रय की तारीख से 7 दिन से अधिक गोदाम में नहीं रोक सकतीं।

जिलाधिकारियों को भौतिक सत्यापन के निर्देश

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद की समस्त पंजीकृत चीनी मिलों, थोक एवं फुटकर विक्रेताओं के गोदामों का भौतिक सत्यापन कराते हुए उपलब्ध स्टॉक की वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट प्राप्त करें। निर्धारित सीमा से अधिक स्टॉक रखने या जमाखोरी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। किसी भी प्रकार की कृत्रिम कमी या मूल्यवृद्धि की स्थिति में तत्काल शासन को सूचित करने को भी कहा गया है।

अगले पेराई सत्र की तैयारी

बैठक में यह भी बताया गया कि पेराई सत्र 2026-27 के लिए 28.14 लाख हेक्टेयर में गन्ने की खेती का अनुमान है, जिससे 90 लाख टन चीनी उत्पादन की संभावना है। उत्तर प्रदेश में प्रतिमाह अनुमानित चीनी खपत लगभग 4 लाख टन है। उल्लेखनीय है कि पेराई सत्र 2025-26 में 48 लाख किसानों को ₹32,554 करोड़ से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। आने वाले महीनों में नए पेराई सत्र के शुरू होने के साथ आपूर्ति और मज़बूत होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा ज़मीनी स्तर पर प्रवर्तन की है। 400 टन की स्टॉक सीमा और 30 दिन की भंडारण बाध्यता कागज़ पर सख्त दिखती है, पर बिना नियमित भौतिक सत्यापन के ये नियम अक्सर कमज़ोर पड़ जाते हैं। गौरतलब है कि 48 लाख किसानों को ₹32,554 करोड़ का भुगतान एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन यह देखना होगा कि अगले पेराई सत्र में 90 लाख टन उत्पादन का अनुमान किसान हित और उपभोक्ता कीमत दोनों को संतुलित करता है या नहीं।
RashtraPress
22 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तर प्रदेश में अभी कितनी चीनी का भंडार है?
22 अगस्त 2026 की समीक्षा बैठक में CM योगी आदित्यनाथ को बताया गया कि प्रदेश में कुल 179.38 लाख क्विंटल चीनी उपलब्ध है। इसमें सहकारी मिलों में 23.60 लाख क्विंटल, निगम मिलों में 5.28 लाख क्विंटल और निजी मिलों में 150.50 लाख क्विंटल शामिल हैं।
यूपी में चीनी की कमी की अफवाहें क्यों फैल रही थीं?
सरकार के अनुसार कुछ तत्व कृत्रिम कमी का भ्रम फैलाकर जमाखोरी और कालाबाज़ारी कर रहे थे। CM योगी ने आमजन को ऐसे भ्रम फैलाने वालों से सावधान रहने की अपील की और अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
चीनी के भंडारण पर क्या नियम लागू हैं?
भारत सरकार के निर्देशों के अनुसार कोई भी डीलर 30 दिन से अधिक और 400 टन से ज़्यादा चीनी नहीं रख सकता। बल्क कंज्यूमर्स (10 मीट्रिक टन प्रतिमाह खपत) 15 दिन से अधिक का स्टॉक नहीं रख सकते और चीनी मिलें बेची गई चीनी को 7 दिन से अधिक गोदाम में नहीं रोक सकतीं।
यूपी में अगले पेराई सत्र में कितनी चीनी का उत्पादन होगा?
पेराई सत्र 2026-27 के लिए 28.14 लाख हेक्टेयर में गन्ने की खेती का अनुमान है, जिससे 90 लाख टन चीनी उत्पादन की संभावना है। प्रदेश की मासिक खपत लगभग 4 लाख टन है, इसलिए उत्पादन माँग से काफी अधिक रहने का अनुमान है।
पेराई सत्र 2025-26 में किसानों को कितना भुगतान हुआ?
पेराई सत्र 2025-26 में उत्तर प्रदेश के 48 लाख किसानों को ₹32,554 करोड़ से अधिक का गन्ना मूल्य भुगतान किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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