सीएम योगी का जनता दर्शन: गोरखपुर में 250 लोगों की सुनी पीड़ा, दबंगों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार, 11 जुलाई को गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर परिसर में 'जनता दर्शन' का आयोजन किया, जिसमें उन्होंने करीब 250 लोगों की समस्याएँ सुनीं और अधिकारियों को तत्काल समाधान के निर्देश दिए। प्रतिकूल मौसम और लगातार बारिश के बावजूद दूरदराज़ से आए फरियादियों से मिलकर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया — "घबराइए मत, हर समस्या का समाधान कराया जाएगा, सरकार सबकी भरपूर मदद करेगी।"
जनता दर्शन का आयोजन
बारिश को देखते हुए मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस बार जनता दर्शन खुले मैदान की बजाय महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में आयोजित किया गया, ताकि आए हुए लोगों को असुविधा न हो। मुख्यमंत्री स्वयं कुर्सियों पर बैठे फरियादियों के पास जाकर उनकी पीड़ा सुनते रहे और उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं का समयबद्ध व पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।
भूमि विवाद और दबंगों पर कार्रवाई के निर्देश
जनता दर्शन में कई महिलाओं ने पट्टीदारों और दबंगों द्वारा उनकी ज़मीन पर अवैध कब्ज़े की शिकायत दर्ज कराई। इस पर सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पारिवारिक भूमि विवादों में पैमाइश और अन्य जाँच के बाद निष्पक्ष निस्तारण किया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी दबंग ने किसी गरीब की ज़मीन हड़पी है, तो उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए — बिना किसी भेदभाव के।
गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता
हर बार की भाँति इस बार भी कई फरियादी गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुँचे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अस्पताल के अनुमान (एस्टीमेट) की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कर शासन को भेजी जाए। उन्होंने आश्वस्त किया कि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से इलाज के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
परंपरागत दिनचर्या और गोसेवा
गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री की दिनचर्या परंपरागत रही। प्रातःकाल उन्होंने गुरु गोरखनाथ और अपने ब्रह्मलीन गुरुदेव महंत अवेद्यनाथ का आशीर्वाद लिया। इसके बाद मंदिर की गोशाला में उन्होंने गोसेवा की और गोवंश को अपने हाथ से गुड़-रोटी खिलाई। यह दृश्य उनकी आस्था और सामाजिक जुड़ाव, दोनों का प्रतीक माना जाता है।
आगे क्या
अधिकारियों को दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समयबद्ध समीक्षा अपेक्षित है। जनता दर्शन में उठाई गई भूमि विवाद, चिकित्सा सहायता और अन्य शिकायतों का निस्तारण पारदर्शी प्रक्रिया के तहत होगा — यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी संबंधित जिला प्रशासन पर है।