बारुईपुर मॉब लिंचिंग: CM सुवेंदु अधिकारी ने निर्दोष इंद्रजीत तांती के परिवार को ₹25 लाख मुआवजा सौंपा
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 12 जुलाई 2025 को बारुईपुर पहुँचकर इंद्रजीत तांती के परिजनों को ₹25 लाख का मुआवजा चेक सौंपा। 26 वर्षीय इंद्रजीत की 5 जुलाई को दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी, जबकि बाद में पुलिस जाँच में उन्हें एक 12 वर्षीय बालिका की मौत के मामले में पूरी तरह निर्दोष पाया गया।
मुख्य घटनाक्रम
5 जुलाई की सुबह इलाके के एक तालाब से नाबालिग लड़की का शव मिलने के बाद बारुईपुर में हिंसा और अशांति फैल गई। इसी हंगामे के बीच, भीड़ ने कथित तौर पर इंद्रजीत तांती को उस मामले से गलत तरीके से जोड़ते हुए उनकी पीट-पीटकर हत्या कर दी। बाद में पुलिस जाँच ने स्पष्ट किया कि तांती की इस मामले में कोई भी संलिप्तता नहीं थी।
मुख्यमंत्री अधिकारी ने स्वयं भी यह स्वीकार किया कि नाबालिग बालिका के कथित बलात्कार और हत्या में इंद्रजीत की कोई भूमिका नहीं थी और वह पूरी तरह बेकसूर था।
CM का बारुईपुर दौरा और मुआवजा
शनिवार को मुख्यमंत्री सूर्यपुर इलाके में एक नई पुलिस चौकी के उद्घाटन के लिए बारुईपुर पहुँचे — यही वह क्षेत्र है जहाँ दोनों घटनाएँ हुई थीं। दौरे के दौरान उन्होंने इंद्रजीत के परिजनों से मुलाकात की और ₹25 लाख का मुआवजा चेक उनके हाथों में सौंपा।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि इंद्रजीत के बड़े भाई को राज्य पुलिस में सिविक वालंटियर के रूप में नियुक्त किया जाएगा।
सरकार की प्रतिक्रिया
मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा कि सरकार नाबालिग पीड़िता और भीड़ द्वारा मारे गए युवक — दोनों के परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'दोनों अपराधों में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।'
अधिकारी ने बताया कि पीड़िता के परिवार ने चार लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी और सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनमें से एक आरोपी उत्तर 24 परगना जिले के बशीरहाट में भारत-बांग्लादेश सीमा के पास भागने में सफल रहा था, लेकिन पुलिस ने वहीं से उसे पकड़ लिया।
एनकाउंटर पर मौन
इस मामले में गिरफ्तार चार आरोपियों में से एक, प्रवास मंडल, की इस सप्ताह की शुरुआत में एनकाउंटर में मौत हो गई। मुख्यमंत्री ने इस विषय पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि चूँकि क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) इस मामले की जाँच कर रहा है, इसलिए वे फिलहाल इस पर कुछ नहीं कहेंगे।
क्या होगा आगे
CID की जाँच जारी है और बशीरहाट से गिरफ्तार आरोपी सहित सभी चारों की न्यायिक प्रक्रिया चल रही है। प्रवास मंडल की एनकाउंटर में हुई मौत की परिस्थितियाँ भी जाँच के दायरे में हैं। गौरतलब है कि यह मामला बंगाल में भीड़ हिंसा और न्यायेतर कार्रवाई के व्यापक सवालों को एक बार फिर उठाता है।