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जनता दर्शन में CM योगी सख्त: भूमि विवादों में लापरवाही पर निलंबन के निर्देश, 150 फरियादियों से मिले

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जनता दर्शन में CM योगी सख्त: भूमि विवादों में लापरवाही पर निलंबन के निर्देश, 150 फरियादियों से मिले

सारांश

गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन के दौरान CM योगी आदित्यनाथ ने भूमि शिकायतों पर सख्त रुख अपनाते हुए लापरवाह राजस्व कर्मियों के विरुद्ध निलंबन तक की कार्रवाई के निर्देश दिए। करीब 150 फरियादियों से मिले मुख्यमंत्री ने इलाज के लिए आयुष्मान कार्ड और विवेकाधीन कोष से सहायता का भरोसा दिया।

मुख्य बातें

CM योगी आदित्यनाथ ने 3 जून को गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन के दौरान भूमि शिकायतों पर सख्ती दिखाई।
भूमि प्रकरणों में लापरवाही पर संबंधित के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई के निर्देश।
मुख्यमंत्री ने करीब 150 लोगों से मिलकर समस्याएँ सुनीं और प्रार्थना पत्र संबंधित अधिकारियों को संदर्भित किए।
एक महिला को मकान पर कब्जा दिलाने और दूसरी को आयुष्मान कार्ड बनवाने के तत्काल निर्देश।
गंभीर बीमारियों के लिए विवेकाधीन कोष से आर्थिक सहायता का भरोसा।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 3 जून को गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित जनता दर्शन के दौरान भूमि संबंधी शिकायतों पर कड़ा रुख अपनाते हुए जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्व मामलों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध निलंबन तक की कार्रवाई की जाए। गोरखपुर प्रवास के दूसरे दिन बुधवार को आयोजित इस जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने करीब 150 लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएँ सुनीं।

मुख्य घटनाक्रम

जनता दर्शन में पहुँचे कई फरियादियों ने जमीन से जुड़े मामलों में राजस्व कर्मियों की कथित लापरवाही और शिथिलता की शिकायतें दर्ज कराईं। इन शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने तत्काल जिलाधिकारी को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए और दो टूक कहा कि “किसी भी स्तर पर शिथिलता या लापरवाही कतई क्षम्य नहीं है” तथा प्रकरण की गंभीरता के अनुसार संबंधित के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

मकान से बेदखली का मामला

एक महिला ने मुख्यमंत्री के समक्ष कुछ लोगों द्वारा उसे मकान से बेदखल किए जाने की शिकायत रखी। योगी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिला को उसके मकान पर कब्जा दिलाया जाए। उन्होंने विभिन्न प्रार्थना पत्रों को संबंधित प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को संदर्भित करते हुए स्पष्ट किया कि सभी समस्याओं का निस्तारण समयबद्ध, निष्पक्ष और संतुष्टिप्रद होना चाहिए।

इलाज के लिए सहायता का भरोसा

गंभीर बीमारियों के इलाज हेतु आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुँचे लोगों को मुख्यमंत्री ने भरोसा दिया कि सरकार पूरी मदद करेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर पात्र एवं जरूरतमंद व्यक्ति का आयुष्मान कार्ड अनिवार्य रूप से बनवाया जाए, ताकि किसी को इलाज के लिए भटकना न पड़े। आयुष्मान कार्ड के दायरे से बाहर रहने वाले गंभीर रोगियों को विवेकाधीन कोष से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया गया।

जनता दर्शन में एक महिला ने अपनी माँ के इलाज के लिए सहायता माँगी। मुख्यमंत्री द्वारा आयुष्मान कार्ड के बारे में पूछे जाने पर महिला ने बताया कि उसके पास कार्ड नहीं है, जिसके बाद योगी ने मौके पर ही अफसरों को शीघ्र कार्ड बनवाने के निर्देश दिए।

क्यों मायने रखता है

गोरखपुर मुख्यमंत्री का गृह जनपद होने के साथ-साथ उनकी प्रशासनिक शैली का प्रतीक केंद्र भी रहा है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में भूमि और राजस्व विवाद वर्षों से शिकायत निवारण तंत्र में सबसे बड़ी श्रेणी रहे हैं, और राज्य सरकार के अनुसार अधिकांश लंबित प्रकरणों की जड़ तहसील स्तर की लापरवाही बताई जाती है। जनता दर्शन के मंच से दिए गए निलंबन के निर्देश यह संकेत देते हैं कि सरकार राजस्व अमले पर जवाबदेही का दबाव बढ़ाना चाहती है।

आगे क्या

मुख्यमंत्री द्वारा संदर्भित प्रार्थना पत्रों पर संबंधित जिलाधिकारी एवं पुलिस अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई कर रिपोर्ट देनी होगी। आयुष्मान कार्ड और विवेकाधीन कोष से सहायता के मामलों की निगरानी मुख्यमंत्री कार्यालय स्तर से किए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और तहसील स्तर पर जवाबदेही तय करना ही असली परीक्षा है। मंच से एक-दो निलंबन आदेश सुर्खियाँ तो बनाते हैं, परंतु संरचनात्मक सुधार तभी होगा जब लेखपाल-कानूनगो स्तर पर डिजिटल ट्रैकिंग और समयसीमा-आधारित निस्तारण तंत्र को कठोरता से लागू किया जाए। आयुष्मान कार्ड के दायरे को विवेकाधीन कोष से जोड़ने का संकेत स्वास्थ्य कवरेज की मौजूदा खामियों को भी रेखांकित करता है।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CM योगी ने जनता दर्शन में भूमि शिकायतों पर क्या निर्देश दिए?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि भूमि संबंधी शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर कड़ी कार्रवाई हो और प्रकरण की गंभीरता के अनुसार संबंधित के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिथिलता या लापरवाही किसी स्तर पर क्षम्य नहीं होगी।
गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन कब और कहाँ आयोजित हुआ?
जनता दर्शन 3 जून को गोरखनाथ मंदिर परिसर में महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित किया गया। यह मुख्यमंत्री के गोरखपुर प्रवास का दूसरा दिन था और इसमें करीब 150 लोगों ने अपनी समस्याएँ रखीं।
इलाज के लिए सहायता माँगने वालों से मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिया कि सरकार इलाज में पूरी मदद करेगी और जरूरतमंदों का आयुष्मान कार्ड बनवाया जाएगा। आयुष्मान कार्ड के बावजूद यदि अतिरिक्त आवश्यकता पड़ी तो विवेकाधीन कोष से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
मकान से बेदखली की शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई?
एक महिला द्वारा कुछ लोगों पर मकान से बेदखल करने का आरोप लगाए जाने पर मुख्यमंत्री ने मौके पर ही अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिला को उसके मकान पर कब्जा दिलाया जाए। प्रार्थना पत्र संबंधित प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को संदर्भित किया गया।
जनता दर्शन में समस्याओं के निस्तारण की समय-सीमा क्या तय की गई?
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी समस्याओं का निस्तारण समयबद्ध, निष्पक्ष और संतुष्टिप्रद होना चाहिए। संबंधित अधिकारियों को संदर्भित प्रार्थना पत्रों पर कार्रवाई कर रिपोर्ट देनी होगी।
राष्ट्र प्रेस
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