PM मोदी ने ऑकलैंड में क्रिस हिपकिंस से की मुलाकात, व्यापार-तकनीक और पीपुल-टू-पीपुल संबंधों पर चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार, 11 जुलाई को ऑकलैंड में न्यूजीलैंड के नेता प्रतिपक्ष क्रिस हिपकिंस से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों नेताओं के बीच व्यापार, प्रौद्योगिकी और लोगों के बीच आपसी संपर्क बढ़ाने जैसे अहम विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए इस मुलाकात को भारत-न्यूजीलैंड रणनीतिक साझेदारी की मज़बूती का प्रतीक बताया।
बैठक में क्या हुआ
प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी एक्स पोस्ट में लिखा, 'आज न्यूजीलैंड के नेता प्रतिपक्ष क्रिस हिपकिंस से मुलाकात की। बातचीत में हमारी रणनीतिक साझेदारी के महत्वपूर्ण पहलुओं, जिनमें व्यापार, प्रौद्योगिकी और लोगों के बीच संबंध शामिल हैं, पर चर्चा हुई। हमारे संबंधों को लेकर मज़बूत द्विदलीय समर्थन इसकी प्रमुख ताकतों में से एक बना हुआ है।' क्रिस हिपकिंस न्यूजीलैंड की लेबर पार्टी के नेता और रेमुताका निर्वाचन क्षेत्र से सांसद हैं।
एक दिन पहले का ऐतिहासिक समझौता
गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले, शुक्रवार को, प्रधानमंत्री मोदी ने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ ऑकलैंड में द्विपक्षीय बैठक की थी। उस बैठक में 18 बड़े फैसले लिए गए और 10 समझौतों (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए। दोनों देशों ने अपने संबंधों को स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का दर्जा दिया।
व्यापार और निवेश के बड़े लक्ष्य
प्रधानमंत्री मोदी ने उस बैठक में यह भी बताया कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच इस वर्ष रिकॉर्ड 9 महीने में मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) संपन्न हुआ है। न्यूजीलैंड ने अगले 15 वर्षों में भारत में ₹1.72 लाख करोड़ (20 अरब डॉलर) निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है। इसके साथ ही 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया।
द्विदलीय समर्थन की अहमियत
हिपकिंस के साथ बैठक इस संदर्भ में विशेष महत्व रखती है क्योंकि यह दर्शाती है कि भारत-न्यूजीलैंड संबंधों को केवल सत्तारूढ़ दल का नहीं, बल्कि विपक्ष का भी समर्थन प्राप्त है। यह ऐसे समय में आया है जब दोनों देश अपनी साझेदारी को एक नई रणनीतिक ऊँचाई पर ले जा रहे हैं। व्यापार, शिक्षा, संस्कृति और प्रौद्योगिकी — सभी क्षेत्रों में सहयोग को इस साझेदारी की बुनियाद माना जा रहा है।
आगे क्या
एफटीए के लागू होने और निवेश प्रतिबद्धताओं के साथ, भारत-न्यूजीलैंड संबंध एक नए अध्याय में प्रवेश कर रहे हैं। 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य में न्यूजीलैंड की भागीदारी को लेकर दोनों पक्षों ने सहमति जताई है, और आने वाले महीनों में एमओयू के क्रियान्वयन पर नज़र रहेगी।