सीएम योगी का गोरखपुर जनता दर्शन: 150 लोगों की सुनी फरियाद, अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान लगातार दूसरे दिन, शुक्रवार, 25 जुलाई को गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन का आयोजन किया और करीब 150 लोगों से सीधे मुलाकात कर उनकी समस्याएँ सुनीं। मुख्यमंत्री ने शिकायत लेकर आए नागरिकों को आश्वस्त करते हुए कहा, 'चिंता मत करें, सबकी समस्या पर प्रभावी कार्रवाई कराई जाएगी।'
जनता दर्शन का क्रम और माहौल
महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर कुर्सियों पर बैठे नागरिकों तक मुख्यमंत्री स्वयं पहुँचे और एक-एक व्यक्ति से बात कर उनके प्रार्थनापत्र लिए। जनता दर्शन में महिलाएँ भी अपने बच्चों के साथ पहुँची थीं। मुख्यमंत्री ने इन बच्चों को दुलारा और चॉकलेट देकर आशीर्वाद दिया।
अधिकारियों को निर्देश
मुख्यमंत्री ने जनता दर्शन में मौजूद प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का निस्तारण निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से हो। अपराध तथा भूमि पर जबरन कब्जे से जुड़ी शिकायतों पर उन्होंने पुलिस अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
इलाज के लिए आर्थिक सहायता माँगने वाले प्रार्थनापत्रों पर मुख्यमंत्री ने अस्पताल अनुमान (एस्टीमेट) की प्रक्रिया को तेज़ी से पूरा करने को कहा और आश्वस्त किया कि एस्टीमेट मिलते ही सरकार तुरंत धनराशि उपलब्ध कराएगी।
गोशाला में गोसेवा
जनता दर्शन से पहले शुक्रवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर की गोशाला में जाकर गोसेवा की। उन्होंने गोशाला में भ्रमण करते हुए कुछ गोवंश को उनके नामों से पुकारा, जिन्होंने उनकी परिचित आवाज़ सुनकर दौड़ते हुए पास आ गए।
मुख्यमंत्री ने गोवंश के माथे पर हाथ फेरा और अपने हाथों से उन्हें गुड़ खिलाया। मंदिर की अन्य गायों और नंदी को भी उन्होंने स्वयं गुड़ खिलाया तथा गोशाला कार्यकर्ताओं को गायों की उचित देखभाल के निर्देश दिए।
आगे क्या
मुख्यमंत्री द्वारा संदर्भित प्रार्थनापत्रों पर संबंधित अधिकारियों को शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। यह जनता दर्शन श्रृंखला मुख्यमंत्री के गोरखपुर प्रवास का नियमित हिस्सा है, जिसे वे आम नागरिकों तक सीधी पहुँच के माध्यम के रूप में जारी रखते हैं।