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वियतनाम के राष्ट्रपति टो लैम 5 मई को भारत दौरे पर, PM मोदी से होगी व्यापक रणनीतिक वार्ता

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वियतनाम के राष्ट्रपति टो लैम 5 मई को भारत दौरे पर, PM मोदी से होगी व्यापक रणनीतिक वार्ता

सारांश

वियतनाम के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति टो लैम का तीन दिवसीय भारत दौरा महज एक औपचारिकता नहीं — यह व्यापक रणनीतिक साझेदारी की 10वीं वर्षगाँठ पर दोनों देशों के बीच संबंधों को नई ऊँचाई देने का प्रयास है। बोधगया और मुंबई के दौरे इस यात्रा के सांस्कृतिक और आर्थिक गहराई को उजागर करते हैं।

मुख्य बातें

वियतनाम के राष्ट्रपति टो लैम 5 से 7 मई तक भारत के तीन दिवसीय दौरे पर रहेंगे।
यह दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आमंत्रण पर हो रहा है और राष्ट्रपति चुने जाने के बाद उनकी पहली भारत यात्रा है।
6 मई को राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत; राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और PM मोदी से मुलाकात निर्धारित।
साथ में उच्च स्तरीय मंत्रिस्तरीय प्रतिनिधिमंडल और बड़ा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भी आएगा।
वियतनामी राष्ट्रपति बोधगया (बिहार) और मुंबई भी जाएंगे।
यह दौरा भारत-वियतनाम व्यापक रणनीतिक साझेदारी की 10वीं वर्षगाँठ के अवसर पर हो रहा है।

वियतनाम के राष्ट्रपति टो लैम 5 मई को भारत पहुँचेंगे और 7 मई तक तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर रहेंगे। भारतीय विदेश मंत्रालय ने 30 अप्रैल को बताया कि यह दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आमंत्रण पर हो रहा है। इस महीने की शुरुआत में वियतनाम का राष्ट्रपति चुने जाने के बाद यह टो लैम का पहला भारत दौरा है।

दौरे का कार्यक्रम

6 मई को राष्ट्रपति भवन के फोरकोर्ट में टो लैम का औपचारिक स्वागत किया जाएगा। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी उनके साथ द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विस्तृत वार्ता करेंगे। राष्ट्रपति टो लैम की मुलाकात भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी होगी और अन्य नेताओं से भी मिलने की उम्मीद है।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, टो लैम अपने दौरे के दौरान बिहार के बोधगया और मुंबई भी जाएंगे — जो इस यात्रा के सांस्कृतिक और आर्थिक आयाम को दर्शाता है।

उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल

विदेश मंत्रालय ने बताया कि टो लैम के साथ एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल होगा जिसमें वियतनाम सरकार के कई मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। इसके अलावा एक बड़ा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भी साथ आएगा, जो दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को नई दिशा देने की कोशिश करेगा।

गौरतलब है कि टो लैम वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी की सेंट्रल कमेटी के जनरल सेक्रेटरी भी हैं, जो उनके दौरे को राजनयिक दृष्टि से और भी महत्त्वपूर्ण बनाता है।

व्यापक रणनीतिक साझेदारी की 10वीं वर्षगाँठ

विदेश मंत्रालय ने बताया कि यह दौरा उस विशेष अवसर पर हो रहा है जब दोनों देश 2016 में प्रधानमंत्री मोदी के वियतनाम दौरे के दौरान स्थापित व्यापक रणनीतिक साझेदारी की 10वीं वर्षगाँठ मना रहे हैं। मंत्रालय के अनुसार,

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल की उपस्थिति ठोस समझौतों में तब्दील होती है या नहीं। बोधगया का दौरा सांस्कृतिक कूटनीति का संकेत है, जो भारत की 'Act East' नीति में नरम शक्ति के आयाम को रेखांकित करता है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वियतनाम के राष्ट्रपति टो लैम का भारत दौरा कब है?
राष्ट्रपति टो लैम 5 से 7 मई तक भारत के तीन दिवसीय राजकीय दौरे पर रहेंगे। यह दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आमंत्रण पर हो रहा है।
टो लैम की भारत में किन नेताओं से मुलाकात होगी?
6 मई को राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत के बाद टो लैम की मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से होगी। अन्य नेताओं से भी मिलने की उम्मीद है।
भारत-वियतनाम व्यापक रणनीतिक साझेदारी क्या है?
यह साझेदारी 2016 में प्रधानमंत्री मोदी के वियतनाम दौरे के दौरान स्थापित हुई थी। इसमें रक्षा, व्यापार, सांस्कृतिक और कूटनीतिक सहयोग के विभिन्न पहलू शामिल हैं, और टो लैम का यह दौरा इसकी 10वीं वर्षगाँठ पर हो रहा है।
टो लैम भारत में बोधगया और मुंबई क्यों जाएंगे?
विदेश मंत्रालय के अनुसार वियतनामी राष्ट्रपति अपने दौरे के दौरान बिहार के बोधगया और मुंबई भी जाएंगे। बोधगया की यात्रा सांस्कृतिक और बौद्ध धर्म से जुड़े ऐतिहासिक संबंधों को दर्शाती है, जबकि मुंबई का दौरा आर्थिक और व्यापारिक सहयोग की दिशा में महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है।
PM मोदी ने टो लैम को राष्ट्रपति चुने जाने पर क्या कहा था?
7 अप्रैल को PM मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा था कि उन्हें पूरा भरोसा है कि टो लैम के नेतृत्व में दोनों देशों के बीच दोस्ती और मजबूत होगी। उन्होंने व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने के लिए मिलकर काम करने की इच्छा जताई थी।
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