काशी यात्रा से भावुक हुईं निवेथा पेथुराज: 'कुछ जगहें ईश्वर से बातचीत का एहसास देती हैं'
सारांश
मुख्य बातें
साउथ सिनेमा की चर्चित अभिनेत्री निवेथा पेथुराज ने रविवार, 26 जुलाई को वाराणसी (काशी) की अपनी आध्यात्मिक यात्रा की झलकियाँ सोशल मीडिया पर साझा कीं और एक गहरी भावुक पोस्ट लिखी। अभिनेत्री ने कहा कि कुछ स्थान केवल पर्यटन की मंज़िल नहीं होते — वे इंसान को ईश्वर से जोड़ने और स्वयं को समझने का अवसर देते हैं। माँ गंगा, भगवान शिव और काशी की आध्यात्मिक ऊर्जा के प्रति अपनी अनुभूतियाँ साझा करते हुए उन्होंने अपने प्रशंसकों के बीच व्यापक प्रतिक्रिया पाई।
मणिकर्णिका घाट पर गंगा का संदेश
निवेथा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर काशी यात्रा का एक वीडियो साझा करते हुए लिखा — 'जब भी मैं मणिकर्णिका घाट पर बैठकर माँ गंगा को बहते हुए देखती हूँ, तो वहाँ से जवाबों के बजाय और अधिक सवाल लेकर लौटती हूँ।' उन्होंने गंगा की अविरल धारा को जीवन की सबसे बड़ी सीख बताया — 'माँ गंगा ने सदियों का इतिहास देखा है, फिर भी वह निरंतर बहती रहती हैं। वह न किसी से बँधकर रुकती हैं और न किसी परिस्थिति का प्रतिरोध करती हैं।' अभिनेत्री ने आत्मचिंतन करते हुए पूछा — 'क्या माँ गंगा हमें भी यही सीख देने की कोशिश कर रही हैं?'
काशी विश्वनाथ और काल भैरव के दर्शन का अनुभव
अपनी पोस्ट में निवेथा ने काशी से जुड़े अपने धार्मिक अनुभवों को भी याद किया। उन्होंने लिखा, 'मैं खुद को बेहद सौभाग्यशाली मानती हूँ कि मुझे काशी विश्वनाथ मंदिर में गंगाजल अर्पित करने का अवसर मिला।' उन्होंने बताया कि उन्होंने महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर रुद्री पाठ पूजा में भाग लिया और पवित्र निशिता काल पूजा के दौरान काल भैरव के दर्शन का अनुभव भी प्राप्त किया।
काशी बार-बार क्यों बुलाती है
अभिनेत्री ने अपनी आस्था को और गहराई से व्यक्त करते हुए लिखा, 'कई बार मुझे ऐसा महसूस होता है कि भगवान भैरव खुद मुझे दोबारा काशी बुलाते हैं। जैसे कोई न कोई माध्यम बनकर रास्ते खोल देता है और मुझे फिर से मंदिर तक पहुँचा देता है।' उन्होंने यह सवाल भी उठाया — 'आखिर काशी मुझे बार-बार अपनी ओर क्यों आकर्षित करती है?'
प्रशंसकों की प्रतिक्रिया
निवेथा ने अपनी पोस्ट के अंत में लिखा, 'शायद कुछ जगहें सिर्फ यात्रा की मंज़िल नहीं होतीं। वे ईश्वर के साथ होने वाली ऐसी बातचीत होती हैं, जो वहाँ से वापस आने के बाद भी लंबे समय तक मन में चलती रहती हैं।' उनकी इस आध्यात्मिक अभिव्यक्ति को प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर खूब सराहा और उनकी पोस्ट पर अपनी भावनाएँ साझा कीं। यह पहली बार नहीं है जब निवेथा ने काशी के प्रति अपनी आस्था सार्वजनिक रूप से व्यक्त की हो — उनकी यह यात्रा उनके आध्यात्मिक जुड़ाव की एक निरंतर कड़ी प्रतीत होती है।