जोधपुर मेयर चुनाव: भाजपा ने प्रसन्न चंद मेहता को उतारा, कांग्रेस के राजेंद्र सोलंकी से होगा मुकाबला
सारांश
मुख्य बातें
जोधपुर नगर निगम के मेयर चुनाव के लिए दोनों प्रमुख दलों ने अपने-अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने प्रसन्न चंद मेहता को और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने राजेंद्र सोलंकी को मैदान में उतारा है। 19 सितंबर 2026 को नामांकन प्रक्रिया के दौरान दोनों दलों में उम्मीदवारी को लेकर हलचल रही।
भाजपा उम्मीदवार और नामांकन प्रक्रिया
प्रसन्न चंद मेहता शनिवार दोपहर करीब 1:30 बजे नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए जोधपुर नगर निगम पहुँचे। शहर विधायक अतुल भंसाली, सूरसागर विधायक देवेंद्र जोशी और पार्टी के कई पदाधिकारी उनके साथ मौजूद रहे। मेहता नामांकन से पहले सुबह करीब 10:15 बजे बालोतरा से रवाना हुए थे।
मेहता के नाम की घोषणा के बाद भाजपा के संभाग प्रभारी भूपेंद्र सैनी ने उनका तिलक किया। उम्मीदवारी पार्टी के भीतर विचार-विमर्श के बाद तय की गई।
प्रसन्न चंद मेहता की पृष्ठभूमि
मेहता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की पृष्ठभूमि से आते हैं और भाजपा में जिला अध्यक्ष तथा प्रदेश उपाध्यक्ष सहित कई संगठनात्मक पदों पर अपनी सेवाएँ दे चुके हैं। उन्हें असम के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया का करीबी भी माना जाता है। उन्होंने वार्ड 82 से नगर निगम चुनाव जीता था, जिसमें उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार अरविंद परिहार को पराजित किया था।
सूरसागर विधायक देवेंद्र जोशी ने कहा कि मेहता ने कई वर्षों तक संगठन के लिए काम किया है और भाजपा मेयर पद जीतने में सफल होगी। मेहता ने स्वयं कहा कि उनका ध्यान सफाई, स्ट्रीट लाइट, सड़क और पानी की आपूर्ति जैसी बुनियादी नागरिक समस्याओं को दूर करने पर रहेगा।
कांग्रेस उम्मीदवार और आंतरिक समीकरण
कांग्रेस के उम्मीदवार राजेंद्र सोलंकी को पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का करीबी माना जाता है। उल्लेखनीय है कि उन्होंने हाल ही में संपन्न नगर निगम चुनाव में पार्षद का चुनाव नहीं लड़ा था। उम्मीदवार तय करने से पहले कांग्रेस ने कई दावेदारों के लिए नामांकन फॉर्म लिए थे। सोलंकी ने उस दौरान कहा था कि पार्टी आम सहमति से सामने आने वाले उम्मीदवार का समर्थन करेगी।
नामांकन प्रक्रिया के दौरान एक विशेष दृश्य भी देखने को मिला — कांग्रेस पार्षद और मेयर पद के दावेदार नरेश जोशी ने भाजपा विधायक देवेंद्र जोशी को देखकर उनके पैर छुए।
बागी नेता की वापसी और अन्य घटनाक्रम
इस बीच, कांग्रेस के बागी नेता लियाकत अली रंगरेज नामांकन प्रक्रिया से पहले दोबारा पार्टी में शामिल हो गए। उनकी वापसी के समय जोधपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष ओमकार वर्मा और पूर्व विधायक मनीषा पंवार मौजूद रहे।
वार्ड 51 की सरस्वती प्रजापति के परिवार की ओर से भी एक नामांकन फॉर्म लिया गया। फॉर्म लेने वाले परिवार के सदस्य ने संकेत दिया कि सरस्वती प्रजापति या उनके पिता में से कोई एक नामांकन दाखिल कर सकता है।
संख्या बल और मेयर चुनाव का गणित
जोधपुर नगर निगम में कुल 100 वार्ड हैं। वार्ड 50 में दोबारा हुए मतदान के नतीजे के बाद भाजपा के पास 45 पार्षद हैं, जबकि कांग्रेस के पास 44 पार्षद हैं। शेष 11 सीटें निर्दलीय और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के पास हैं। बहुमत के लिए 51 पार्षदों का समर्थन अनिवार्य है।
सदन में दोनों प्रमुख दलों के बीच बेहद कम अंतर होने के कारण निर्दलीय और आरएलपी पार्षदों का समर्थन निर्णायक भूमिका निभाएगा। दोनों पार्टियाँ इस समय आवश्यक संख्या जुटाने के प्रयासों में जुटी हैं — और यह जोड़-तोड़ ही तय करेगी कि जोधपुर की कमान किसके हाथ जाएगी।