यूपी में चीनी की कोई कमी नहीं: CM योगी ने कहा, 179.38 लाख क्विंटल स्टॉक उपलब्ध
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 22 अगस्त 2026 को स्पष्ट किया कि प्रदेश में चीनी की कोई कमी नहीं है और आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। मुख्यमंत्री ने एक समीक्षा बैठक में बताया कि राज्य की चीनी मिलों में वर्तमान में 179.38 लाख क्विंटल चीनी का भंडार मौजूद है, जो प्रदेश की माँग को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। इसके अतिरिक्त, जून-जुलाई के दो महीनों में मिलों ने 235 लाख क्विंटल चीनी की बिक्री की है, जिसका अधिकांश हिस्सा अभी भी खुले बाज़ार में उपलब्ध है।
स्टॉक का विवरण
मुख्यमंत्री को बैठक में अवगत कराया गया कि 179.38 लाख क्विंटल के कुल भंडार में सहकारी चीनी मिलों में 23.60 लाख क्विंटल, निगम की चीनी मिलों में 5.28 लाख क्विंटल और निजी चीनी मिलों में 150.50 लाख क्विंटल चीनी शामिल है। योगी ने निर्देश दिया कि आवश्यकता पड़ने पर चीनी मिलों को 15 अक्टूबर से पुनः संचालित किया जाए।
जमाखोरी पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि चीनी की कालाबाज़ारी और भ्रम फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कदम उठाए जाएँ। भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप यह तय किया गया है कि कोई भी डीलर 30 दिन से अधिक का चीनी स्टॉक नहीं रख सकता और एक समय में 400 टन से अधिक भंडारण भी प्रतिबंधित है। बल्क कंज्यूमर्स — जिनकी मासिक खपत 10 मीट्रिक टन या अधिक है — 15 दिन से ज़्यादा का स्टॉक नहीं रख सकते। चीनी मिलें भी अपने मासिक कोटे के अंतर्गत बेची गई चीनी को विक्रय की तारीख से 7 दिन से अधिक गोदाम में नहीं रोक सकतीं।
जिलाधिकारियों को भौतिक सत्यापन के निर्देश
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद की समस्त पंजीकृत चीनी मिलों, थोक एवं फुटकर विक्रेताओं के गोदामों का भौतिक सत्यापन कराते हुए उपलब्ध स्टॉक की वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट प्राप्त करें। निर्धारित सीमा से अधिक स्टॉक रखने या जमाखोरी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। किसी भी प्रकार की कृत्रिम कमी या मूल्यवृद्धि की स्थिति में तत्काल शासन को सूचित करने को भी कहा गया है।
अगले पेराई सत्र की तैयारी
बैठक में यह भी बताया गया कि पेराई सत्र 2026-27 के लिए 28.14 लाख हेक्टेयर में गन्ने की खेती का अनुमान है, जिससे 90 लाख टन चीनी उत्पादन की संभावना है। उत्तर प्रदेश में प्रतिमाह अनुमानित चीनी खपत लगभग 4 लाख टन है। उल्लेखनीय है कि पेराई सत्र 2025-26 में 48 लाख किसानों को ₹32,554 करोड़ से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। आने वाले महीनों में नए पेराई सत्र के शुरू होने के साथ आपूर्ति और मज़बूत होने की उम्मीद है।