अबोहर मेयर चुनाव विवाद: संदीप जाखड़ का AAP पर लोकतंत्र को कमज़ोर करने का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब के अबोहर नगर निगम के मेयर चुनाव को लेकर 11 जुलाई को बड़ा सियासी विवाद खड़ा हो गया, जब विधायक संदीप जाखड़ ने आम आदमी पार्टी (AAP) पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित करने का गंभीर आरोप लगाया। जाखड़ का दावा है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पास स्पष्ट बहुमत होने के बावजूद AAP ने मेयर पद की राह में अवरोध खड़े किए।
मुख्य घटनाक्रम
संदीप जाखड़ के अनुसार, मेयर चुनाव शाम चार बजे होना निर्धारित था। वोटों का गणित स्पष्ट था — BJP के 28 पार्षद और विधायक के रूप में जाखड़ का 1 वोट मिलाकर कुल 29 मत भाजपा पक्ष में थे। वहीं, AAP के 20 पार्षद, 1 निर्दलीय और 1 कांग्रेस पार्षद को जोड़कर विपक्ष के पास कुल 22 वोट थे। दोनों पक्षों के बीच 7 वोटों का अंतर था, जो इसे एकतरफा मुकाबला बनाता था।
जाखड़ की प्रतिक्रिया और माँगें
संदीप जाखड़ ने कहा, 'मुझे नहीं पता उनका एजेंडा क्या था, लेकिन मुझे पूरा विश्वास है कि सुनील जाखड़ इस मुद्दे पर विस्तार से बात करेंगे। मैं आम आदमी पार्टी समेत सभी राजनीतिक दलों से कहना चाहता हूँ कि अगर मनमर्जी ही चलानी है, तो फिर चुनाव कराने की ज़रूरत क्या है?' उन्होंने यह भी बताया कि सुनील जाखड़ इस मामले को लेकर राज्यपाल से मुलाकात करेंगे।
जाखड़ ने माँग की कि अगला मेयर चुनाव अदालत द्वारा नियुक्त स्वतंत्र पर्यवेक्षक की निगरानी में कराया जाए और उसका सीधा प्रसारण किया जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान का उदाहरण देते हुए कहा, 'जब मुख्यमंत्री भगवंत मान पहली बार दरबार साहिब गए थे, तब उन्होंने लाइव प्रसारण की माँग की थी। अब हम भी चाहते हैं कि अगला मेयर चुनाव पूरी पारदर्शिता के साथ सीधा प्रसारित किया जाए।'
AAP और नौकरशाही पर निशाना
जाखड़ ने मनीष सिसोदिया पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि वे 'साम, दाम, दंड, भेद' की राजनीति का नया उदाहरण पेश कर रहे हैं। उन्होंने नौकरशाही से भी आत्ममंथन करने की अपील की। गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब पंजाब में AAP सरकार और विपक्षी दलों के बीच स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर पहले से तनाव बना हुआ है।
कानूनी चुनौती की तैयारी
संदीप जाखड़ ने स्पष्ट किया कि इस मामले को अदालत में चुनौती दी जाएगी। उनका कहना है कि जो कुछ हुआ वह लोकतंत्र के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। आने वाले दिनों में इस विवाद के न्यायिक और राजनीतिक — दोनों मोर्चों पर और गहराने की संभावना है।