11 जुलाई 2026
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भारत वैश्विक विकास का लॉन्च पैड है: ऑकलैंड में PM मोदी का निवेशकों को आमंत्रण

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भारत वैश्विक विकास का लॉन्च पैड है: ऑकलैंड में PM मोदी का निवेशकों को आमंत्रण

सारांश

ऑकलैंड में PM मोदी ने न्यूजीलैंड के निवेशकों को स्पष्ट संदेश दिया — भारत महज बाज़ार नहीं, वैश्विक विकास का लॉन्च पैड है। 9 महीने में पूरे हुए FTA और 15 वर्षों में 20 अरब डॉलर के निवेश वादे के साथ यह यात्रा दोनों देशों के संबंधों में नया अध्याय जोड़ती है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 11 जुलाई 2026 को ऑकलैंड में न्यूजीलैंड के PM क्रिस्टोफर लक्सन के साथ संयुक्त व्यापार-खेल कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच 9 महीनों के रिकॉर्ड समय में मुक्त व्यापार समझौता (FTA) संपन्न; 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य।
न्यूजीलैंड ने अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई।
PLI योजना के तहत 14 क्षेत्रों में 20 अरब डॉलर की सहायता; न्यूजीलैंड के निवेशकों को मैन्युफैक्चरिंग में भागीदारी का निमंत्रण।
भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाज़ार ; दुनिया की 50% रीयल टाइम डिजिटल पेमेंट भारत में।
भारत में 400 से अधिक स्पेस स्टार्टअप्स ; स्मार्ट सिटी मिशन में 100 शहरों में 8,000+ परियोजनाएं सक्रिय।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 जुलाई 2026 को ऑकलैंड में न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ एक संयुक्त व्यापार एवं खेल कार्यक्रम में हिस्सा लिया और वैश्विक निवेशकों को भारत में अवसरों का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि 'भारत सिर्फ एक बाजार नहीं है — भारत वैश्विक विकास के लिए एक लॉन्च पैड है।' यह संबोधन ऐसे समय में आया जब दोनों देशों ने अपने संबंधों को औपचारिक रूप से रणनीतिक साझेदारी में बदल दिया है।

रणनीतिक साझेदारी और मुक्त व्यापार समझौता

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड के संबंध इस समय एक 'टर्निंग पॉइंट' पर हैं। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच मात्र 9 महीनों के रिकॉर्ड समय में मुक्त व्यापार समझौता (FTA) संपन्न किया गया है। यह समझौता बाज़ार तक पहुँच, निवेश, सेवाएं, तकनीक और प्रतिभा गतिशीलता के नए द्वार खोलेगा। दोनों नेताओं ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का संकल्प व्यक्त किया।

न्यूजीलैंड का 20 अरब डॉलर निवेश का वादा

इस अवसर पर न्यूजीलैंड की ओर से अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई गई। मोदी ने इसे केवल पूंजी प्रवाह नहीं, बल्कि 'भारत की विकास यात्रा में सहभागी बनने की प्रतिबद्धता' बताया। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती हुई प्रमुख अर्थव्यवस्था है, जहाँ बढ़ता मध्यम वर्ग, व्यापक डिजिटल अपनाव और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर एक अनोखी विकास गाथा रच रहे हैं।

PLI योजना और मैन्युफैक्चरिंग का निमंत्रण

प्रधानमंत्री ने प्रोडक्शन लिंक्ड इन्सेंटिव (PLI) योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि खाद्य प्रसंस्करण से लेकर टेक्सटाइल तक 14 क्षेत्रों में 20 अरब अमेरिकी डॉलर की सहायता दी जा रही है। उन्होंने न्यूजीलैंड के व्यापारियों और निवेशकों को इस मैन्युफैक्चरिंग अभियान का हिस्सा बनने का आमंत्रण दिया। मोदी ने 'रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म' को भारत के शासन का मूल आधार बताया और नीतिगत एवं राजनीतिक स्थिरता को निवेश के लिए अनुकूल वातावरण का प्रमाण बताया।

सहयोग के नए क्षेत्र: कृषि से अंतरिक्ष तक

मोदी ने कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की संभावनाएं रेखांकित कीं। उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड की बागवानी, डेयरी विज्ञान और वन विज्ञान की विशेषज्ञता तथा भारत के उपभोक्ता बाज़ार, फूड पार्क और एग्रीटेक प्रतिभा को मिलाकर 'फार्म टू मार्केट' वैल्यू चेन बनाई जा सकती है। कीवी, सेब, शहद और समुद्री खाद्य के लिए पेरिशेबल कार्गो समाधान विकसित करने का भी प्रस्ताव रखा गया। फिनटेक के संदर्भ में उन्होंने बताया कि दुनिया की 50 प्रतिशत रीयल टाइम डिजिटल पेमेंट भारत में होती है। अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत के 400 से अधिक स्पेस स्टार्टअप्स के साथ मिलकर छोटे उपग्रह, रिमोट सेंसिंग और महासागर निगरानी में सहयोग की बात भी कही गई। इसके साथ ही भारत के स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत 100 शहरों में 8,000 से अधिक परियोजनाओं में न्यूजीलैंड की भागीदारी का प्रस्ताव रखा गया।

विमानन और पर्यटन में नई संभावनाएं

प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाज़ार है। दोनों देश मिलकर कार्गो कॉरिडोर, उड़ान कनेक्टिविटी और संयुक्त पर्यटन पैकेज विकसित कर सकते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत में एयरपोर्ट, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और एयर कार्गो क्षमता तेज़ी से विस्तार पा रही है। आने वाले वर्षों में यह साझेदारी दोनों देशों के बीच आर्थिक रिश्तों को नई ऊँचाई पर ले जाने की क्षमता रखती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे ज़मीनी परीक्षणों का सामना करना होगा — PLI के 14 क्षेत्रों में 20 अरब डॉलर की घोषणा पहले भी हो चुकी है और रोज़गार-सृजन के आँकड़े अपेक्षाओं से पीछे रहे हैं। न्यूजीलैंड का 15 वर्षों में 20 अरब डॉलर का वादा प्रभावशाली लगता है, परंतु बाध्यकारी तंत्र और वार्षिक सत्यापन के बिना यह इरादे से अधिक कुछ नहीं। 9 महीने में FTA पूरा करना निस्संदेह कूटनीतिक सफलता है, किंतु असली कसौटी यह होगी कि यह समझौता भारतीय किसानों और एसएमई को न्यूजीलैंड के बाज़ार में कितनी वास्तविक पहुँच दिलाता है।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी ने ऑकलैंड में निवेशकों को क्या संदेश दिया?
PM मोदी ने 11 जुलाई 2026 को ऑकलैंड में कहा कि 'भारत सिर्फ एक बाज़ार नहीं, बल्कि वैश्विक विकास के लिए एक लॉन्च पैड है।' उन्होंने न्यूजीलैंड के व्यापारियों और निवेशकों को PLI योजना, स्मार्ट सिटी, फिनटेक और अंतरिक्ष क्षेत्र में भागीदारी का आमंत्रण दिया।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता कब हुआ?
दोनों देशों के बीच मात्र 9 महीनों के रिकॉर्ड समय में मुक्त व्यापार समझौता (FTA) संपन्न किया गया। यह समझौता बाज़ार पहुँच, निवेश, सेवाएं, तकनीक और प्रतिभा गतिशीलता के नए अवसर प्रदान करेगा।
न्यूजीलैंड ने भारत में कितने निवेश का वादा किया है?
न्यूजीलैंड ने अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। PM मोदी ने इसे केवल पूंजी प्रवाह नहीं, बल्कि भारत की विकास यात्रा में सहभागी बनने की प्रतिबद्धता बताया।
भारत-न्यूजीलैंड सहयोग के कौन-से नए क्षेत्र चिह्नित किए गए हैं?
दोनों देशों ने कृषि (बागवानी, डेयरी), फिनटेक, अंतरिक्ष (छोटे उपग्रह, रिमोट सेंसिंग), स्मार्ट सिटी (शहरी आवागमन, जल एवं कचरा प्रबंधन), विमानन और पर्यटन में सहयोग की संभावनाएं तलाशने पर सहमति जताई। पेरिशेबल कार्गो समाधान और ग्रीन बॉन्ड में भी मिलकर काम करने का प्रस्ताव है।
2030 तक भारत-न्यूजीलैंड व्यापार का क्या लक्ष्य है?
दोनों देशों के नेताओं ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का संकल्प व्यक्त किया है। नए FTA और न्यूजीलैंड के निवेश वादे इस लक्ष्य की दिशा में ठोस कदम माने जा रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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