CM योगी का गोरखपुर जनता दर्शन: करीब 200 लोगों की सुनीं समस्याएं, बोले — हर नागरिक की मदद सरकार की प्राथमिकता
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 29 जुलाई 2026 को गोरखपुर प्रवास के दौरान गुरु पूर्णिमा के धार्मिक अनुष्ठानों के बीच समय निकालकर गोरखनाथ मंदिर परिसर में जनता दर्शन आयोजित किया और करीब 200 फरियादियों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक नागरिक की शिकायत का समयबद्ध एवं संतुष्टिपरक समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
जनता दर्शन का आयोजन
गुरु पूर्णिमा पूजन के उपरांत महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री स्वयं फरियादियों के बीच पहुंचे और एक-एक व्यक्ति से सीधे संवाद किया। उन्होंने प्रत्येक प्रार्थना पत्र पर ध्यान देते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री की नियमित 'जनसुनवाई' परंपरा का हिस्सा है, जिसे वे अपने गोरखपुर दौरों के दौरान लगातार जारी रखते हैं।
गंभीर बीमारियों के मरीजों को आश्वासन
जनता दर्शन में बड़ी संख्या में ऐसे लोग पहुंचे जो गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की माँग लेकर आए थे। मुख्यमंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया कि 'धन के अभाव में किसी भी मरीज का उपचार नहीं रुकेगा।' उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया कि संबंधित मरीजों के इलाज का अनुमान (एस्टीमेट) शीघ्र तैयार कर शासन को भेजा जाए, ताकि आर्थिक सहायता की राशि समय पर जारी हो सके।
सरकारी योजनाओं का लाभ पात्रों तक पहुंचाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पात्र नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जनता दर्शन में प्राप्त सभी शिकायतों पर गंभीरता, संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ कार्रवाई हो और उनकी नियमित निगरानी भी की जाए। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश सरकार सार्वजनिक शिकायत निस्तारण को अपने सुशासन एजेंडे का केंद्रबिंदु बता रही है।
बच्चों के साथ स्नेहपूर्ण पल
जनता दर्शन के दौरान कुछ महिलाएं अपने छोटे बच्चों को भी साथ लेकर आईं। मुख्यमंत्री ने बच्चों को स्नेहपूर्वक दुलार किया, उन्हें चॉकलेट भेंट की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आशीर्वाद दिया। इस मानवीय पहलू ने कार्यक्रम को औपचारिक प्रशासनिक सुनवाई से अलग एक जनसंपर्क का रूप दिया।
आगे की राह
मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार, जनता दर्शन में प्राप्त सभी प्रार्थना पत्रों पर गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों को सौंपी गई है। गोरखपुर प्रशासन से अपेक्षा है कि शिकायत निस्तारण की स्थिति की नियमित समीक्षा की जाएगी।