गोरखपुर जनता दर्शन में CM योगी ने सुनीं 200 लोगों की फरियाद, बोले — 'घबराइए मत, हर समस्या का हल होगा'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 11 अगस्त 2025 को गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित जनता दर्शन के दौरान करीब 200 लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए। रविवार शाम गोरखपुर पहुँचे मुख्यमंत्री ने मंदिर में रात्रि प्रवास करने के बाद सोमवार सुबह यह जनता दर्शन कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें उन्होंने हर फरियादी से व्यक्तिगत रूप से मिलकर आश्वस्त किया — 'घबराइए मत, आपकी समस्या का समाधान जरूर कराया जाएगा।'
मुख्य घटनाक्रम
महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री स्वयं कुर्सियों पर बैठे लोगों तक पहुँचे। 'कहाँ से आए हैं, क्या बात है' — इस आत्मीय अंदाज़ में उन्होंने एक-एक कर सभी की बातें सुनीं। प्रार्थना पत्र लेकर उन्हें मौजूद अधिकारियों को सौंपा और स्पष्ट निर्देश दिए कि हर मामले का निस्तारण समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी तरीके से हो।
भूमि कब्जे और गंभीर बीमारियों पर विशेष ध्यान
जनता दर्शन में कई लोग जमीन कब्जाने की शिकायत लेकर पहुँचे थे। मुख्यमंत्री ने इस पर कठोर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके अलावा, गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता माँगने वाले कई परिवारों को भी राहत का भरोसा मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि इलाज में धन की कमी बाधक नहीं बनेगी और मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अस्पताल के एस्टीमेट की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर शासन को भेजें।
सरकारी अधिकारियों को संवेदनशीलता के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि हर पीड़ित की समस्या पर संवेदनशीलता से ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि समाधान केवल कागज़ों तक सीमित न रहे, बल्कि वास्तविक धरातल पर फरियादी को संतुष्टि मिले। यह जनता दर्शन उत्तर प्रदेश सरकार की उस परंपरा का हिस्सा है जिसमें मुख्यमंत्री सीधे आम नागरिकों से मिलकर उनकी शिकायतें सुनते हैं।
मंदिर परिसर में परंपरागत दिनचर्या
गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान योगी आदित्यनाथ की सुबह की दिनचर्या अपने परंपरागत स्वरूप में रही। उन्होंने शिवावतार गुरु गोरखनाथ का दर्शन-पूजन किया और अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की प्रतिमा के समक्ष शीश झुकाया। इसके बाद वह मंदिर परिसर के भ्रमण पर निकले और गोशाला में पहुँचकर गोसेवा की — गोवंश को दुलारा और अपने हाथों से गुड़ खिलाया।
आगे क्या
जनता दर्शन में प्राप्त प्रार्थना पत्रों पर समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए जा चुके हैं। गंभीर बीमारियों से जुड़े मामलों में अस्पताल एस्टीमेट प्रक्रिया पूरी होते ही शासन स्तर पर सहायता राशि जारी होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री के इस दौरे के बाद स्थानीय प्रशासन पर समाधान की जवाबदेही बढ़ गई है।