19 सितंबर 2026
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जयपुर मेयर चुनाव 25 सितंबर: BJP के सुनील कोठारी vs कांग्रेस की सुनीता महावर, 15 निर्दलीय पार्षद बने 'किंगमेकर'

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जयपुर मेयर चुनाव 25 सितंबर: BJP के सुनील कोठारी vs कांग्रेस की सुनीता महावर, 15 निर्दलीय पार्षद बने 'किंगमेकर'

सारांश

जयपुर नगर निगम के मेयर पद के लिए 25 सितंबर की भिड़ंत में BJP के सुनील कोठारी और कांग्रेस की सुनीता महावर आमने-सामने हैं। 78 पार्षदों वाली BJP बहुमत में है, लेकिन 15 निर्दलीय पार्षद असली खेल बिगाड़ सकते हैं — और कांग्रेस का दावा है कि कुछ भाजपा पार्षद भी उनसे बात कर रहे हैं।

मुख्य बातें

BJP ने सुनील कोठारी (वार्ड-112 पार्षद, पूर्व जयपुर शहर अध्यक्ष) और कांग्रेस ने सुनीता महावर (वार्ड-118 पार्षद) को मेयर पद का उम्मीदवार बनाया।
150 सदस्यीय जयपुर नगर निगम में BJP के 78 , कांग्रेस के 57 और 15 निर्दलीय पार्षद हैं।
17 सितंबर के पुनर्मतदान में कांग्रेस ने चारों वार्ड जीतकर अपनी संख्या 53 से 57 की।
सुनील कोठारी ने वार्ड-112 चुनाव में प्रतिद्वंद्वी को 905 वोटों से हराया था; उनकी घोषित संपत्ति करीब ₹35.87 करोड़ है।
कांग्रेस विधायक रफीक खान ने कुछ BJP पार्षदों के संपर्क में होने का दावा किया है — स्वतंत्र पुष्टि नहीं।
मेयर चुनाव 25 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक होगा; नाम वापसी की अंतिम तिथि 22 सितंबर ।

जयपुर नगर निगम के मेयर पद के लिए 25 सितंबर 2026 को होने वाले चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने अपने-अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं। BJP ने सुनील कोठारी और कांग्रेस ने सुनीता महावर को मेयर पद का प्रत्याशी घोषित किया है। 150 सदस्यीय निगम में BJP के पास 78 पार्षदों का स्पष्ट बहुमत है, फिर भी 15 निर्दलीय पार्षदों की भूमिका निर्णायक मानी जा रही है।

उम्मीदवारों का परिचय

BJP उम्मीदवार सुनील कोठारी ने 19 सितंबर 2026 को पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में नगर निगम मुख्यालय पहुँचकर नामांकन दाखिल किया। वह भाजपा के पूर्व जयपुर शहर अध्यक्ष रह चुके हैं और हाल ही में वार्ड-112 से पार्षद निर्वाचित हुए हैं। पिछले नगर निगम चुनाव में उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार आशीष शर्मा को 905 वोटों के अंतर से पराजित किया था। चुनावी हलफनामे के अनुसार उनकी चल और अचल संपत्ति का कुल मूल्य करीब ₹35.87 करोड़ बताया गया है।

कांग्रेस उम्मीदवार सुनीता महावर वार्ड-118 की पार्षद हैं और लंबे समय से जयपुर की नगर राजनीति में सक्रिय रही हैं। वह आदर्श नगर क्षेत्र से जुड़ी मानी जाती हैं और कांग्रेस विधायक रफीक खान के करीबी नेताओं में उनकी गिनती होती है।

निगम में दलीय संख्याबल

150 सदस्यीय जयपुर नगर निगम में BJP के पास 78 पार्षद हैं, जो बहुमत के लिए पर्याप्त हैं। कांग्रेस के पास 57 पार्षद हैं और 15 निर्दलीय पार्षद हैं। गौरतलब है कि 17 सितंबर को हुए पुनर्मतदान में कांग्रेस ने चारों विवादित वार्डों पर जीत दर्ज कर अपनी संख्या 53 से बढ़ाकर 57 कर ली थी। बावजूद इसके, BJP 78 पार्षदों के साथ बहुमत में बनी हुई है।

निर्दलीय पार्षदों की 'किंगमेकर' भूमिका

मेयर का चुनाव निर्वाचित पार्षदों के प्रत्यक्ष मतदान से होना है, जिससे 15 निर्दलीय पार्षद संभावित किंगमेकर की स्थिति में हैं। कांग्रेस विधायक रफीक खान ने दावा किया है कि कुछ भाजपा पार्षद भी उनके संपर्क में हैं, हालाँकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। कांग्रेस ने अपने 57 पार्षदों के अलावा अन्य पार्षदों का समर्थन जुटाने के संकेत भी दिए हैं।

चुनावी कार्यक्रम

राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार नामांकन 18 और 19 सितंबर को दाखिल किए गए। 21 सितंबर को नामांकन पत्रों की जाँच होगी और 22 सितंबर नाम वापस लेने की अंतिम तिथि है। यदि मुकाबला बरकरार रहा तो 25 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक मतदान कराया जाएगा।

राजनीतिक पृष्ठभूमि और आगे की राह

यह चुनाव ऐसे समय में आया है जब राजस्थान में भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में BJP सरकार सत्ता में है और पार्टी राज्य की प्रमुख नगर निगमों पर अपनी पकड़ मजबूत रखने की कोशिश में है। जयपुर जैसे राज्य की राजधानी में मेयर पद का महत्त्व केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रतिष्ठा की दृष्टि से भी अहम है। कोठारी की जीत BJP के संगठनात्मक नेटवर्क की पुष्टि करेगी, जबकि महावर की जीत कांग्रेस के पुनरुत्थान का संकेत मानी जाएगी। 25 सितंबर को मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगा कि जयपुर की नगर सत्ता किसके हाथ में जाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

नगर निगम राजनीति की उस पुरानी परंपरा की याद दिलाता है जहाँ दलीय अनुशासन और व्यक्तिगत स्वार्थ अक्सर टकराते हैं। 15 निर्दलीय पार्षदों की मौजूदगी इस समीकरण को और दिलचस्प बनाती है। असली परीक्षा यह है कि BJP अपने 78 पार्षदों को एकजुट रख पाती है या नहीं — क्योंकि अगर दरार पड़ी तो जयपुर का मेयर पद एक अप्रत्याशित मोड़ ले सकता है।
RashtraPress
19 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयपुर मेयर चुनाव 2026 कब होगा?
जयपुर नगर निगम का मेयर चुनाव 25 सितंबर 2026 को होगा। मतदान सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक होगा और नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 22 सितंबर है।
BJP और कांग्रेस के मेयर उम्मीदवार कौन हैं?
BJP ने वार्ड-112 के पार्षद और पार्टी के पूर्व जयपुर शहर अध्यक्ष सुनील कोठारी को उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस ने वार्ड-118 की पार्षद सुनीता महावर को मेयर पद का प्रत्याशी घोषित किया है।
जयपुर नगर निगम में किस पार्टी के कितने पार्षद हैं?
150 सदस्यीय जयपुर नगर निगम में BJP के 78, कांग्रेस के 57 और 15 निर्दलीय पार्षद हैं। 17 सितंबर के पुनर्मतदान के बाद कांग्रेस ने अपनी संख्या 53 से बढ़ाकर 57 की थी।
क्या BJP मेयर चुनाव जीत सकती है?
संख्याबल के आधार पर BJP 78 पार्षदों के साथ बहुमत में है और मेयर पद की प्रमुख दावेदार है। हालाँकि, 15 निर्दलीय पार्षदों की भूमिका और कांग्रेस के कुछ BJP पार्षदों से संपर्क के दावे को देखते हुए अंतिम परिणाम 25 सितंबर को ही स्पष्ट होगा।
सुनील कोठारी कौन हैं और उनका राजनीतिक अनुभव क्या है?
सुनील कोठारी BJP के पूर्व जयपुर शहर अध्यक्ष हैं और वर्तमान में वार्ड-112 से पार्षद हैं। उन्होंने हालिया निगम चुनाव में कांग्रेस के आशीष शर्मा को 905 वोटों से हराया था और उनकी घोषित संपत्ति करीब ₹35.87 करोड़ बताई गई है।
राष्ट्र प्रेस
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