7 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

तनिषा मुखर्जी की कैंची धाम यात्रा: बाबा नीम करौली के दर्शन कर बोलीं — 'सब कुछ जादुई था'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
तनिषा मुखर्जी की कैंची धाम यात्रा: बाबा नीम करौली के दर्शन कर बोलीं — 'सब कुछ जादुई था'

सारांश

तनिषा मुखर्जी की कैंची धाम यात्रा महज़ एक सेलेब ट्रिप नहीं — यह बाबा नीम करौली के बुलावे की आस्था की कहानी है। भीड़ की चिंता के बावजूद उन्होंने 'सागर में नाव डाल दी' और यात्रा को 'जादुई' बताया। उत्तराखंड का यह आश्रम अब बॉलीवुड की पसंदीदा आध्यात्मिक शरणस्थली बनता जा रहा है।

मुख्य बातें

अभिनेत्री तनिषा मुखर्जी ने उत्तराखंड के कैंची धाम में बाबा नीम करौली के दर्शन किए।
उन्होंने इंस्टाग्राम पर तस्वीरें साझा करते हुए यात्रा को 'जादुई' बताया।
यात्रा से पहले 3 अक्टूबर की रील्स देखकर भीड़ की चिंता थी, लेकिन आस्था ने यात्रा के लिए प्रेरित किया।
कैंची धाम की स्थापना 1960 के दशक में हुई; पहले मंदिर की प्रतिष्ठा जून 1964 में हुई थी।
प्रतिवर्ष 15 जून को स्थापना दिवस पर विशाल मेला और भंडारा आयोजित होता है।

अभिनेत्री तनिषा मुखर्जी ने हाल ही में उत्तराखंड के प्रसिद्ध आध्यात्मिक स्थल कैंची धाम में बाबा नीम करौली के दर्शन किए और इस यात्रा की तस्वीरें तथा अनुभव इंस्टाग्राम पर साझा किए। अपनी पोस्ट में उन्होंने इस यात्रा को 'जादुई' करार देते हुए यात्रा की तैयारी से लेकर आश्रम पहुँचने तक के अनुभव का विस्तार से वर्णन किया।

इंस्टाग्राम पर साझा किए अनुभव

तनिषा ने इंस्टाग्राम पर कैंची धाम की कई तस्वीरें पोस्ट कीं, जिनमें वह अपने मित्रों के साथ इस पवित्र स्थान पर नज़र आ रही हैं। क्रीम और पीच रंग के पारंपरिक परिधान में उन्होंने सादा लुक रखा और हाथ जोड़कर दर्शन किए। एक अन्य तस्वीर में वह रात के शांत वातावरण में आश्रम परिसर का आनंद लेते हुए दिखीं।

यात्रा की चिंता और 'बाबा का बुलावा'

अभिनेत्री ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'नीम करौली बाबा के कैंची धाम में दर्शन किए। समय का खेल है, बुलावा आता है। हमने 3 अक्टूबर की रील्स देखी थीं। थोड़ी चिंता थी कि न जाने वहाँ कितनी भीड़ होगी, लेकिन बाबा के भरोसे हमने भी सागर में नाव डाल दी।' तनिषा ने यह भी उल्लेख किया कि यात्रा से पहले भीड़ की आशंका उन्हें सता रही थी, लेकिन बाबा पर आस्था ने उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

सहयोगियों को दिया विशेष धन्यवाद

तनिषा ने अपनी पोस्ट में श्री गजानन ट्रैवल्स की कल्पना, ट्रांसपोर्टर दीपक, तथा एन्सोबर होटल्स की प्रज्ञा और नीरज को खास धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि 'आश्रम से लेकर गोलू देवता तक, स्वादिष्ट राजस्थानी भोजन से लेकर रहने तक, सब कुछ जादुई था।'

कैंची धाम: आस्था और इतिहास

नैनीताल जिले में भवाली के निकट स्थित कैंची धाम एक प्रसिद्ध आध्यात्मिक आश्रम और हनुमान मंदिर है। इसकी स्थापना 1960 के दशक में महान संत बाबा नीम करौली (महाराज जी) ने की थी। यहाँ पहले मंदिर की प्रतिष्ठा जून 1964 में हुई थी। प्रतिवर्ष 15 जून को कैंची धाम का स्थापना दिवस मनाया जाता है, जिसमें देश-विदेश से हज़ारों श्रद्धालु विशाल मेले और भंडारे में शामिल होते हैं। यह आश्रम न केवल भारतीय भक्तों, बल्कि विदेशी आध्यात्मिक जिज्ञासुओं को भी अपनी ओर आकर्षित करता है — जिनमें अनेक प्रसिद्ध हस्तियाँ शामिल हैं।

आगे क्या

तनिषा की यह यात्रा उन बॉलीवुड हस्तियों की बढ़ती सूची में जुड़ती है जो कैंची धाम जैसे आध्यात्मिक स्थलों की ओर रुझान दिखा रही हैं। उनकी पोस्ट को उनके प्रशंसकों और आध्यात्मिक यात्रियों दोनों की ओर से व्यापक सराहना मिली है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो इस आश्रम की सार्वजनिक पहुँच को और व्यापक बनाता है। हालाँकि, इस तरह की यात्राओं की 'इंस्टाग्राम-योग्यता' और वास्तविक आध्यात्मिक अन्वेषण के बीच की रेखा कभी-कभी धुंधली होती दिखती है।
RashtraPress
7 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कैंची धाम क्या है और यह क्यों प्रसिद्ध है?
कैंची धाम उत्तराखंड के नैनीताल जिले में भवाली के पास स्थित एक प्रसिद्ध आध्यात्मिक आश्रम और हनुमान मंदिर है। इसकी स्थापना 1960 के दशक में संत बाबा नीम करौली (महाराज जी) ने की थी और पहले मंदिर की प्रतिष्ठा जून 1964 में हुई थी। यह आश्रम देश-विदेश के श्रद्धालुओं के साथ-साथ कई प्रसिद्ध हस्तियों को भी आकर्षित करता है।
तनिषा मुखर्जी ने कैंची धाम यात्रा के बारे में क्या कहा?
तनिषा मुखर्जी ने इंस्टाग्राम पर लिखा कि 3 अक्टूबर की रील्स देखने के बाद भीड़ की चिंता थी, लेकिन 'बाबा के भरोसे सागर में नाव डाल दी।' उन्होंने आश्रम से लेकर गोलू देवता, राजस्थानी भोजन और रहने की व्यवस्था तक सब कुछ 'जादुई' बताया।
कैंची धाम स्थापना दिवस कब मनाया जाता है?
कैंची धाम का स्थापना दिवस प्रतिवर्ष 15 जून को मनाया जाता है। इस दिन एक विशाल मेला और भंडारा आयोजित होता है जिसमें देश-विदेश से हज़ारों श्रद्धालु भाग लेते हैं।
तनिषा मुखर्जी कौन हैं?
तनिषा मुखर्जी बॉलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्री हैं। वह अभिनेत्री काजोल की बहन हैं और कई हिंदी फिल्मों में अभिनय कर चुकी हैं।
कैंची धाम की यात्रा कैसे करें?
कैंची धाम उत्तराखंड के नैनीताल जिले में भवाली के निकट स्थित है। नैनीताल या काठगोदाम से सड़क मार्ग द्वारा यहाँ पहुँचा जा सकता है। निकटतम रेलवे स्टेशन काठगोदाम है और निकटतम हवाई अड्डा पंतनगर है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 दिन पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 1 साल पहले