कोटा मेयर चुनाव: भाजपा की अनुसुइया गोस्वामी ने 65 वोट से जीत दर्ज की, जयपुर में भी भाजपा का परचम
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के कोटा नगर निगम के मेयर पद के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की उम्मीदवार अनुसुइया गोस्वामी ने 25 सितंबर 2026 को निर्णायक जीत हासिल कर ली। उन्हें कुल 65 वोट मिले, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार को केवल 35 वोट मिल सके। इसी दिन जयपुर नगर निगम में सुनील कोठारी ने भी मेयर पद का चुनाव जीत लिया।
मुख्य चुनाव परिणाम
कोटा में भाजपा की अनुसुइया गोस्वामी ने 65 बनाम 35 वोटों के अंतर से कांग्रेस उम्मीदवार को पराजित किया। जयपुर में भाजपा के सुनील कोठारी मेयर निर्वाचित हुए। हालांकि, जोधपुर में मेयर चुनाव के नतीजे 25 सितंबर तक घोषित नहीं हो सके थे और उनका इंतज़ार जारी है।
नगर पालिका स्तर पर भी परिणाम आए। श्रीगंगानगर जिले की श्रीविजयनगर नगर पालिका में कांग्रेस के सुशील कुमार मीढा को अध्यक्ष चुना गया। वहीं, कोटा जिले की सुकेत नगर पालिका में भाजपा के जितेंद्र चोपड़ा ने मात्र एक वोट के अंतर से अध्यक्ष पद जीता।
मतदान प्रक्रिया और विवाद
जयपुर और जोधपुर में मेयर पद के लिए मतदान शुक्रवार सुबह 10 बजे IST शुरू हुआ और दोपहर 2 बजे IST तक चला, जिसके बाद मतगणना की गई। मतदान के दौरान जयपुर में विवाद उस समय उत्पन्न हुआ, जब कांग्रेस विधायक रफीक खान को कथित तौर पर परिसर में प्रवेश करने से रोक दिया गया।
खान की पुलिसकर्मियों से बहस हुई और वे मुख्य गेट पर ही सड़क पर धरने पर बैठ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं को अंदर जाने दिया जा रहा था, जबकि विधायक होने के बावजूद उन्हें प्रवेश से रोका गया। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि भाजपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ चुके लोगों को परिसर में बैठने की अनुमति क्यों दी जा रही थी।
कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
कांग्रेस विधायक रफीक खान और अमीन कागजी ने जयपुर शहर जिला अध्यक्ष सुनील शर्मा के साथ धरना दिया। कांग्रेस नेताओं और पुलिस के बीच टकराव के बाद यह प्रदर्शन शुरू हुआ। नेता अर्चना शर्मा और पुष्पेंद्र भारद्वाज भी धरना स्थल पर पहुंचे और मतदान प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की।
दूसरी ओर, सांसद मंजू शर्मा ने कांग्रेस के इस विरोध प्रदर्शन की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता हताशा में इस तरह के कदम उठा रहे हैं और किसी ने उन्हें अपनी सीट पर बैठने से नहीं रोका था।
प्रशासनिक सतर्कता
मतगणना को देखते हुए जिला प्रशासन ने श्रीविजयनगर नगर पालिका क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत पाबंदियाँ लागू कीं। मतगणना केंद्र के बाहर भीड़ जमा होने और नतीजे आने के बाद विजय जुलूस एवं प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया।
जिला मजिस्ट्रेट एवं कलेक्टर डॉ. अमित यादव ने अधिकारियों को इस आदेश का व्यापक प्रचार करने के निर्देश दिए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि मतगणना के दौरान और उसके बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
आगे क्या होगा
जोधपुर में मेयर चुनाव के नतीजे का इंतज़ार अभी बाकी है। शनिवार को डिप्टी मेयर पद के लिए मतदान होना निर्धारित है, जिसके लिए जोधपुर में भाजपा पार्षद वोट डालने के बाद बस से रवाना होकर कैंप में चले गए। यह नतीजे राजस्थान के शहरी स्थानीय निकायों पर भाजपा की मज़बूत होती पकड़ का संकेत देते हैं।