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सुप्रीम कोर्ट का बीआईटी मेसरा को बड़ा झटका: छात्र की मौत पर 20 लाख का मुआवजा

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सुप्रीम कोर्ट का बीआईटी मेसरा को बड़ा झटका: छात्र की मौत पर 20 लाख का मुआवजा

सारांश

सुप्रीम कोर्ट ने बीआईटी मेसरा को राजा पासवान की मौत के मामले में 20 लाख रुपए मुआवजे का आदेश बरकरार रखा। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 23 मार्च 2026 को तय की। जानिए इस मामले की पूरी जानकारी।

मुख्य बातें

सुप्रीम कोर्ट ने 20 लाख रुपए का मुआवजा देने का आदेश दिया।
अगली सुनवाई 23 मार्च 2026 को होगी।
राजा पासवान की मौत के पीछे संस्थान की लापरवाही पाई गई।

नई दिल्ली/रांची, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। सुप्रीम कोर्ट ने रांची में स्थित शैक्षणिक संस्थान बीआईटी मेसरा को अपने छात्र राजा पासवान की मौत के मामले में उसके माता-पिता को 20 लाख रुपए का मुआवजा देने का झारखंड हाईकोर्ट का आदेश बनाए रखा है। शीर्ष अदालत ने बीआईटी मेसरा को इस आदेश का पालन करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है।

जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाले बीआईटी मेसरा की विशेष अनुमति याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान यह आदेश जारी किया। सुनवाई में संस्थान के वकील ने अदालत को आश्वासन दिया कि यदि कुछ समय दिया जाए तो बीआईटी मेसरा हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए मुआवजा राशि का भुगतान कर देगा।

कोर्ट ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए भुगतान के लिए दो सप्ताह की मोहलत दी और मामले की अगली सुनवाई 23 मार्च 2026 के लिए तय की है। यह पूरा मामला 14 नवंबर 2024 का है, जब बीआईटी मेसरा पॉलिटेक्निक के तीसरे सेमेस्टर के छात्र राजा पासवान के साथ एक 'फ्रेशर पार्टी' के दौरान कथित तौर पर मारपीट की गई थी।

इस घटना में राजा गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसे बाद में रिम्स में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। झारखंड हाईकोर्ट ने 12 अगस्त 2025 को अपने फैसले में संस्थान को लापरवाही और संस्थागत खामियों का दोषी पाया था। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया था कि छात्र की मौत के पीछे संस्थान की गंभीर चूक थी।

अदालत ने पाया कि घायल छात्र को समय पर इलाज मुहैया कराने में देरी की गई, पुलिस को सूचना देने में कोताही बरती गई और कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था भी बेहद लचर थी। यहां तक कि परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे भी काम नहीं कर रहे थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने उन शुरुआती दावों को भी खारिज कर दिया था जिनमें कहा गया था कि छात्र की हालत शराब के सेवन के कारण बिगड़ी थी। रिपोर्ट में शरीर पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए थे। अदालत ने 'टॉर्टियस लायबिलिटी' के सिद्धांत के तहत संस्थान को जिम्मेदार ठहराते हुए अंतरिम मुआवजे का आदेश दिया था।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह दुखद घटना टल सकती थी। यह निर्णय शिक्षा संस्थानों के प्रति जिम्मेदारी की मांग करता है।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुप्रीम कोर्ट ने बीआईटी मेसरा को क्या आदेश दिया?
सुप्रीम कोर्ट ने बीआईटी मेसरा को राजा पासवान की मौत के मामले में उसके माता-पिता को 20 लाख रुपए का मुआवजा देने का आदेश दिया है।
इस मामले की अगली सुनवाई कब है?
इस मामले की अगली सुनवाई 23 मार्च 2026 को होगी।
राजा पासवान की मौत कैसे हुई?
राजा पासवान की मौत एक फ्रेशर पार्टी के दौरान मारपीट के बाद हुई, जिसमें उसे गंभीर चोटें आई थीं।
राष्ट्र प्रेस
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