सीएम योगी का गोरखपुर जनता दर्शन: 200 लोगों की सुनी फरियाद, आवास और इलाज का दिया भरोसा
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 27 जून 2026 को गोरखपुर प्रवास के दौरान लगातार दूसरे दिन गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में करीब 200 लोगों से सीधे मुलाकात कर उनकी समस्याएँ सुनीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जरूरतमंदों के इलाज और मकान की व्यवस्था राज्य सरकार सुनिश्चित करेगी।
जनता दर्शन का मुख्य घटनाक्रम
महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने बैठाए गए नागरिकों के पास मुख्यमंत्री स्वयं पहुँचे और एक-एक व्यक्ति की बात ध्यान से सुनी। उनके प्रार्थना पत्र लेकर संबंधित प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को संदर्भित किया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी समस्याओं का निस्तारण समयबद्ध, निष्पक्ष और प्रभावी ढंग से हो।
आवास और इलाज पर सरकार की प्रतिबद्धता
जनता दर्शन में एक महिला ने अपने पास पक्का मकान न होने की पीड़ा साझा की। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि उन्हें सरकारी आवास योजना के तहत मकान दिलाया जाएगा। इलाज के लिए आर्थिक मदद माँगने आए लोगों को योगी ने भरोसा दिलाया कि धन के अभाव में किसी का उपचार नहीं रुकेगा।
एम्स दिल्ली में उपचाररत एक महिला को मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया। एक अन्य महिला की स्वास्थ्य समस्या सुनने के बाद अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि उनके इलाज की व्यवस्था गोरखपुर एम्स अथवा बीआरडी मेडिकल कॉलेज में की जाए।
भूमि कब्जे पर कड़ी चेतावनी
जमीन पर अवैध कब्जे से जुड़ी शिकायतें भी जनता दर्शन में सामने आईं। मुख्यमंत्री ने पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिया कि यदि कोई दबंग किसी की भूमि पर कब्जा कर रहा हो तो उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। यह निर्देश ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में भूमि विवाद के मामले लगातार चर्चा में रहे हैं।
बच्चों को शिक्षा का संदेश
जनता दर्शन में परिजनों के साथ आए बच्चों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्नेह से दुलारा और आशीर्वाद दिया। उन्होंने बच्चों को चॉकलेट देते हुए पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित किया और परिजनों से अपील की कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजें।
आम जनता पर असर
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार हर पात्र और जरूरतमंद व्यक्ति को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए संकल्पित है। उन्होंने अधिकारियों से जन समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता बरतने का आग्रह किया। गौरतलब है कि यह लगातार दूसरा दिन था जब मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में जनता दर्शन आयोजित किया — जो उनकी प्रशासनिक शैली की पहचान बन चुकी है।