11 जुलाई 2026
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बारुईपुर मॉब लिंचिंग: CM सुवेंदु अधिकारी ने निर्दोष इंद्रजीत तांती के परिवार को ₹25 लाख मुआवजा सौंपा

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बारुईपुर मॉब लिंचिंग: CM सुवेंदु अधिकारी ने निर्दोष इंद्रजीत तांती के परिवार को ₹25 लाख मुआवजा सौंपा

सारांश

बारुईपुर में 5 जुलाई को निर्दोष साबित हो चुके 26 वर्षीय इंद्रजीत तांती की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने शनिवार को उनके परिवार को ₹25 लाख का मुआवजा चेक सौंपा और भाई को सरकारी नौकरी का वादा किया — लेकिन एनकाउंटर में मारे गए आरोपी पर मौन साध लिया।

मुख्य बातें

CM सुवेंदु अधिकारी ने 12 जुलाई को बारुईपुर में इंद्रजीत तांती के परिवार को ₹25 लाख का मुआवजा चेक सौंपा।
26 वर्षीय इंद्रजीत की 5 जुलाई को भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या की थी; पुलिस जाँच में वे निर्दोष पाए गए।
मुख्यमंत्री ने इंद्रजीत के बड़े भाई को राज्य पुलिस में सिविक वालंटियर के रूप में नियुक्ति का ऐलान किया।
मामले में चार आरोपी गिरफ्तार; एक आरोपी प्रवास मंडल की इस सप्ताह एनकाउंटर में मौत हुई।
CID इस मामले की जाँच कर रहा है; CM ने एनकाउंटर पर टिप्पणी से इनकार किया।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 12 जुलाई 2025 को बारुईपुर पहुँचकर इंद्रजीत तांती के परिजनों को ₹25 लाख का मुआवजा चेक सौंपा। 26 वर्षीय इंद्रजीत की 5 जुलाई को दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी, जबकि बाद में पुलिस जाँच में उन्हें एक 12 वर्षीय बालिका की मौत के मामले में पूरी तरह निर्दोष पाया गया।

मुख्य घटनाक्रम

5 जुलाई की सुबह इलाके के एक तालाब से नाबालिग लड़की का शव मिलने के बाद बारुईपुर में हिंसा और अशांति फैल गई। इसी हंगामे के बीच, भीड़ ने कथित तौर पर इंद्रजीत तांती को उस मामले से गलत तरीके से जोड़ते हुए उनकी पीट-पीटकर हत्या कर दी। बाद में पुलिस जाँच ने स्पष्ट किया कि तांती की इस मामले में कोई भी संलिप्तता नहीं थी।

मुख्यमंत्री अधिकारी ने स्वयं भी यह स्वीकार किया कि नाबालिग बालिका के कथित बलात्कार और हत्या में इंद्रजीत की कोई भूमिका नहीं थी और वह पूरी तरह बेकसूर था।

CM का बारुईपुर दौरा और मुआवजा

शनिवार को मुख्यमंत्री सूर्यपुर इलाके में एक नई पुलिस चौकी के उद्घाटन के लिए बारुईपुर पहुँचे — यही वह क्षेत्र है जहाँ दोनों घटनाएँ हुई थीं। दौरे के दौरान उन्होंने इंद्रजीत के परिजनों से मुलाकात की और ₹25 लाख का मुआवजा चेक उनके हाथों में सौंपा।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि इंद्रजीत के बड़े भाई को राज्य पुलिस में सिविक वालंटियर के रूप में नियुक्त किया जाएगा।

सरकार की प्रतिक्रिया

मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा कि सरकार नाबालिग पीड़िता और भीड़ द्वारा मारे गए युवक — दोनों के परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'दोनों अपराधों में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।'

अधिकारी ने बताया कि पीड़िता के परिवार ने चार लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी और सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनमें से एक आरोपी उत्तर 24 परगना जिले के बशीरहाट में भारत-बांग्लादेश सीमा के पास भागने में सफल रहा था, लेकिन पुलिस ने वहीं से उसे पकड़ लिया।

एनकाउंटर पर मौन

इस मामले में गिरफ्तार चार आरोपियों में से एक, प्रवास मंडल, की इस सप्ताह की शुरुआत में एनकाउंटर में मौत हो गई। मुख्यमंत्री ने इस विषय पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि चूँकि क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) इस मामले की जाँच कर रहा है, इसलिए वे फिलहाल इस पर कुछ नहीं कहेंगे।

क्या होगा आगे

CID की जाँच जारी है और बशीरहाट से गिरफ्तार आरोपी सहित सभी चारों की न्यायिक प्रक्रिया चल रही है। प्रवास मंडल की एनकाउंटर में हुई मौत की परिस्थितियाँ भी जाँच के दायरे में हैं। गौरतलब है कि यह मामला बंगाल में भीड़ हिंसा और न्यायेतर कार्रवाई के व्यापक सवालों को एक बार फिर उठाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि एक निर्दोष युवक को उसके घर के पास भीड़ ने मार डाला और प्रशासन मूकदर्शक रहा। बंगाल में भीड़ हिंसा की यह कोई पहली घटना नहीं है, फिर भी रोकथाम तंत्र बार-बार विफल होता दिखता है। एनकाउंटर में आरोपी की मौत पर मुख्यमंत्री का मौन भी सवाल खड़े करता है — CID जाँच की आड़ में जवाबदेही टाली जा रही है या वास्तव में निष्पक्ष जाँच हो रही है, यह देखना बाकी है। मुआवजे से न्याय नहीं मिलता; न्याय तब मिलेगा जब दोषियों को पारदर्शी न्यायिक प्रक्रिया से सज़ा हो।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंद्रजीत तांती कौन थे और उनकी हत्या कैसे हुई?
इंद्रजीत तांती दक्षिण 24 परगना के बारुईपुर के 26 वर्षीय युवक थे, जिनकी 5 जुलाई 2025 को भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। उन पर एक 12 वर्षीय बालिका की मौत से संबंधित झूठा शक किया गया था, जबकि बाद में पुलिस जाँच ने उन्हें पूरी तरह निर्दोष पाया।
CM सुवेंदु अधिकारी ने इंद्रजीत के परिवार को क्या मदद दी?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 12 जुलाई को बारुईपुर दौरे के दौरान इंद्रजीत के परिजनों को ₹25 लाख का मुआवजा चेक सौंपा। साथ ही उन्होंने इंद्रजीत के बड़े भाई को राज्य पुलिस में सिविक वालंटियर के रूप में नौकरी देने की भी घोषणा की।
बारुईपुर मामले में कितने आरोपी गिरफ्तार हुए और प्रवास मंडल कौन है?
पीड़िता के परिवार की शिकायत पर चार लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें से एक आरोपी बशीरहाट में भारत-बांग्लादेश सीमा के पास भागा था, जिसे वहीं से पकड़ा गया। एक अन्य आरोपी प्रवास मंडल की इस सप्ताह एनकाउंटर में मौत हो गई, जिसकी CID जाँच कर रही है।
CM ने एनकाउंटर में हुई प्रवास मंडल की मौत पर टिप्पणी क्यों नहीं की?
मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा कि चूँकि क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) इस मामले की जाँच कर रहा है, इसलिए वे फिलहाल इस पर कोई बयान नहीं देंगे। एनकाउंटर की परिस्थितियाँ अभी जाँच के दायरे में हैं।
बारुईपुर में नाबालिग बालिका की मौत का मामला क्या है?
5 जुलाई 2025 की सुबह बारुईपुर के एक तालाब से 12 वर्षीय बालिका का शव मिला था। इस घटना के बाद इलाके में हिंसा भड़की और भीड़ ने कथित तौर पर इंद्रजीत तांती को गलत तरीके से इस मामले से जोड़कर उनकी हत्या कर दी। पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है और CID जाँच जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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